धोखाधड़ी करने ठगों ने निकाले नए तरीके, थाना प्रभारी बोले : सजग रहें
इनाम, लॉटरी और 70 से 80% डिस्काउंट का ऑफर देकर लोगों के साथ कर रहे ठगी
संवाददाता कृष्ण कुमार भार्गव बरेली

बरेली/ नगर में साइबर क्राइम को लेकर आए-दिन कोई ना कोई मामले सामने आ रहे हैं। ठगों ने भी लोगों के साथ ठगी करने के लिए नए नए तरीके निकाल लिए हैं। इस दौरान साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए पार्सल पहुंचा रहे हैं बिना बुलाए आने वाले पार्सल को जब लेने से मना किया जाता है तो सामने से कहा जाता है आप यदि पार्सल नहीं ले रहे हैं तो ओटीपी दे दीजिए आपका पार्सल कैंसिल कर दिया जाएगा। जैसे ही ओटीपी दी जाती है तो और तत्काल आपके खाते से एक बड़ी राशि कट जाती है। वहीं दूसरी ओर लोगों को फोन आ रहे हैं इस दौरान कहा जा रहा है कि आपका बच्चा बाहर पढ़ता है
ऐसा ही मामला बबलेश कुमार आ० फूलसिंह आयु 42 वर्ष जाति किरार निवासी ग्राम बकतरा तहसील बुदनी का है जिसमें जियो अधिकारी बनकर माई जियो आफिस से सिम अपडेट करने के आधार के नाम पर आधार कार्ड नं. लेकर ओ.टी.पी.डाल उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते क्रमांक 30244980124 में से 4000/रू तथा मेरी पत्नी सुषमाबाई के खाता क्रमांक 722002010007694 यूनियन बैंक से 3000 रू दोनों खाते से 8000/रूपये आज दिनांक 14.12.24 को आवेदक के खाते यूनियत से 1000/रू समय 5:26 वीडियो काल करके चेहरा स्क्रेन करके मेरे खाते से अलग अलग समय में काट लिये गये मेरा आ.का. नं. 5725-8820-4536 से निकाल लिये गये।
इनका कहना है नं. 8777594817 से मोबाईल आया था कार्यवाही हेतु पुलिस चौकी को दे रहा हूँ।
जालसाजों के ठगने के नए-नए हथकंडे
थाना प्रभारी कपिल गुप्ता ने बताया कि इन जालसाजों के द्वारा तरह-तरह से लोगों को ठगने के हथकंडे अपनाए जाते हैं। एक प्रकार की स्कीम ठगों के द्वारा एक निर्धारित समय तक ही चलते हैं। साइबर ठगी से बचने के लिए यह जरूरी है कि ग्राहक हमेशा सजग रहें। वर्तमान में पार्सल वापसी को लेकर ओटीपी की मांग की जाती है जबकि व्यक्ति के द्वारा पार्सल मंगाया ही नहीं है तो ओटीपी क्यों दें। वहीं दूसरी ओर यदि कोई आपको बैंक के नाम से फोन लगाता तो तत्काल बैंक से संपर्क करें कोई भी बैंक कभी भी अपने ग्राहक से फोन पर किसी प्रकार की जानकारी नहीं लेती है। बैंक अपने ग्राहक को सीधा ब्रांच में आकर संपर्क करने को बोलती है।
आपका बच्चा एक बड़े अपराध में गिरफ्तार हो चुका है यदि बच्चे का भविष्य खराब नहीं करना है तो ले दे के मामले को बाहर ही खत्म कर दीजिए। इसलिए हमारे खातों में राशि डालना पड़ेगी। वहीं दूसरी ओर अनजान नंबरों से आने वाली
वीडियो कॉलिंग के दौरान अश्लील फिल्म दिखाकर ब्लैकमेल की भी शिकायतें भी सामने आ रही हैं। नगर में कई मामले हो चुके हैं जिम खासकर युवा ऐसे मामलों में फंस चुके हैं और कई हजारों रुपया देकर मामले से निकाल पाए हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
– फोन पर किसी को भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी, एटीएम पासवर्ड, सीवीवी नंबर या ओटीपी की जानकारी न दें।
– समय-समय पर अपने पासवर्ड को बदलते रहें।
– ऑनलाइन फार्म भरने के कारण भी आप हैकर्स के गिरफ्त में आ सकते हैं। क्योंकि फर्म में हमें पूरी जानकारी देनी होती है साथ ही भुगतान के लिए बैंक डिटेल्स भी भरनी होती है
ऐसे फोन नंबर से बचें जो कि अलग प्रकार के होते हैं जिस नंबर के शुरूआत में +92 हो। क्योंकि इस नंबर से फोन उठाते ही आपकी कई महत्वपूर्ण जानकारियां लीक हो सकती है।


















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