संवाददाता:-
हर्षल रावल सिरोही/राज.
सिरोही के मगरीवाड़ा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, एलोपैथिक दवाइयों का जखीरा बरामद, फर्जी डॉक्टर को पकड़ा

झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई में सिरोही की स्वास्थ्य टीम ने रेवदर के मगरीवाड़ा गांव से एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया। वह मेडिकल डिग्री नहीं दिखा पाया।
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सिरोही। राज्य सरकार ने जनसाधारण के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखे जाने की दृष्टि से झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश लगातार दिए जा रहे है। इसी क्रम में 12 फरवरी को रेवदर ब्लॉक के मगरीवाडा गांव में एक झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की गयी!
मगरीवाड़ा गांव में एक झोलाछाप अनाधिकृत रूप से लोगो के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था। सूचना मिलने पर सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने टीम बनाई। जिसमें डिप्टी सीएमएचओ डॉ एसपी शर्मा, आरसीएचओ डॉ रितेश सांखला, बीसीएमओ डॉ लोंग मोहम्मद और सीएचसी रेवदर के इंचार्ज डॉ. मुकेश मीणा सम्मिलित थे। टिम ने मंडार थानाधिकारी रवींद्र पाल राजपुरोहित के निर्देशन में मंडार थाने के हेड कांस्टेबल कांतिलाल के सहयोग से टीम ने झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया।
मौके पर एक महिला के ड्रिप चढ़ रही थी:-
एक 100 वर्ष के बुजुर्ग भी उपचार कराने बैठे थे, जिस पर सीएमएचओ ने मौके पर ही 108 एम्बुलेंस बुला कर सरकारी अस्पताल भिजवाया। झोलाछाप के क्लीनिक पर बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां और लेब जांच के उपकरण बरामद किए गए। जिनको जब्त किया गया। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मुकदमा दर्ज करके अग्रिम जांच पड़ताल करने की जा रही है।
सिरोही सीएमएचओ ने क्या कहा:-
सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि मगरीवाड़ा गांव के लक्ष्मण क्लीनिक के निरीक्षण के दौरान उसकी मेडिकल की डिग्री मांगी गई, लेकिन वह डिग्री नहीं दिखा पाया और बताया कि वो एक फिजियोथेरेपिस्ट है। उससे पूछा गया कि फीजियोथेरेपिस्ट होते हुए वो लोगों का उपचार कैसे कर रहा है और लैब का संचालन कैसे कर रहा है। जिस पर वो कुछ नहीं बता पाया। वो फिजियोथेरेपिस्ट का डिप्लोमा भी नहीं बता पाया।

















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