गंगेश कुमार पाण्डेय
(ब्यूरोचीफ) सत्यार्थ न्यूज़ सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश
स्टाफ ने प्रसूता को फर्श पर घसीटा, ,तीमारदारों से की मारपीट

सत्यार्थ न्यूज़ सुलतानपुर:
मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में बुधवार को मामूली कहासुनी के बाद मेडिकल स्टाफ ने प्रसूता व तीमारदारों की जमकर पिटाई कर दी। प्रसूता को फर्श पर घसीटा और लात-घूंसों से मारापीटा गया। मारपीट में जूनियर डॉक्टर भी शामिल हो गए।
करीब आधे घंटे बवाल के बाद प्रसूता व तीमारदारों को अस्पताल से बाहर कर दिया। दर्द से कराहती प्रसूता को किसी तरह परिवारीजन लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे। वहां एसपी से मुलाकात के पहले ही प्रसूता की हालत बिगड़ गई, उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के करौंदिया निवासी बब्लू ने पत्नी अमृता को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार सुबह करीब 3:00 बजे महिला अस्पताल में भर्ती कराया। बब्लू ने बताया कि दो-दो अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में जच्चा-बच्चा की स्थिति नार्मल थी। प्रसव पीड़ा होने के बाद भी डिलीवरी नहीं हुई तो तीमारदारों ने ऑपरेशन के लिए कहा। इलाज कर रही चिकित्सक डॉ. कुसुमलता ने मना कर दिया। मंगलवार शाम 7:14 बजे उसे लेबर रूम ले जाया गया। आरोप है कि डॉक्टर ने गलत तरीके से प्रसव कराया। अमृता को मृत बच्चा हुआ, लेकिन दर्द कम नहीं हुआ। उसे पीएनसी वार्ड में भर्ती कर दिया गया। उसे लगातार दर्द हो रहा था, इंजेक्शन लगाकर स्टाफ चला जा रहा था।
बुधवार दोपहर में दर्द के कारण अमृता बेहोश हो गई तो डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन कोई देखने नहीं आया। पति ने वहां मौजूद एक जूनियर रेजीडेंट चिकित्सक से शिकायत की तो मामला बिगड़ गया और बहस होने लगी।
“फोनकर बुलाए गए मेडिकल स्टाफ, सहमे मरीज”
प्रसूता अमृता ने बताया कि मौजूद जेआर चिकित्सक ने फोन कर कुछ मेडिकल स्टाफ को बुलाया। स्टाफ ने उसे पीटना शुरू कर दिया। गालियां दी और बेड से उठाकर नीचे फर्श पर घसीटना शुरू कर दिया। बचाने आए तीमारदारों की पिटाई कर दी। भर्ती अन्य मरीजाें के तीमारदारों ने बीच-बचाव किया तो उनसे भी मारपीट की। एक तीमारदार ने बताया कि उन्हें भी बीच-बचाव में चोटें आई हैं, बाद में धमकी देकर हटा दिया। घटना से वहां भर्ती महिला मरीज और तीमारदार सहम गए।
पुलिस व सीनियर डॉक्टर ने कराया मामला शांत
बवाल के बीच किसी ने सूचना कोतवाली नगर पुलिस को दी। पुलिस के साथ ही सीएमएस महिला डॉ.आरके यादव, डॉ. पवन सिंह समेत अन्य सीनियर डॉक्टर पहुंचे तो मामला शांत हुआ और मेडिकल स्टाफ तितर-बितर हुआ।
व्हील चेयर पर बैठाकर प्रसूता को लेकर भागे तीमारदार
मारपीट के बाद प्रसूता को धमकी देते हुए दूसरी जगह इलाज कराने के लिए कह दिया गया। इसके बाद डरे तीमारदारों ने प्रसूता को व्हील चेयर पर बैठाकर तीसरे तल से नीचे आए और ई रिक्शा कर अस्पताल से भाग गए।
“सीएमएस बोले, घसीटने का आरोप निराधार”
मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके यादव ने बताया कि मारपीट की घटना हुई है। नवजात की मौत के बाद से ही तीमारदार नाराज थे। शुरुआत तीमारदारों ने की, जिसके बाद यह घटना हुई। फर्श पर घसीटने और अस्पताल से भगाने का आरोप निराधार है। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई है।
“नहीं मिली किसी तरफ से तहरीर”
कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक नारद मुनि ने बताया कि अभी किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी।















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