छ. ग. विशेष संवाददाता :- राजेन्द्र मंडावी ग्राम पंचायत तरहुल के आश्रित ग्राम डुवा में समस्याओं का अंबार – ग्रामीण कर रहे नवीन पंचायत गठन की मांग

कांकेर। ग्राम पंचायत तरहुल के अंतर्गत स्थित आश्रित ग्राम डुवा और भुरसा तरहुल के निवासी लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक लापरवाही का सामना कर रहे हैं। ग्राम डुवा, जो पंचायत मुख्यालय से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, लगभग 850 की जनसंख्या और 550 मतदाताओं के साथ लगातार संघर्ष कर रहा है। गांव में जरूरी सुविधाओं की भारी कमी ने ग्रामीणों के लिए जीवनयापन को कठिन बना दिया है। ग्राम डुवा के 150 राशन कार्ड धारकों को समय पर राशन सामग्री नहीं मिल पाती। कई बार तो उन्हें महीनों तक राशन के लिए इंतजार करना पड़ता है,
जिससे गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कुछ महीनों में तो कई परिवारों को राशन का वितरण ही नहीं होता, जिससे उनकी दिक्कतें और भी बढ़ जाती हैं। यह समस्या न सिर्फ राशन वितरण में, बल्कि अन्य सरकारी योजनाओं तक पहुंचने में भी देखी जाती है। गांव की स्थिति को और बदतर बनाती है वहां तक पहुंचने का मुश्किल रास्ता। पंचायत मुख्यालय जाने के लिए ग्रामीणों को नदी और जंगल से होकर गुजरना पड़ता है, जहां हमेशा जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, गांव में पक्की सड़क, सीसी सड़क, और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी घोर कमी है।
इसके कारण न केवल ग्रामीणों को दैनिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि वे कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं और सेवाओं से भी वंचित रह जाते हैं। ग्रामवासियों का मानना है कि अगर डुवा को स्वतंत्र ग्राम पंचायत के रूप में स्थापित किया जाए, तो इन समस्याओं का समाधान हो सकता है। गांव में पंचायत गठन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, जो इसे नई पंचायत के रूप में स्वीकृति दिलाने के लिए पर्याप्त माने जा सकते हैं। ग्राम डुवा में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए मतदान केंद्र मौजूद है, जो एक महत्वपूर्ण संसाधन है। गांव में माध्यमिक शाला भी संचालित है, जिससे बच्चों की शिक्षा की आवश्यकताएं पूरी हो रही हैं। इसके अतिरिक्त, नवीन ग्राम पंचायत मुख्यालय के लिए सामुदायिक भवन भी उपलब्ध है। गांव में 5 वार्ड क्षेत्र हैं, जो इसे पंचायत गठन के लिए उपयुक्त बनाते हैं। संचार सुविधा के लिए गांव में जियो का मोबाइल टावर भी मौजूद है, जो नेटवर्क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करता है।
इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए, ग्रामवासियों ने सरकार से मांग की है कि ग्राम डुवा को एक स्वतंत्र और नवीन ग्राम पंचायत के रूप में गठित किया जाए। उनका मानना है कि ऐसा करने से न केवल उनकी वर्तमान समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि गांव का समग्र विकास भी संभव हो सकेगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पंचायत गठन से उनके गांव की दशा और दिशा दोनों में सुधार आएगा, जिससे वे शासन की योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सकेगा। समस्त ग्रामवासियों की इस मांग को सरकार और प्रशासन को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है, ताकि ग्राम डुवा के लोग भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सकें और उनका भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल हो।

















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