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वाराणसी। बाजारों में इस बार बुलडोजर वाली पालकी पर दिखेंगे लीलाधर, स्कूटी पर सवार राधा-कृष्ण की भी खूब डिमांड तमाम सुंदर पोशाकों और मूर्तियों से बाजार जगमग धूम धाम से मनाया जा रहा श्री कृष्ण जन्मोत्सव

अंकुर कुमार पाण्डेय ब्यूरो चीफ
सत्यार्थ न्यूज वाराणसी
वाराणसी। बाजारों में इस बार बुलडोजर वाली पालकी पर दिखेंगे लीलाधर, स्कूटी पर सवार राधा-कृष्ण की भी खूब डिमांड तमाम सुंदर पोशाकों और मूर्तियों से बाजार जगमग धूम धाम से मनाया जा रहा श्री कृष्ण जन्मोत्सव

वाराणसी। बदलते वक्त के साथ लीलाधर श्रीकृष्ण के अलग-अलग रूप भी देखने को मिल रहे हैं। पहले कन्हैया कालिया नाग पर बंसी बजाते आते थे, वहीं इस समय इलेक्ट्रॉनिक युग में भगवान श्री कृष्ण बुलडोजर वाली पालकी पर सवार दिखेंगे। स्कूटी पर सवार राधा-कृष्ण की भी खूब डिमांड है। नंद गोपाल बुलडोजर वाली पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे। साथ ही कान्हा राधा संग स्कूटी से घूमते भी नजर आ रहे हैं। वाराणसी के अलग-अलग बाजारों में कृष्ण जन्माष्टमी के लिए सजे स्टालों पर अलग-अलग रूप रंग के कान्हा की अठखेलियां देखने को मिल रही हैं। 25 और 26 अगस्त को जन्माष्टमी पर हर कोई अपने बच्चे को कान्हा और राधा के रूप में सजाने में कसर नहीं छोड़ना चाहता। इसको लेकर बाजारों में जमकर वस्त्र की भी खरीदारी हो रही है। वाराणसी के काष्ठ कलाकारों ने पहली बार लकड़ी से खास पालकी को तैयार किया है, जिसकी डिमांड देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों तक देखने को मिल रही है। बुलडोजर अब लकड़ी के खिलौनों की दुनिया में भी ब्रांड बनकर उभरा है। इस बार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में सजने वाली झांकी में बुलडोजर पर सवार श्रीकृष्ण की मूर्ति की जबरदस्त मांग है। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा अमेरिका और यूरोपीय देशों से भी इस बार ऑर्डर आए हैं। लंका स्थित रविदास गेट के पास जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण और खिलौने की दुकान लगाने वाले सोनू सोनकर ने बताया कि इस बार भगवान कृष्ण को बुलडोजर पर दिखाने की ज्यादा डिमांड हो रही है। प्राकृतिक रंगों से तैयार लकड़ी के लड्डू-गोपाल, पालना, पंखा, सजावटी झालर शिल्पियों के हुनर का बेजोड़ नमूनाहमारी दुकान पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि लकड़ी के खिलौना में बुलडोजर पर सवार श्रीकृष्ण के खिलौनों की डिमांड जमकर हो रही है। इसे बनाने में काफी समय और कास्ट गिरता है। जन्माष्टमी कान्हा के लिए मोरपंख, पोशाक और झूला की हुई खरीदारी वो बड़ा वाला मोरपंख दिखाना…अरे, वो पीली पोशाक दिखाइए…और वो झूला कितने का है… कुछ ऐसे ही नजारे बाजार में दिन भर दिखे। जन्माष्टमी से एक दिन पहले बाजार में खरीदारों की भीड़ जुटी रही। मोरपंख से सजे मुकुट, जरदोजी से सजी मखमली पोशाक, कीमती रत्नों की तरह दमकते तिलक, कुंडल, मनोहारी मुरली, सुहाने झूले और भी बहुत कुछ….मुरली मनोहर के इस साज-शृंगार के सामानों को देख हर किसी का मन उन्हें खरीदने का कर रहा था। अपने-अपने लड्डू गोपाल, कान्हा को सजाने के लिए हर लोग खरीदारी करते दिखे। कृष्ण जन्माष्टमी पर हर कोई अपने बच्चे को नंद गोपाल और राधा रानी के रूप में सजाना चाहता है। ऐसे में माताएं अपने बच्चों को कान्हा और राधा के रूप में सजाने के लिए अलग-अलग पोशाक खरीद रही हैं। मखमली पोशाक की खूब मांग है। जिसको लेकर बाजारों में काफी भीड़ दिख रही है। वही बात की जाए पिछली बार की अपेक्षा तो इस बार सभी सामानों में 5 से लेकर 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।

 

 

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