सवांददाता नरसीराम शर्मा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है।पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त, योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
श्री गणेशाय नमः
जय जय श्री कृष्णाजय श्री राधे
*दिनांक:- 08/08/2024, गुरुवार*
चतुर्थी, शुक्ल पक्ष,
श्रावण
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———– चतुर्थी 24:36:01 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र——— उo फाo 23:32:56
योग————- शिव 12:37:24
करण———– वणिज 11:19:03
करण——- विष्टि भद्र 24:36:01
वार———————– गुरूवार
माह———————– श्रावण
चन्द्र राशि—————– कन्या
सूर्य राशि——————- कर्क
रितु————————– वर्षा
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) ————–कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत—————2080
शक संवत——————1946
कलि संवत—————– 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:47:34
सूर्यास्त————— 19:01:39
दिन काल————- 13:14:05
रात्री काल————- 10:46:25
चंद्रोदय—————- 08:56:55
चंद्रास्त—————- 21:18:52
लग्न—- कर्क 21°46′ , 111°46′
सूर्य नक्षत्र—————-आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र——— उत्तराफाल्गुनी
नक्षत्र पाया——————- रजत
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*
टो—- उत्तरा फाल्गुनी 09:59:34
पा—- उत्तरा फाल्गुनी 16:45:56
पी—- उत्तरा फाल्गुनी 23:32:56
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= कर्क 21°05, अश्लेषा 2 डू
चन्द्र= कन्या 01°30 , उ o फा o 2 टो
बुध =सिंह 09°53′ मघा 3 मू
शु क्र= सिंह 09°05, मघा ‘ 3 मू
मंगल=वृषभ 18°30 ‘ रोहिणी’ 3 वी
गुरु=वृषभ 21°30 रोहिणी , 4 वु
शनि=कुम्भ 24°10 ‘ पू o भा o ,2 सो
राहू=(व) मीन 15°06 उo भा o, 4 ञ
केतु= (व)कन्या 15°06 हस्त 2 ष
*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 💮🚩💮*
राहू काल 14:04 – 15:43 अशुभ
यम घंटा 05:48 – 07:27 अशुभ
गुली काल 09:06 – 10: 45अशुभ
अभिजित 11:58 – 12:51 शुभ
दूर मुहूर्त 10:12 – 11:05 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:30 – 16:23 अशुभ
प्रदोष 19:02 – 21:12. शुभ
💮चोघडिया, दिन
शुभ 05:48 – 07:27 शुभ
रोग 07:27 – 09:06 अशुभ
उद्वेग 09:06 – 10:45 अशुभ
चर 10:45 – 12:25 शुभ
लाभ 12:25 – 14:04 शुभ
अमृत 14:04 – 15:43 शुभ
काल 15:43 – 17:22 अशुभ
शुभ 17:22 – 19:02 शुभ
🚩चोघडिया, रात
अमृत 19:02 – 20:22 शुभ
चर 20:22 – 21:43 शुभ
रोग 21:43 – 23:04 अशुभ
काल 23:04 – 24:25* अशुभ
लाभ 24:25* – 25:46* शुभ
उद्वेग 25:46* – 27:06* अशुभ
शुभ 27:06* – 28:27* शुभ
अमृत 28:27* – 29:48* शुभ
💮होरा, दिन
बृहस्पति 05:48 – 06:54
मंगल 06:54 – 07:59
सूर्य 07:59 – 09:06
शुक्र 09:06 – 10:12
बुध 10:12 – 11:18
चन्द्र 11:18 – 12:25
शनि 12:25 – 13:31
बृहस्पति 13:31 – 14:37
मंगल 14:37 – 15:43
सूर्य 15:43 – 16:49
शुक्र 16:49 – 17:55
बुध 17:55 – 19:02
🚩होरा, रात
चन्द्र 19:02 – 19:56
शनि 19:56 – 20:49
बृहस्पति 20:49 – 21:43
मंगल 21:43 – 22:37
सूर्य 22:37 – 23:31
शुक्र 23:31 – 24:25
बुध 24:25* – 25:19
चन्द्र 25:19* – 26:13
शनि 26:13* – 27:06
बृहस्पति 27:06* – 28:00
मंगल 28:00* – 28:54
सूर्य 28:54* – 29:48
*🚩 उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
कर्क > 03:22 से 05:40 तक
सिंह > 05:40 से 07:50 तक
