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गेंहू और सरसों की फ़सल पर किया गया कार्यशाला का आयोजन

गेंहू और सरसों की फ़सल पर किया गया कार्यशाला का आयोजन

पलवल-07 दिसम्बर
कृष्ण कुमार छाबड़ा

धानुका एग्रीटेक अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र में गेंहू और सरसों की फ़सल पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें में हरियाणा के पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल ने चीफ गैस्ट के तौर पर हिस्सा लिया, कार्यशाला का शुभारंभ पूर्व मन्त्री शुभाष कत्याल और बागवानी विभाग हरियाणा के पूर्व निदेशक एवं डीएआरटी के सलाहकार डॉ. बी.एस.सहरावत ने दीप प्रज्वलित कर किया, इस अवसर पर डॉक्टर साधना चौहान, डॉक्टर यामिनी गौतम ने किसानों को फसलों में लगने वाली बिमारियों से बचाने वाली दवाईयों की जानकारी दी, इस मौके पर पलवल जिले के आस पास के गावों से सैकड़ों किसान मौजूद रहे, किसानों को सम्बोधित करते हुए डॉ. बी.एस.सहरावत ने कहा कि किसान फसल विविधीकरण को अपनाकर आय में वृद्धि कर सकते है, उन्होंने किसानों को पलवल जिले में सरसों और गेंहू की फ़सल की बीमारियों और उनका प्रबंधन करने की जानकारी दी साथ ही कहा की हमारे इलाके के ज्यादातर किसानों के बच्चे खेती नहीं करना चाहते वो नौकरी की तलाश में लगे रहते हैँ , जबकि दूसरे इलाके के युवा बड़ी बड़ी नौकरी छोड़कर किराये पर खेत लेकर प्रगतिशील किसान बन लाखों रुपए प्रति माह कमा रहे हैँ, हमारा उद्देश्य है की कृषि क्षेत्र में विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर किसानों की आमदनी को बढ़ाया जाये, पूर्व मंत्री व भाजपा नेता सुभाष कत्याल ने किसानों को बताया की प्रदेश सरकार विभिन्न योजना चलाकर किसानों की आमदनी बढ़ाना चाहती है, लेकिन किसान पारमपरिक खेती को छोड़ना ही नहीं चाहते, सरकार नैनो यूरिया को बढ़ावा दे रही है किसान डिऐपी के पीछे पड़े हैँ, जबकि नैनो यूरिया सस्ता और किसानों के लिए फायदेमंद है, सरकार किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पैसा देकर उनकी मदद कर रही है, वहीं कृषि विभाग से फ़सल तकनीकी अधिकारी सुंदर तेवतिया ने बताया की उन्होंने किसानों को फ़सल प्रबंधन करने के बारे में जागरूक किया है, गेंहू और सरसों की फ़सल में लगने वाली बीमारियों तथा उनकी रोकथाम के उपाय बताए हैँ, वहीं किसानों ने भी बताया की उनको इस कार्यशला से बहुत जानकारी मिली हैँ, वो किस तरह से अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं

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