• आर्थिक तंगी के कारण फ्लोर साफ करने को मजबूर हुई होनहार बैडमिंटन खिलाड़ी।
सत्यार्थ न्यूज़ : काम – सफाईकर्मी, सेलरी- 10 हज़ार, ख़्वाब- रणजी खेलना है! आज बैडमिंटन खेलने के दौरान लड़कों की तरह दिखने वाली एक लड़की आई और बोली- थोड़ी देर मुझे भी खेलने दो। मैंने उसे अपना रैकेट दे दिया। बाद में उससे बातचीत करने लगा तो पता चला ये तो एक होनहार क्रिकेटर है जो आज आर्थिक तंगी के कारण हम लोगों की हाईराइज बिल्डिंग में फ्लोर क्लीनिंग का काम करती है। महिमा मिश्रा जैसी प्रतिभाशाली बच्चियों को अगर हम थोड़ा सपोर्ट कर सकें तो क्या पता ये एक नए सितारे बन जायें। मैंने हैप्पी दिवाली बोल कर पॉकेट में पड़े पचास रुपये का नोट उसको विनम्रता पूर्वक भेंट कर मिठाई खा लेने को कहा। वह सकुचाते शरमाते पैसे थामते बोली- थैंक्यू अंकल! मेरे ज़ेहन में आज बहुत देर तक महिमा मिश्रा की भोली मुस्कान और उसका स्ट्रगल तैरता रहा! 😔
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