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गुप्त नवरात्रि में मां की 10 महाविद्याओं की पूजा-अर्चना करने से सभी कष्ट दूर होते हैंः श्रीमहंत हरि गिरि महाराज

Parul Rathaur
Prayagraj

गुप्त नवरात्रि में मां की 10 महाविद्याओं की पूजा-अर्चना करने से सभी कष्ट दूर होते हैंः श्रीमहंत हरि गिरि महाराज


श्री दूधेश्वर नाथ महादेव कुंभ मेला शिविर में गुप्त नवरात्रि अनुष्ठान के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालओं ने मां तारा की पूजा-अर्चना की

मां की दूसरी महाविद्या मां तारा सभी परेशानियों को दूर करती हैंः श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज
प्रयागराजः
श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मठ मंदिर द्वारा सेक्टर 20 संगम लोअर मार्ग पर शास्त्री ब्रिज के नीचे कुंभ मेला क्षेत्र में लगाए गए श्री दूधेश्वर नाथ महादेव कुंभ मेला शिविर में गुप्त नवरात्रि अनुष्ठान


दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने दिन में दूसरी महाविद्या तारा देवी, महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती सभी देवी-देवताओं की आराधना की व शतचंडी पाठ में भाग लिया। रात्रि में शतचंडी महायज्ञ में आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के दिशा.निर्देशन व श्री दूधेश्वर मंदिर के पीठाधीश्वर व जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता में चल रहे गुप्त नवरात्रि अनुष्ठान के दूसरे दिन श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने मां तारा देवी, सभी देवी-देवताओं, महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती व मां दुर्गा का पूजन.पाठ कर विश्व कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि गुप्त नवरात्रि में मां की 10 महाविद्याओं की पूजा-अर्चना करने से सभी कष्ट व पाप दूर होते हैं और मां की कृपा से जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि रहती है। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि 10 महाविद्याओं में दूसरी महाविद्या मां तारा हैं। ये परेशानियों को दूर करती हैं। इसी कारण इन्हें तारने वाली तारा माता कहा जाता है। सर्वप्रथम महर्षि वशिष्ठ ने इनकी आराधना की थी।

देवी के इस रूप की आराधना करने पर आर्थिक उन्नति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तारापीठ है इसी स्थान पर देवी तारा की उपासना महर्षि वशिष्ठ ने करके तमाम सिद्धियां हासिल की थी। तारा देवी का दूसरा प्रसिद्ध मंदिर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्थित है। तारा मां को जगृति करने के लिए ऊँ ह्नीं स्त्रीं हुम फट मंत्र का जाप करना चाहिए। गुप्त नवरात्रि अनुष्ठान के दूसरे दिन महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि महाराज, शिवकुमार चांदी वाले चौपला मंदिर ईश्वर पंडित चौपला मंदिर मालूम सिंह जौधपुर, श्रीराम देवासी जौधपुर, नाथूराम प्रजापत गंुटूर डॉ उदिता त्यागी, अनिल यादव आदि शामिल हुए। गुप्त नवरात्रि अनुष्ठान श्री दूधेश्वर वेद पीठ के आचार्य तयारोज उपाध्याय व 11 पडितों की देख-रेख में 6 फरवरी तक चलेगा। 7 फरवरी को कन्या पूजन व भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

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