न्यूज़ रिपोर्टर शाका नामदेव गुना
शिक्षक, साक्षरता, एवं गणेशोत्सव पर हुई काव्य गोष्ठी।
खबर गुना जिला मध्य प्रदेश से
गुनाचेतना साहित्य एवं कला परिषद गुना द्वारा शिक्षक दिवस, विश्व साक्षरता सप्ताह, एवं गणेशोत्सव के उपलक्ष्य में मुरली धोकल मंदिर पर वरिष्ठ कवि विष्णु साथी की अध्यक्षता, कवि गोविन्द राव मोरे के मुख्य आतिथ्य तथा कवि राम जीवन भार्गव के विशिष्ट आतिथ्य में कवि गोष्ठी संपन्न हुई। सरस्वती वंदना नरेंद्र भार्गव पद्म ने सुनाई। कवि गोष्ठी का संचालन नगर के जाने-माने शायर प्रेम सिंह प्रेम ने किया। संचालन करते हुए प्रेम सिंह प्रेम ने कहा जरुरत से ज्यादा शराफत अच्छी नहीं होती, करीबी रिश्तों में अदावत अच्छी नहीं होती।मेल मिलाप भाईचारा बहुत अच्छा है मगर अपने ही मुल्क से बगावत अच्छी नहीं होती। वरिष्ठ कवि विष्णु साथी ने अपने भावों को यूं व्यक्त किया जमीं पे गिरे फूल जो उठा नहीं सकते,उनका चमन की खुशबू पे अधिकार नहीं है।कराह,चीख, दर्द,आह,अश्रु और रुदन ये जिंदगी को देने के उपहार नहीं है।

नरेंद्र भार्गव पद्म ने कहा चांदी से उजले सपनों को काले बादल निगल रहे हैं, आस्तीन के सांप नित नित जहर उगल रहे हैं। कहीं भेड़िया है आदम खोर कहीं आदमखोर इंसान हैं भारत मां के वीर सपूतों ख़तरे में हिन्दुस्तान है। संजय खरे सहज ने शेर पढ़ते हुए कहा होते हैं गलत फैसले अक्सर जजबात में रखना ये बात याद हरदम ख्यालात में। ये सोच कर गम अपने कम लगने लगे कितनी मुश्किलें हैं लोगों के हालात में। उमाशंकर भार्गव ने कहा पिता ने भी अपनी शादी में की थी इनकी पूजा, संसार में गणपति से बढ़कर देव नहीं कोई दूजा। सभी धार्मिक कार्यों में ये सबसे पहले पूजे जाते हैं उनकी कृपा से सारे काम निर्विघ्न संपन्न हो जाते हैं। गीतकार हरीश सोनी ने कहा निराली शिक्षक की है शान इन्हीं से है अपनी पहचान इनसे ही पाते हैं शिक्षा अरु पाते हैं ज्ञान। संस्कृति के आधार हैं शिक्षक प्यार और सद्भाव के रक्षक जिससे व्यक्ति समाज और राष्ट्र का बढ़ता है सम्मान। कवि वीरेंद्र सोनी मुक्त ने कहा सच है सजाना प्यार का खाली नहीं होता, जी भर लुटाते चलिये जब तक है सांस तन में। माया ओझा ने कहा गोबर के बनाए जाते हैं गणेश घर घर में होती है जिनकी पूजा। किस्मत वाले होते हैं वे जो मन से करते हैं इनकी पूजा। सूबेदार धर्मवीर सिंह भारतीय ने कहा शिक्षक का करना सम्मान शिक्षक देते हमको ज्ञान, कद बढ़ जाये पद बढ़ जाये न आये कभी भी मन में अभिमान। शायर बाबू खां निडर ने कहा शायरों के हाथ में ऐसा हुनर होना चाहिए, कलम की रवानगी से उजाले पैदा होना चाहिए। रमेश मंगल ने कहा न हिन्दू है न मुस्लिम है न कोई सिख ईसाई, सभी बेटे हैं माता के आपस में सब भाई भाई। यह मानवता तुम्हें अब तो यह आवाज देती है बहाओ खून न तुम तो मां के उन दुलारों का। गोविन्द राव मोरे ने अपनी रचना में व्यक्त करते हुए कहा हे गुरुवर अब आप राम का पता बता दें।

साक्षी ओझा ने कहा साथ निभाती बहुत हंसाती मेरी प्यारी बहना,परी नाम उसका और घर की रक्षा करना।नवोदित कवि रक्षा ओझा ने कहा देवों में सबसे बडे महादेव बतायें जाते हैं गजानन को मनाने से सब काम पूर्ण हो जाते हैं । इसके अलावा कवि गोष्ठी में रामजीवन भार्गव, अमित शर्मा , रवि शर्मा, अभिनंदन मडवरिया, राजेश बांझल ने भी अपनी रचनाएं सुनाई। कवि गोष्ठी में समाजसेवी निरंजन भाया कसेरा, नंदकिशोर अग्रवाल, पवन शर्मा, मनोज शर्मा, मनोज तिवारी, दीपक,आशी मंगल, गोपाल अग्रवाल, महेंद्र जैन, आनंद जैन सहित कई श्रोता उपस्थित रहे।अंत में रक्षा ओझा को उनके उन्नीसवें जन्मदिन पर परिषद ने बधाई देते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की आभार उमाशंकर भार्गव ने व्यक्त किया। खबर विज्ञापन के लिए शाका भाई से संपर्क करें 8358 9440 72


















Leave a Reply