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बीकानेर-बात बात पर गुस्सा मतलब न्यूट्रिएंट्स की कमी, जानिए न्यूट्रिएंट्स कौनसे

सवांददाता मीडिया प्रभारी मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ

जब भी आपको गुस्सा आता है तो समझते हैं ये नॉर्मल होगा लेकिन क्या आपको पता है इसका कारण न्यूट्रिएंट्स की कमी का होना होता है। हर व्यक्ति का अपना व्यक्तित्व होता है। कुछ लोग बहुत ही शांत होते हैं, जबकि कुछ काफी बोलने वाले होते हैं। कुछ लोग अपनी छोटी बातों पर गुस्सा करने की आदत रखते हैं। हम अक्सर दूसरों को अपने गुस्से और व्यवहार के लिए दोषी मानते हैं। इसका सच्चाई में कोई अन्य व्यक्ति या स्थिति नहीं होती है,बल्कि यह कुछ पोषक तत्व होते हैं,जिनकी कमी से आप बिना किसी वजह के गुस्सा करने लगते हैं। यदि आप बात बात पर गुस्सा करते हैं इसके दोषी आप खुद है क्योंकि आप में उन न्यूट्रिएंट्स की कमी है जिन की वजह से गुस्सा आता है।

इन न्यूट्रिएंट्स की कमी के कारण आता है गुस्सा

विटामिन बी

विटामिन बी को मेन्टल हेल्थ के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। जिससे हमारे शरीर में कई अहम कार्य होते हैं। विटामिन बी6, बी12 और फोलेट ब्रेन फंक्शनिंग को बेहतर बनाने, न्यूरोट्रांसमीटर प्रोडक्शन, सेल रिपेयरिंग और मेंटल हेल्थ को अच्छा बनाए रखने के लिए जरूरी माना जाता है। ऐसे में इसकी कमी के कारण गुस्सा ज्यादा देखने को मिलता है।

विटामिन डी

विटामिन डी हमारे शरीर के विकास और हमें हेल्दी रखने में मददगार होता है। यह डिप्रेशन, एंग्जायटी के साथ साथ हमोर मूड डिसऑर्डर को सही बनाए रखता है। ऐसे में इसकी कमी होने पर भी गुस्सा ज्यादा आने की समस्या हो सकती है।

पोटेशियम

हार्मोनल संतुलन को सही रखने में पोटेशियम जिम्मेदार होता है। यदि ऐसे में इसकी कमी हो जाती है तो हमारे हार्मोंन्स असंतुलन हो जाते हैं। जिससे गुस्सा और चिड़चिड़ापन होने लगता है।

आयरन

आयरन हमारे दिमाग में ऑक्सीजन को पहुंचाता है जिससे थकान, डिप्रेशन और चिड़चिड़ेपन जैसी समस्या को दूर करने में मदद मिलती है। यदि शरीर में आयरन की कमी होने लगेगी तो गुस्सा और चिड़चिड़ापन होने लगेगा।

जिंक

जिंक की कमी हमारी दिमागी क्षमता को कम कर देती है और हमारा दिमाग अस्थिर रहने लगता है और जिससे गुस्सा आने जैसी समस्या आने लगती है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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