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उच्चारण को शुद्ध और प्रभावी बनाती है संस्कृत भाषा: एसडीएम

उच्चारण को शुद्ध और प्रभावी बनाती है संस्कृत भाषा: एसडीएम

 पलवल में संस्कृत भारती हरियाणा के आवासीय प्रबोधन वर्ग का हुआ भव्य समापन

पलवल, 19 जनवरी
कृष्ण कुमार छाबड़ा

पलवल में चल रहे संस्कृत भारती हरियाणा के आवासीय प्रबोधन वर्ग का भव्य समापन हो गया। समापन समारोह में हथीन एसडीएम संदीप अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत भारती के उत्तर क्षेत्र मंत्री प्रो. यशवीर सिंह ने की। मुख्य अतिथि एसडीएम संदीप अग्रवाल ने वर्गार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा मुझे बहुत अच्छी लगती है। संस्कृत भाषा के सुनने मात्र से आनंद की प्राप्ति होती है। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह रही कि जब उन्होंने वर्गार्थियों से संवाद किया तो वर्गार्थियों ने उनके प्रश्नों के उत्तर संस्कृत भाषा में ही दिए । इस पर उन्होंने कहा कि संस्कृत भारती की संस्कृत भाषा सिखाने की शैली अद्भुत है। इसके साथ-साथ उन्होंने आगे कहा कि संस्कृत भारती संगठन इस क्षेत्र में एक अद्वितीय कार्य कर रहा है । उन्होंने इस आवासीय भाषा प्रबोधन वर्ग में आए हुए सभी वर्गार्थियों और संस्कृत भारती के सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देकर उन्हें प्रोत्साहित किया ।
एसडीएम ने कहा कि संस्कृत सभी भारतीय भाषाओं का मूल है, हमारी संस्कृति की जड़ें भी वहीं से निकलती हैं। संस्कृत सबसे बड़े शब्दकोश वाली भाषा है। हम गौरवान्वित महसूस करते हैं कि हम ऐसी माटी से आते हैं जहां से यह देवभाषा निकली। संस्कृत एक ऐसी भाषा है जिसमें मनुष्य का स्वभाव एवं विचार अपने आप ही उसके वचनों से व्यतीत हो जाता है और उसका व्यक्तित्व समझ आ जाता है। संस्कृत सीखे बिना हम अपने उस साहित्य को नहीं जान सकते, जो ऋषि मुनि और तपस्वी धरोहर के रूप में छोड़ गए हैं। इस भाषा को बोलने, सीखने से उच्चारण शुद्ध और प्रभावी होता है। हमें अपनी भाषा और अपनी संस्कृति पर अधिक जोर देना चाहिए और बच्चों को बचपन से ही संस्कृत का अध्ययन शुरू करना चाहिए।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हथीन एसडीएम संदीप अग्रवाल का स्वागत, सत्कार एवं सम्मान पलवल जनपद मंत्री राकेश शास्त्री तथा रेवाड़ी जनपद संयोजक सुरेन्द्र कुमार ने, मुख्य वक्ता प्रोफेसर यशवीर सिंह का स्वागत, सत्कार एवं सम्मान प्रांत मंत्री प्रमोद शास्त्री तथा जनपद अध्यक्ष कुबेर दत्त गौतम ने श्रीफल, शाल एवं संस्कृत भारती की पुस्तकें प्रदान कर किया। वर्गाधिकारी को प्रांत प्रचार प्रमुख सतेन्द्र कुमार तथा रेवाड़ी जनपद संयोजक सुरेन्द्र कुमार ने, प्रांत मंत्री प्रमोद शास्त्री को पलवल जनपद सम्पर्क प्रमुख सतपाल सिंह देशवाल तथा पलवल जनपद अध्यक्ष कुबेर दत्त गौतम को वर्ग प्रशिक्षण प्रमुख अजय शास्त्री तथा पलवल जनपद सम्पर्क प्रमुख सतपाल सिंह देशवाल ने श्रीफल, पटका एवं संस्कृत भारती की पुस्तकें प्रदान कर सम्मानित किया।
वर्ग अधिकारी आचार्य तेजसिह शास्त्री ने इस आवासीय वर्ग में रहने का अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह आवासीय प्रबोधन वर्ग वर्ग मुझे आजीवन अविस्मरणीय रहेगा। तत्पश्चात् उन्होंने एक संस्कृत भाषा में स्वरचित गीत प्रस्तुत किया।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित उत्तर क्षेत्र मंत्री प्रोफेसर यशवीर सिंह आचार्य श्री लाल बहादुर शास्त्री केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली ने कहा मनुष्य के जीवन में सबसे अधिक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक उन्नति है और आध्यात्मिक उन्नति का आधार संस्कृत भाषा है रावण ने भी ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करते हुए 48 वर्ष की आयु तक वेदों का अध्ययन किया । संस्कृत में अत्यधिक ज्ञान और विज्ञान निहित है जिस पर निरंतर अनुसंधान करने की आवश्यकता है ।  हम संस्कृत ग्रंथों में निहित ज्ञान और विज्ञान का अनुसंधान कर हम विश्व में भारत को अग्रणी बना सकते हैं । इसलिए संस्कृत भाषा हम सभी को जरूर पढ़ना और सीखनी चाहिए । संस्कृत से ही हमारी संस्कृति सुरक्षित है ।
प्रांत मंत्री प्रमोद शास्त्री ने संस्कृत भारती संगठन का परिचय करवाते हुए बताया कि संस्कृत भारती देश और विदेश में पिछले 45 वर्षों से काम कर रही है । संस्कृत भारती हरियाणा वर्ष 2000 से अब तक प्रांत में 10000 लोगों को संस्कृत संभाषण में प्रशिक्षित कर चुकी है । संस्कृत भारती संगठन प्रांत में आवासीय प्रबोधनवर्ग, प्रशिक्षण वर्ग, संभाषण शिबिर, पत्राचार द्वारा संस्कृतम्, गीता शिक्षण केंद्र
श्लोक एवं स्तोत्र पठन केन्द्र आदि अनेक कार्यक्रम निरंतर चला रहा है ।
समापन कार्यक्रम का संचालन प्रांत प्रशिक्षण डॉ. नवीन शर्मा ने किया । कार्यक्रम में पधारे अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन प्रांत पलवल जनपद अध्यक्ष कुबेर दत्त गौतम ने किया । इस कार्यक्रम में वर्गार्थियों  ने अनेक प्रस्तुतियां दीं जिनमें नाटक, समूह गीत और संवाद आदि विशेष रहे । वर्गार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘संस्कृत ज्वर’ नाटक ने सभी को मंत्र मुक्त कर दिया ।
इस कार्यक्रम में बृजेन्द्र शास्त्री, शक्तिपाल मंगला, मोहित सैनी, अतर सिंह शास्त्री, उदय प्रकाश शास्त्री, विजय शास्त्री, सत्यम्, मोहित, काशी राम, रणजीत शास्त्री कपिल, मंजू, निशा आदि गणमान्य उपस्थित रहे।

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