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सर्दी के मौसम मे डेंगू व मलेरिया के मच्छरों से करें बचाव : सिविल सर्जन डा. जयभगवान जाटान

सर्दी के मौसम मे डेंगू व मलेरिया के मच्छरों से करें बचाव : सिविल सर्जन डा. जयभगवान जाटान

पलवल-12 जनवरी
कृष्ण कुमार छाबड़ा

सिविल सर्जन डा. जयभगवान जाटान ने बताया कि सर्दी का मौसम में आमजन डेंगू के मच्छरों से अपना बचाव रखें। उन्होंने बताया कि उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठï ने सभी नगर पारिषद और सभी पंचायत अधिकारियों को हर 15 दिन मे फोगिंग करने के निर्देश दिए हैं, जिसकी कीटनाशक दवाई जिला मलेरिया कार्यालय पलवल से स्वास्थ्य निरीक्षक रामअवतार से प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि मलेरिया व डेंगू के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर मच्छर के लार्वा की जांच कर रही है और बुखार आने पर मलेरिया, डेंगू की जांच के लिए लोगो को जागरूक कर रही है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अब तक 1768 ऐसे घरों मे हिदायत संबंधी नोटिस दिए है, जिनमें मलेरिया, डेंगू मच्छरों के लार्वा पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पानी जहां भी जमा हो जाता है, वहां पर मलेरिया व डेंगू फैलाने वाले मच्छर अंडे देना शुरू कर देते है, जिससे मच्छरों की ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है और बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है, इसलिए समुदाय में लोग अपने घरों व कार्यस्थल के आप-पास पानी एकत्रित न होने दें। अगर पानी के निकासी की सुविधा न हो तो उसमे काला तेल डाल दें, जिससे मच्छर के लार्वा व अंडे समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी लार्वा की जांच करने के लिए 20 ब्रीडिंग चेकर रखे गए है। इसके अलावा सिविल अस्पताल पलवल में डेंगू व मलेरिया की मुफ्त जांच उपलब्ध है। कोई भी बुखार का मरीज डेंगू व मलेरिया की जांच करा सकता है।
जिला मलेरिया अधिकारी डा. नवीन गर्ग ने सभी आमजन से सप्ताह में प्रत्येक रविवार को समुदाय में ड्राई डे मनाने के लिए अपील की है। इसके तहत घरों मे रखे कूलर व छतों पर रखी टंकियों को रगडकऱ साफ करें व पीने के पानी को ढक कर रखे। इसके आलवा फ्रीज की ट्रे को सप्ताह में एक बार जरूर साफ करें। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर पानी के स्रोतों की लगातार जांच कर रही है। जिले में हर महीने 1 से 10 तारीख तक रैपिड फीवर सर्वे किया जाता है ।
जिला पलवल मे अर्बन मलेरिया विभाग की टीम डेंगू व मलेरिया के बचाव के लिए लगातार कार्य कर रही है। जिले में अब तक मलेरिया के 2 केस (राज्य से बाहर), डेंगू के 29, चिकिनगुनिया के 12 केस पाए गए है। जिला पलवल का स्वास्थ्य विभाग डेंगू को लेकर पूरी तरह से मुस्तैदी के साथ अपने कार्य मे लगा हुआ है। जिला पलवल मे डेंगू के लार्वा की जांच के लिए अब तक 11,32,957 से ज्यादा घरों मे लार्वा की जांच हो चुकी है, जिनमें घरों के कूलर, टंकी, फ्रिज की ट्रे की जांच हो चुकी है। इसके साथ ही तालाब व गंदे नाले की सफाई के लिए नगर परिषद भी कार्य कर रहा है।
डा. मंजीत गौतम ने बताया कि जिले की 288 जोहड़ों मे लार्वा को खाने वाली गम्बुजिया मछली छोड़ी जा चुकी है, जिनमे स्वस्थ्य विभाग की टीमो द्वारा एंटी लार्वा संबंधित जरूरी एक्टिविटीज करवाई जा रही है, जिसके तहत एक सघन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। डेंगू के लिए आमजन की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नं. 01275-240022 है।
डेंगू के लक्षण
-अकस्मात तेज बुखार का होना, अचानक तेज सिर दर्द होना, मांसपेशियों तथा जोड़ो मे दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना, जोकि आंखों को घुमाने से बढ़ता है।
बचाव के लिए यह करे-
-घरों के आसपास गड्डों को मिट्टी से भरवा दें, अपने कूलर-होदी या पानी से भरे हुए बर्तन सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें व कपडे से अच्छी तरह से रगड़ कर साफ करके प्रयोग करे। शरीर को ढककर रखे और मच्छर रोधी दवा या क्रीम व कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें एवं पूरी बाजू के वस्त्र पहने। छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखे। बुखार आने पर डाक्टर की सलाह अवश्य लें।
यह न करें-
बिना चिकित्सक की सलाी के दवा न खाएं, एसप्रीन, ब्रुफिन दवाइयों का सेवन न करे। पुराना सामान जैसे टायर, ट्यूब, खाली डिब्बे, पॉलिथीन के लिफाफे खुले मे न फैंके, ताकि बरसात का पानी उनमें न भरे। कार्य में न आ रहे कुलर में पानी इक_ा न होने दें। हैंडपंप या नल के आस-पास पानी जमा न होने दें। टायर ट्यूब, खाली डिब्बे खुले मे न छोड़ें।

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