रिपोर्टर देवीनाथ लोखंडे
जिला बैतूल
मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने बैतूल में मेडिकल कालेज खोलने घोषणा
कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर महामहिम राजपाल के नाम सोपा ज्ञापन
पी पी मोड पर कालेज खोलना भाजपा सरकार की वादा खिलाफी है कांग्रेस ने लगाया आरोप
तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि बैतूल में मेडिकल कालेज खोला जाएगा, लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा था कि पीपीपी मोड पर खोला जाएगा। अब ऐसी स्थिति में बैतूल में पीपीपी मोड पर मेडिकल कालेज खोला जाना खुली वादा खिलाफी है। पीपीपी मोड को लेकर बैतूल की आम जनता की राय और अनुभव अच्छे नहीं है। इसलिए बैतूल की आम जनता चाहती है कि बैतूल में सरकारी मेडिकल कालेज ही खोला जाएगा। क्योंकि इन बिंदुओं को लेकर आम लोगों के दिलो दिमाग में शंकाएं हैं। लोगों को सबसे ज्यादा यह लगता है कि प्राइवेट मेडिकल कालेज को सरकारी जिला अस्पताल दिए जाने से बैतूल का जिला अस्पताल का भी निजीकरण हो जाएगा। इसलिए हम इसके खिलाफ है।
मेडिकल कालेज में जिला अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्ट्रेक्चर और स्टाफ का भरपूर दोहन होगा, लेकिन इससे जिला अस्पताल में क्या सुविधाएं अपग्रेड होगी और जो स्टाफ तथा डाक्टर्स है, उनको इससे क्या लाभ मिलेगा।
जिला अस्पताल का मेडिकल कालेज में उपयोग होने पर बैतूल जिले की आम जनता को ओपीडी सहित लैब आदि में क्या सुविधाएं निशुल्क मिलेगी और किन सुविधाओं के लिए पैसा देना पड़ेगा पड़ेगा। इसको लेकर कोई भी स्पष्टता नहीं है।
और कितना देना जिला अस्पताल में 500 बैड में से करीब 125 बैड मेडिकल कालेज के संचालक द्वारा संचालित किए जाएंगे जिसका पैसा वसूल किया जाएगा। ऐसे में किस बीमारी के लिए कितना पैसा लिया जाएगा। यह भी स्पष्ट नहीं है जब वे संचालक हमारे जिला अस्पताल सहित तमाम सुविधाओं का मुफ्त में उपयोग करेगा तो ऐसी स्थिति में सभी 500 बैड पर निशुल्क इलाज होना चाहिए।
मेडिकल कालेज संचालक जो इंवेस्टमेंट करेगा उससे बैतूल जिले के बेरोजगारों को क्या फायदा मिलेंगा और क्या नहीं, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। इसके अलावा सीएसआर के तहत बैतूल जिले में वह क्या खर्च करेगा, क्या नहीं, यह भी स्पष्ट होना चाहिए।


















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