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 ऐसी बनाई कमानी कि वर्कशॉप से बस अड्डे पहुंचते ही खुली, दूसरी बस में डीजल रिसाव

बरेली से यूसुफ़ खान की रिपोर्ट

 ऐसी बनाई कमानी कि वर्कशॉप से बस अड्डे पहुंचते ही खुली, दूसरी बस में डीजल रिसाव

बरेली। मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी बरेली और रुहेलखंड डिपो की बसें वर्कशॉप से निकलते ही खराब हो जा रही हैं। रविवार को वर्कशॉप से सेटेलाइट बस अड्डे तक पहुंचते ही एक बस की कमानी ढीली हो गई तो दूसरी में डीजल का रिसाव होने लगा। कार्यशाला से मैकेनिक को बुलाकर उनकी मरम्मत कराई गई। चार दिन पहले बरेली डिपो की बीएस-6 मॉडल बस गुन्नौर के पास खराब हो गई थी। इसके इंजन से मोबिल ऑयल का रिसाव हो रहा था।

बदायूं डिपो की बस संख्या 9028, 8418, 1586 भी इसी सप्ताह रोड पर धोखा दे चुकी हैं। बरेली, रुहेलखंड और क्षेत्रीय कार्यशाला में बसों की मरम्मत पर हर माह औसतन 14 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। हाल ही में बसों की मरम्मत के नाम पर फर्जी बिल बनाकर उन्हें पास कराने के मामले सामने आ चुके हैं। जीएम तकनीकी और बरेली परिक्षेत्र के नोडल अधिकारी सत्यनारायण इसकी जांच कर रहे हैं।

केस 1

बरेली डिपो की बस संख्या 8537 मरम्मत के लिए शनिवार को वर्कशॉप पहुंची थी। इसमें कमानी का काम होना था। मरम्मत के बाद रविवार सुबह 11 बजे वर्कशॉप से सेटेलाइट बस अड्डे पहुंची। चालक-परिचालक बस में सवारियां बैठाने लगे। चालक ने जैसे ही बस को आगे बढ़ाया तो मालूम हुआ कि उसकी अगली कमानी ढीली है। इस पर सवारियों को उतारना पड़ा। वर्कशॉप से मैकेनिक को बुलाकर बस को ठीक कराया गया। एक घंटे बाद बस रवाना हो सकी।

केस 2

बरेली डिपो की बस संख्या 5958 भी मरम्मत के लिए शनिवार को वर्कशॉप पहुंची थी। इसमें इंजन से संबंधित काम होना था। मरम्मत के बाद बस सेटेलाइट बस अड्डे पहुंची तो उसके इंजन से डीजल का रिसाव होने लगा। इस वजह से सवारियों को उतारना पड़ा। माना जा रहा है कि डीजल पाइप में खामी की वजह से ऐसा हुआ होगा। मैकेनिक ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। यह बस भी मरम्मत के बाद गंतव्य के लिए रवाना की गई।
महाकुंभ के लिए आवंटित 430 बसों की मरम्मत के नाम पर भी खानापूरी

बरेली, रुहेलखंड, पीलीभीत और बदायूं डिपो की 430 बसों का आवंटन प्रयागराज महाकुंभ के लिए गया है। इन बसों की मरम्मत में भी खानापूरी की जा रही है। उनकी कमियां दूर करने के नाम पर सिर्फ रंगरोगन हो रहा है।

पिछले महीनों आउट सोर्सिंग के जरिये बसों की मरम्मत करने वाली फर्म ने बिल बनाने में गड़बड़ी की थी। मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट एमडी को दी जाएगी। महाकुंभ के लिए आवंटित बसों को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। – सत्य नारायण, जीएम तकनीकी/नोडल अधिकारी!

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