स्कूलों में चल रही अनफिट बसें स्कूल संचालकों की लापरवाही बच्चों की जान जोखिम में
संवाददाता गोविन्द दुबे उदयपुरा

उदयपुरा मध्यप्रदेश/रोहित विद्या मंदिर नूरनगर की स्कूल खटारा बस जो ग्राम छातेर में सुबह पलट गई थी।जिसमे लगभग 10 से अधिक छात्र छात्राओं के घायल होने की सूचना आ रही है।मामले को मीडिया से दूर रखने के उद्देश्य से प्रबंधन की चालाकी के चलते सभी घायल छात्र छात्राओ में से एक को भी उपचार के लिये उदयपुरा नही लाया गया।कुछ को बरेली तो कुछ को पिपरिया उपचार के लिये भेजा गया है। स्कूल टीचर सलोनी धाकड़ हुईं घायल मामले को लेकर स्थिति यहाँ तक बनी है कि स्कूल प्रबंधन के प्रभाव के चलते घटना के 6घण्टे बाद तक किसी भी परिजन द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई।यहां उक्त दुर्घटना अनेक प्रश्न तो खड़े कर ही रही है साथ ही स्कूल प्रबंधन की शिक्षा बिभाग सहित परिबहन बिभाग से जबरदस्त सेटिंग भी उजागर कर रही है जिसके चलते कंडम बस द्वारा सभी नियमो को ताक पर रखकर स्कूली छात्र छात्राओं का परिबहन किया जा रहा था।
•अनफ़िट स्कूल बसों से जुड़ी कुछ खास बातें:
स्कूल बसों में सुरक्षा के लिए दो आपातकालीन निकास द्वार होने चाहिए.
स्कूल बसों में अग्निशमन यंत्र लगा होना चाहिए.
स्कूल बसों में सभी खिड़कियों के बाहर लोहे की ग्रिल होनी चाहिए.
स्कूल बसों में स्कूल का नाम और फ़ोन नंबर लिखा होना चाहिए.
स्कूल बसों में दरवाज़े पर ताला लगा होना चाहिए.
स्कूल बसों में सीटों के बीच पर्याप्त जगह होनी चाहिए.
स्कूल बसों का रंग पीला होना चाहिए.
स्कूल बस चलाने वाले ड्राइवर के पास कम से कम पांच साल का वाहन चलाने का अनुभव होना चाहिए.
स्कूल बस चलाने के लिए ड्राइवर को परिवहन विभाग से विशेष लाइसेंस लेना होता है.
















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