रिपोर्टर देवीनाथ लोखंडे
जिला बैतूल
क्या है क्यूब टेस्ट रिपोर्ट कमिशन खोरी के चक्कर में चल रहा है रेलमपेल*
बेतुल जिले में हर विभाग से निर्माण कार्य हो रहे हैं पर किसी का इस ओर ध्यान नहीं है इसीलिए खबर करना जरूरी है
क्यूब टेस्ट रिपोर्ट है क्या जो कार्य किए जाने वाले कार्यों का प्रमाण है जैसे डॉक्टर को डिग्री डिप्लोमा की जरूरत होती है वैसे ही बड़े से बड़े और छोटे से छोटे ये वाले सिविल कार्य करने वाले ठेकेदारी करने वाले कार्यों में रेता गिट्टी सीमेंट किस रेसों से मिलाकर क्यूब मैं जो मिश्रण मसाला डाला जाता है उसी सिंपल का नाम क्यूब है और तैयार के बाद लैब में परीक्षण के लिए 7 दिवस 28 दिवस के बाद भेजा जता है रिपोर्ट कार्ड से पता लगाया जाता है की हम जो कार्य कर रहे हैं उस कार्य में रेशओ समान लिया है ।कार्य को करने की अलग ही पहचान है । क्यूब टेस्ट से ज्यादा आला अधिकारी अपने काली कमाई कर विश्वास रखते हैं । सही भी है जो ठेकेदारों के साथ खुद भी लखपति बनते जा रहे हैं और आम जनता सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे पार करके चलने को चलने को मजबूर है । सरकारी भवनों को त्रिपाल से ढककर ऑफिस और स्कूल संचालित हो रहे हैं जो हर बरसात में टपकते है सड़को और रपटो की साइड कटिंग होने पर राहत कार्य किया जाता है ताकि

आम जनता को आने जाने से परेशानियों का सामना ना करना पड़े । ऐसे ही जल जीवन मिशन की अलग ही पहचान है जो हर घर जल हर घर नल अच्छा करारा तामचा मारा है क्योंकी हर घर तो नल तो दिये पर हर घर जल नहीं सिर्फ अहसान है यह तो सब कागजओं पर बने हैं ये सब कागजओं का और अला अधिकारियों का कमॉल है क्योंकी कमिशन पर क्यूब टेस्ट की रिपोर्ट सिर्फ एक बटन दबाने से मिलती है यहां तो गरीब आम जनता को दबाने से ऐसा कुछ नहीं मिलता ऐसे ही जिले में मुख्यालय से कुछ दुरी पर बीएसएनएल कंपनी का टावर खड़ा किया है जिसका गिरना कोई बड़ी बात नहीं क्योंकी वहा गड्ढा खुदा ही नहीं लेकिन टावर खड़ा हो गया और शुरू भी हो चुका है क्या वहा किसी इंजीनियर की जरूरत नहीं पड़ी अपने खुद के इंजीनियर रख रखे हैं । उनको किसी का डर या भय नहीं है जो कार्य किया सही किया फाउंडएशन में बोल्ट लगे है या नहीं इंजीनियर को पता है यानी कमिशन दो आगे बढ़ वाला खेल है यही है कमिशन खोरी का रेलम पेल


















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