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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम बच्चों के लिए साबित हो रहा है मील का पत्थर: सिविल सर्जन डॉक्टर जय भगवान जाटान

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम बच्चों के लिए साबित हो रहा है मील का पत्थर: सिविल सर्जन डॉक्टर जय भगवान जाटान

पलवल-13 फरवरी
कृष्ण कुमार छाबड़ा

सिविल सर्जन डॉक्टर जय भगवान जाटान ने आज राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की ज़िला स्तर की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न विभागों से आए सभी अधिकारियों को प्रोग्राम के बारे में विस्तारपूर्वक बताया कि यह प्रोग्राम स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 2013 में हरियाणा में शुरू किया गया तथा जिला पलवल में भी 2013 में ही शुरू किया गया था। इसका लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को एक बेहतर और स्वस्थ भविष्य प्रदान करना है। इसका लक्ष्य है: जन्मजात विकार, बीमारियां, मानसिक और शारीरिक विकास में कमी तथा पोषक तत्वों की कमी को पूरा कर बच्चों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना।


यह प्रोग्राम प्रत्येक ब्लॉक में भी सुचारू रूप से चलाया जा रहा है तथा 9 मोबाइल हेल्थ टीमें इसमें कार्य कर रही हैं। जिनमें 2 डॉक्टर्स, 1 फार्मासिस्ट और 1 एएनएम हैं। स्कूल तथा आंगनवाड़ियों से बच्चों को स्क्रीन करके डीईआईसी भेजा जाता है जिसमें मुख्य रूप से जन्मजात विकार और मानसिक एवं शारीरिक विकास में कमी वाले बच्चों को ऑपरेशन तथा थैरेपी के माध्यम से चिकित्सा सुविधाऐं दी जा रही हैं। अन्य प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी बीमारियों और पोषक तत्वों की कमी के लिए चिकित्सा सुविधाऐं दी जा रही हैं।
प्रोग्राम के तहत डीईआईसी सिविल अस्पताल पलवल में प्रत्येक माह मेडिकल और डेंटल कैंप लगाए जा रहे हैं। प्रत्येक सोमवार को क्लब फुट क्लीनिक लगाया जाता है तथा अनुष्का फाउंडेशन की सहायता से बच्चों को ब्रेसेस और जूते दिए जा रहे हैं।
इस वर्ष अप्रैल से दिसंबर तक लगभग 107 बच्चों को ऑपरेशन की सुविधा प्रदान की गई एवं स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया। जिसमें कि
क्लब फुट: 38
कटे होंठ व तालु: 22
जन्मजात हृदय विकार: 12
न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट: 01
कोक्लियर इंप्लांट: 01
भेंगापन व मोतियाबिंद:32
सुनने की मशीन:1
आदि की सुविधाएं निशुल्क दी जा चुकी हैं।
डीईआईसी के माध्यम से सरकार द्वारा अनुबंधित अस्पतालों में बच्चों को ऑपरेशन की सुविधा दी जा रही है।
इसके अतिरिक्त डी ई आई सी में ऑडियोलॉजिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, फिजियोथैरेपिस्ट , अर्ली इंटरवेंशनिस्ट भी उपलब्ध हैं जो बच्चों को शारीरिक और मानसिक विकास से संबंधित थैरेपी प्रदान करते हैं।
ऑडियोमेट्री रूम भी अस्पताल में उपलब्ध करवा दिया गया है जिसमें ए एस एस आर, बेरा टेस्ट आदि की सुविधा भी उपलब्ध हैं।
हाल ही में जन्मजात बधिरता से ग्रस्त 2 वर्ष के एक बच्चे का सफल ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज सेक्टर 32 चंडीगढ़ में करवाया गया जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 612000/ रुपए की धनराशि प्रदान की है और अब डीईआईसी में उसको थैरेपी प्रदान की जाएगी ताकि बोलने और सुनने की क्षमता विकसित की जा सके।
डाउन सिंड्रोम, सेरेब्रल पाल्सी, ऑटिज्म बिहेवियर डिसऑर्डर, डेवलपमेंटल डिले के बच्चों को यहां थैरेपी की सुविधा दी जा रही है।
वूमेन एंड चाइल्ड वेलफेयर डिपार्टमेंट, शिक्षा विभाग, पंचायती राज और अन्य विभागों से अनुरोध किया कि बच्चों की अधिक से अधिक संख्या में स्कूल तथा आंगनवाड़ी सेंटर पर उपस्थिति दर्ज करवाएं । गांव में मुनादी करवाकर आंगनवाड़ी सेंटर में जांच करवाने के लिए प्रोत्साहित करें तथा इस प्रोग्राम के अन्तर्गत चिकित्सा सुविधा प्राप्त करके बच्चों को स्वास्थ्य लाभ उठाने के लिए माता पिता को प्रेरित करें।
डी ई आई सी एक ऐसा यूनिट है जिसमें उपलब्ध स्वास्थ्य कार्यकर्ता अन्य किसी भी सरकारी चिकित्सालय में उपलब्ध नहीं हैं। अतः बच्चों की थैरेपी से संबंधित सुविधाएं यहां से निशुल्क प्राप्त करें।
सभी प्राइवेट अस्पतालों से भी बच्चों को जन्मजात विकारों और 0 से 6 वर्ष के बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास से संबंधित थैरेपी की सुविधा यहां से निशुल्क प्राप्त की जा सकती हैं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम निम्न विकारों के लिए ऑपरेशन की सुविधा देता है:
जन्मजात हृदय रोग,
मोतियाबिंद, भेंगापन
बधिरता
कटा होंठ ,तालु
क्लब फुट (टेढ़े पैर)
डाउन सिंड्रोम
डेवलपमेंटल डिसप्लेशिया ऑफ हिप (कूल्हे की हड्डी का खिसकना)
रीढ़ की हड्डी पर फोड़ा ।
अन्य शारीरिक मानसिक विकास से संबंधित: ऑटिज्म, बिहेवियर प्रॉब्लम, बच्चे की समझने की क्षमता में कमी, बोलने में दिक्कत आदि।
सीएमओ डॉ जय भगवान जाटान जी ने यह भी बताया कि गर्भावस्था में फोलिक एसिड की कमी से यह विकार होने के ज्यादा आशंका रहती है अतः आयरन और फोलिक एसिड की गोली जरूर खाएं। इस तरह की मीटिंग ज़िला स्तर पर की जानी अति आवश्यक है ताकि कार्यक्रमों को सुचारू रूप से चलाया जा सके। मीटिंग के दौरान उप सिविल सर्जन आर बी एस के प्रोग्राम, उप सिविल सर्जन बाल स्वास्थ्य और मातृ स्वास्थ्य , डी एई आई सी मैनेजर , आर बी एस के कॉर्डिनेटर, ज़िला प्रोग्राम मैनेजर,ज़िला आशा कॉर्डिनेटर शिक्षा विभाग, डब्ल्यू सी डी, पंचायती राज विभाग से ब्लॉक एवं जिला अधिकारी,सोमार्थ इनक्लेन के अधिकारी तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पलवल के प्रेसिडेंट उपस्थित रहे।

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