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सावधानी से ही इंटरनेट के खतरों से किया जा सकता है बचाव : उपायुक्त

सावधानी से ही इंटरनेट के खतरों से किया जा सकता है बचाव : उपायुक्त

– जिला में सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर ‘टूगेदर फॉर ए बेटर इंटरनेट’ थीम के साथ हुआ जागरूकता सेमिनार का आयोजन

पलवल, 11 फरवरी
कृष्ण कुमार छाबड़ा

एनआईसी पलवल की ओर से मंगलवार को जिला सचिवालय स्थित सभागार में ‘टूगेदर फॉर ए बेटर इंटरनेट’ थीम के साथ सुरक्षित इंटरनेट दिवस-2025 के अवसर पर जिला स्तरीय जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बतौर मुख्य अतिथि सेमिनार का शुभारंभ करते हुए आमजन को इंटरनेट के सुरक्षित प्रयोग बारे जागरूक किया। सेमिनार में वर्तमान में हो रहे साइबर फ्रॉड एवं उनसे वचाव के उपायों पऱ चर्चा की गई। इस अवसर पर साइबर एक्सपर्ट द्वारा इंटरनेट के सुरक्षित प्रयोग बारे सुझाव दिए गए। वहीं सीएससी संचालकों द्वारा गांवों में साइबर सुरक्षा के संबंध में आमजन को अभियान चलाकर जागरूक किया गया। ग्राम सचिव व अन्य वर्चुअल माध्यम से सेमिनार से जुड़े।
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि डिजिटल युग में एक क्लिक से अवसरों के साथ साथ खतरों के दरवाजे खुल जाते हैं। मोबाइल इंटरनेट से जुड़ा है और इसके जरिए पैसे का ऑनलाइन लेनदेन भी होता है। इस दौरान थोड़ी सी लापरवाही से आपको आर्थिक नुकसान हो सकता है, इसलिए सावधानी से मोबाइल का उपयोग करना चाहिए। इसी तरह से सोशल मीडिया, फेसबुक व वॉट्सएप, इत्यादि का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें, नहीं तो आप संकट में फंस सकते हैं। आमजन साइबर ठगी से बचने के लिए स्टॉप, थिंक, टेक एक्शन तकनीक अपनाए। उन्होंने आमजन से साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि कही भी इन्वेस्टमेंट करते समय पहले उसका अच्छी तरह से अध्ययन कर लें और ऐसे ही किसी सोशल मीडिया पर प्राप्त लालची ऑफर में आकर अपना पैसा न गवाएं। अन्यथा आपको भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसी भी लालच या प्रलोभन के चक्कर में न आएं। अपना पासवर्ड, ओटीपी, एमपिन, व्यक्तिगत जानकारी किसी से शेयर न करें। उन्होंने कहा कि इंटरनेट हैकरों से बचाव के लिए अपना पिन नंबर व ओटीपी  न बताएं,  ओटीपी शेयर न करें, पासवर्ड कामन न रखें और इसे नियमित रूप से बदलते रहें। साइबर ठगी का शिकार होने से बचने के लिए रुकें, सोचें व एक्शन लें।

जागरूकता सेमिनार में साइबर थाना से एएसआई नरेश कुमार ने विभिन्न प्रकार की जानकारी देते हुए कहा कि आमजन साइबर ठगों के जाल में न फंसे और सावधान व सतर्क रहें। आमजन कोई भी वेबसाइट, पोर्टल पर विजिट करने व लिंक को खोलने से पूर्व सुनिश्चित कर लें कि इस्तेमाल की जा रही वेबसाइट, पोर्टल या लिंक पूरी तरह सुरक्षित है। यदि यदि फिर भी किन्ही कारणों से आपके साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो आप सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें और अपनी शिकायत को साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज करें। उन्होंने डिजिटल एरेस्ट ठगी बारे में विस्तार से जानकारी सांझा की।
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के तकनीकी निदेशक धर्मेंद्र पाल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर एनआईसी द्वारा हरियाणाभर में प्रत्येक जिला स्तर नागरिकों और अधिकारियों को सुरक्षित इंटरनेट के बारे में जागरूक करने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है। उन्होंने जागरूक करते हुए कहा कि अधिकारी और कर्मचारी हमेशा सुरक्षित ब्राउजर का उपयोग करें और प्रोफाइल पोस्ट की गोपनीयता बनाए रखें। अपने प्रोफाइल फोटो व स्टेटस को केवल अपने संपर्क के लोगों के साथ ही सांझा करें। लॉगिन अलर्ट नहीं हैं तो अपने फोन को लॉक करके रखें। स्क्रीन शेयर न करें। सावधानी बरतने से ही ऐसे धोखों से बचाव हो सकता है। इस अवसर पर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन व शॉर्ट वीडियो के माध्यम से भी जागरूक किया गया। सेमिनार में एडीसी अखिल पिलानी, एसडीएम ज्योति, सीटीएम अप्रतिम सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार बघेल, जिला बाल विकास अधिकारी सुरेखा डागर सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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