• सुविधाओं के बाद भी सरकारी स्कूलों में घटे 86 हजार बच्चे।
• जिले के 2 हजार 624 सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ती गईं, मगर पढ़ाई हाशिए पर।
रिपोर्टर ब्यूरो चीफ “मुकेश कुमार यूपी बाराबंकी सत्यार्थ न्यूज़
बाराबंकी : यूनीफार्म, बस्ता, जूता-मोजा व पढ़ाई के लिए किताबों की सुविधा मुहैया कराने के बाद भी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या बढ़ने की जगह घट रही है। जिले के 493 सरकारी पिछले साल 3.73 लाख के मुकाबले इस बार 2.87 लाख बच्चे ही पंजीकृत स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू करने साथ पढ़ाने के ही के लिए शिक्षकों की संख्या बढ़ाने के बाद भी सरकारी स्कूलों में पंजीकृत होने वाले बच्चों की ‘संख्या में पिछले साल के मुकाबले 86 हजार बच्चों की कमी दर्ज हुई है।
246 स्कूलों में 50 से अधिक बच्चे घटे
बेसिक शिक्षा विभाग ने समीक्षा में पाया कि जिले में 246 स्कूल ऐसे है जिसमें 50 से अधिक बच्चे घट गए। इन स्कूल के प्रधानाध्यापकों को नोटिस दी गई थी। लेकिन फिर भी स्कूलों में नये बच्चों के पंजीयन की संख्या नहीं बढ़ी है।
पिछले साल थे 234 बच्चे, अब 150 से कम।
निंदूरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय खिंझना में बीते साल 234 बच्चे पंजीकृत थे। मौजूदा समय में बच्चों की संख्या डेढ़ सौ के अंदर सिमट गई है। निंदूरा के ही खरिहानी में 200 से अधिक बच्चों कीजगह अब डेढ़ सौ से कम है।स्कूल ऐसे हैं, जिनमें बच्चों की संख्या 50 से कम है। इनमें 250 प्राइमरी व 34 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं।
300 से घटकर सवा दो सौ का पंजीकरण
हरख ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय टिकरा उस्मा में पिछले साल बच्चों की संख्या 200 से अधिक थी मगर इस साल डेढ सौ मुश्किल है। बंकी के कंपोजिट विद्यालय डल्लूखेड़ा में संख्या 300 से घटकर सवा दो सौ के करीब आ गई।
■ सुबेहा प्रथम में भी शिक्षक बेबस :
हैदरगढ़ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सुबेहा प्रथम में पिछले साल 485 बच्चे थे। 135 पास हो गए। मौजूदा समय में केवल 393 बच्चे पढ़ रहे है। संख्या घटने का कारण किसी को पता नहीं। विद्यालय के शिक्षक को बेबस पा रहे हैं।
नोटिस जारी कर जवाब मांगा
संतोष देव पांडेय, बीएसए ने बताया स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने को लेकर प्रयास जारी है। ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। बीईओ से रिपोर्ट तलब की गई है। बच्चों का नामांकन अभी चल रहा है।
जिले में पिछले साल वर्ष 2023 में 2624 परिषदीय विद्यालयों में 3.73 लाख बच्चे पंजीकृत हुए थे। साल 2024 में प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या अभी तक तीन लाख की संख्या भी पार नहीं कर पाई है। अगस्त माह के 15 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक 2.87 लाख बच्चे ही स्कूलों में पढ़ने के लिए पंजीकृत हो पाए हैं।
Leave a Reply