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जगतगुरु श्री वल्लभाचार्य जी के वंशज श्री वत्सल बाबा मुम्बई का 20 नवम्बर को गो अभयारण्य में पदार्पण- स्वामी गोपालानंद सरस्वती

जगतगुरु श्री वल्लभाचार्य जी के वंशज श्री वत्सल बाबा मुम्बई का 20 नवम्बर को गो अभयारण्य में पदार्पण- स्वामी गोपालानंद सरस्वती

सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित गो रक्षा वर्ष के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 225 वे दिवस पर 15 से 21 नवम्बर तक चल रहें राष्ट्रीय नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के पांचवें दिवस पर नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए भगवती गोमाता की भूमिका के बारे में बताते हुए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती ने कहां

कि बालक जब छोटा होता है तब कई तरह के बाल दोष उसे बालक को ग्रसित कर लेते हैं जैसे बालक के जन्म के छठे दिन फटकारी नामक ग्राही बालक को ग्रस्त लेती है जिसमें बालक अधिक रुदन करता है तथा दूध नहीं पीता है इस प्रकार सातवें दिन मुक्त केसी नाम की ग्रह ही शिशु को ग्रस्त लेती है जिसमें बालक अधिक अर्थ हो जाता है तथा उसके तन से दुर्गंध आती है ऐसे कई प्रकार के दोष बालक को ग्रसित करते हैं और गौ माता जी के गोबर के कंडे की धूप देने से कई तरह के बाल दोष अथवा बल ग्रह दोष समाप्त हो जाते हैं
क्योंकि भगवती गौ माता सारे जगत की मां है एवं समस्त प्रकार के दुखों का निवारण भगवती गौ माता की कृपा से हो सकता है परम पूज्य गुरुदेव भगवान ने कथा में गोबर एवं गोमूत्र की की महिमा भी श्रोताओं को बताइए गोमूत्र में साक्षात मां गंगा जी का निवास है


साथ ही आज की कथा में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जी का अवतरण उत्सव मनाया गया परम पूज्य गुरुदेव भगवान ने कहा कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई स्वयं शक्ति का अवतार थे इसी कारण करने के पश्चात भी महान कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान जी ने अपनी सुप्रसिद्ध कविता में लिखा बुंदेले हर बोल के मुख हमने सुनी कहानी थी खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी

स्वामीजी ने बताया कि विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में आगामी 20 नवम्बर 2024 बुधवार को जगतगुरु श्री वल्लभाचार्य जी के वंशज श्री वत्सल बाबा जी मुंबई वाले अपने अनुयायियों के साथ गो अभयारण्य पधार रहें है

225 वे दिवस पर सागुसिंह जी गांव सरोद जिला झालावाड़,वल्लभजी पाटीदार गांव सिरावत ,रामकिशन सूबेदार जी खोडियार खेड़ी जिला झालावाड़ आदि अतिथि उपस्थित रहें.
आज कथा मे सरस्वती शिशु मंदिर पटपड़ा के विद्यार्थी भी उपस्थित रहे.

225 वे दिवस पर चुनरीयात्रा9 पाली जिले के हमीरवास से श्री गुलाब सिंह जी
अपने परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया ।
चित्र 1 : गोकथा सुनाते स्वामी गोपालानंद सरस्वती।
चित्र 2 : गोकथा में उपस्थित गौभक्त।
चित्र 3,4 : गोकथा में गोमाता को चुनड़ ओढाते गोभक्त ।
चित्र 5,6 : चुनरी यात्रा में आए गोभक्तो को सम्मानित करते महोत्सव के कार्यकर्ता
चित्र 7 : गो पुष्टि पूजन करते गो भक्त ।
चित्र 8 : गोमाता के लिए चुनड़ लाते गोभक्त

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