राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत दो वर्ष के बच्चे का कराया गया निःशुल्क कोकलियर इंप्लांट , जन्मजात बधिरता से निजात का एक प्रयास: सी एम ओ,डॉ जय भगवान जाटान
पलवल-14 फरवरी
कृष्ण कुमार छाबड़ा

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा कॉकलियर इंप्लांट जैसी बहुत ही कीमती ऑपरेशन के लिए 612000 रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर बच्चे को बधिरता से मुक्त करने की और कदम बढ़ाया गया है।
पलवल के शेखपुरा क्षेत्र से 8 महीने की आयु में सक्षम (बदला हुआ नाम) सिविल अस्पताल पलवल में बुखार की चिकित्सा के लिए आया था। बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा बच्चे की जांच करते समय यह पाया गया कि बच्चे को सुनने में परेशानी है तथा इसके लिए कर्ण रोग विशेषज्ञ के पास ओपीडी में भेजा गया जहां पर जांच के उपरान्त यह पता चला कि बच्चा किसी अन्य अस्पताल में भी यह जांच करवा चुका है। किंतु उसे चिकित्सा की कोई सुविधा नहीं प्राप्त हुई थी।
अतः बच्चे को डी ई आई सी में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत चिकित्सा सुविधा पाने हेतु भेजा गया।
डी ई आई सी के माध्यम से बच्चे को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल सेक्टर 32 चंडीगढ़ के स्पेशलिस्ट से बात करने के उपरान्त जांच हेतु भेजा गया । बच्चे के महत्वपूर्ण जांच वहां होने के पश्चात कुछ महीनों तक सुनने की मशीन का प्रयोग करने के लिए कहा गया।
इसी दौरान बच्चे के अन्य जांच करवाई गई जो ऑपरेशन के लिए आवश्यक थी।
बच्चे के ऑपरेशन होने के लिए डी ई आई सी में एक फाइल बनाई जाती है जिसमें बच्चे से संबंधित ज़रूरी कागज़ात तैयार करवाए गए और सिविल सर्जन पलवल द्वारा ऑपरेशन के लिए 612000 रुपए की आर्थिक सहायता राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत स्टेट हेडक्वार्टर पंचकूला से उपलब्ध करवाई गई।
बच्चे को ऑपरेशन के पूर्व, उप सिविल सर्जन आर बी एस के , डी ई आई सी मैनेजर, ऑडियोलॉजिस्ट और आर बी एस के की पलवल टीम द्वारा बच्चे का समय समय पर फॉलो अप किया गया कई बार गाड़ी से डी ई आई सी लाया गया और सभी संबंधित जांच जैसे एक्स रे, एम आर आई और खून की कमी को पूरा करके, सुनने की मशीन प्रदान करने के बाद दोबारा गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल सेक्टर 32 चंडीगढ़ ऑपरेशन की तिथि के लिए भेजा गया। बच्चे को अस्पताल में एडमिट करने के उपरान्त 5 फ़रवरी 2025 को डॉ.रोशन वर्मा स्पेशलिस्ट ई एन टी विभाग गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल सेक्टर 32 चंडीगढ़ द्वारा कॉकलियर इंप्लांट का सफल ऑपरेशन किया गया। 10 फ़रवरी को बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज करके पलवल भेजा गया। अब बच्चे को डी ई आई सी ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच थेरेपिस्ट के माध्यम से स्पीच थैरेपी की सुविधा दी जाएगी ताकि बच्चा सुचारू रूप से सुन और बोल सके।
डॉ जय भगवान जाटान जी ने आम जनता से अनुरोध किया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का लाभ उठाएं तथा 2 वर्ष से कम आयु के जिन बच्चों को बधिरता हो वो चिकित्सा का लाभ उठाएं। यह कार्यक्रम 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ही कॉकलियर इंप्लांट हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करता है।
इसके अतिरिक्त 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को अन्य जन्मजात विकार जैसे हृदय रोग, रीढ़ की हड्डी पर फोड़ा, कटा होंठ, तालु, क्लब फुट मोतियाबिंद, बहरापन, भेंगापन, कूल्हे की हड्डी का खिसकना आदि के लिए भी चिकित्सा सुविधाऐं प्रदान की जा रही हैं। अतः डी ई आई सी सिविल अस्पताल पलवल से संपर्क करें अथवा अपने नज़दीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करें।

















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