07 दिसम्बर विशेष सशस्त्र सेना झंडा दिवस
पलवल-07 दिसम्बर
कृष्ण कुमार छाबड़ा
झंडा दिवस भारतीय सशस्त्र सेना के कर्मियों के कल्याण हेतु भारत की जनता से धन का संग्रह के प्रति समर्पित एक दिन है, यह 1949 से 7 दिसम्बर को भारत में प्रतिवर्ष मनाया जाता है।

झंडा दिवस का उद्देश्य भारत की जनता द्वारा देश की सेना के प्रति सम्मान प्रकट करना है।
उन जांबाज सैनिकों के प्रति एकजुटता दिखाने का दिन, जो देश की तरफ आंख उठाकर देखने वालों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए।
सेना में रहकर जिन्होंने न केवल सीमाओं की रक्षा की, बल्कि आतंकवादी व उग्रवादीयों से मुकाबला कर शांति स्थापित करने में अपनी जान न्यौछावर कर दी।
भारतीय सशस्त्र सेना के कर्मियों के कल्याण हेतु भारत की जनता से धन का संग्रह राशि का उपयोग युद्धों में शहीद हुए सैनिकों के परिवार या हताहत हुए सैनिकों के कल्याण व पुनर्वास में खर्च की जाती है।
यह राशि सैनिक कल्याण बोर्ड की माध्यम से खर्च की जाती है देश के हर नागरिक को चाहिए कि वह झंडा दिवस कोश में अपना योगदान दें, ताकि हमारे देश का झंडा आसमान की ऊंचाइयों को छूता रहे।
>> सशस्त्र सेना झंडा दिवस का इतिहास <<
हमारे देश के सम्मान के लिए बहादुरी से लड़ने और लड़ने वाले सैनिकों और सैनिकों को सम्मानित करने के लिए, 1949 से 7 दिसंबर को पूरे देश में सशस्त्र सेना ध्वज दिवस के रूप में मनाया जाता है।

















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