कन्या > 07:50 से 10:00 तक
तुला > 10:00 से 12: 16 तक
वृश्चिक > 12:16 से 14:34 तक
धनु > 14:34 से 16:40 तक
मकर > 16:40 से 18:32 तक
कुम्भ > 18:32 से 20:00 तक
मीन > 20:00 से 21:28 तक
मेष > 21:28 से 23:04 तक
वृषभ > 23:04 से 01:04 तक
मिथुन > 01:04 से 03:18 तक
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*💮दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
4 + 5 + 1 = 10 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
बुध ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*⁵
4 + 4 + 5 = 13 ÷ 7 = 6शेष
क्रीड़ायां = शोक , दुःख कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
11:20 से रात्रि 24:36 तक
पाताल लोक = धन लाभ कारक
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
*विनायक चतुर्थी
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
यस्मिन रुष्टे भयं नास्ति तुष्टे नैव धनागमः ।
निग्रहाऽनुग्रहोनास्ति स रुष्टः किं करिष्यति ।।
।। चा o नी o।।
जिसके डाटने से सामने वाले के मन में डर नहीं पैदा होता और प्रसन्न होने के बाद जो सामने वाले को कुछ देता नहीं है. वो ना किसी की रक्षा कर सकता है ना किसी को नियंत्रित कर सकता है. ऐसा आदमी भला क्या कर सकता है.
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: अक्षरब्रह्मयोग अo-08
धूमो रात्रिस्तथा कृष्ण षण्मासा दक्षिणायनम् ।,
तत्र चान्द्रमसं ज्योतिर्योगी प्राप्य निवर्तते ॥,
जिस मार्ग में धूमाभिमानी देवता है, रात्रि अभिमानी देवता है तथा कृष्ण पक्ष का अभिमानी देवता है और दक्षिणायन के छः महीनों का अभिमानी देवता है, उस मार्ग में मरकर गया हुआ सकाम कर्म करने वाला योगी उपयुक्त देवताओं द्वारा क्रम से ले गया हुआ चंद्रमा की ज्योत को प्राप्त होकर स्वर्ग में अपने शुभ कर्मों का फल भोगकर वापस आता है॥,
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🙏🏻आज का राशिफल🙏🏻
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन आपके लिये धूप छांव जैसी परिस्थिति बनाएगा एक पल में किसी शुभ समाचार से उत्साहित होंगे तो अगले ही पल किसी अन्य कारण से निराशा बनेगी। दिन के आरंभिक भाग में कम समय मे ज्यादा से ज्यादा लाभ पाने की योजना बनाएंगे आपकी कार्य शैली भी इसी के अनुसार ही रहेगी लेकिन मन मे हद से ज्यादा स्वार्थ सिद्धि की भावना पूर्ण सफल नही होने देगी उल्टे पुराने व्यवहारों में खटास बनेगी। नौकरी पेशा भी अनैतिक मार्ग से लाभ उठाने का प्रयास करेंगे सफल भी होंगे लेकिन प्रलोभन बढ़ने पर बदनामी भी हो सकती है। आर्थिक लाभ आज अवश्य होगा पर जिस समय आशा नही होगी तब ही। घर मे छोटे मोटे सुख के साधनों पर खर्च करना पड़ेगा। विद्युत उपकरणों से सतर्क रहें। यात्रा लाभदायक रहेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आप अधिक स्वाभिमानी रहेंगे। बुद्धि विवेक का परिचय हर क्षेत्र पर देंगे पराक्रम शक्ति भी प्रबल रहेगी किसी का सहयोग जल्दी से नही लेंगे लेकिन जिस समय सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी उस समय मिलेगा नही। कार्य क्षेत्र पर व्यवसाय की गति धीमी रहेगी फिर भी चालाकी से खर्च योग्य आय बना ही लेंगे
विरोधी लोग भी आपकी कार्य कुशलता की पीठ पीछे प्रशंसा करेंगे जिससे मन मे अभिमान आएगा। मध्यान बाद किसी से आर्थिक मामलों को लेकर खींचतान हो सकती है यहाँ धैर्य का परिचय दे अन्यथा भविष्य के लिये नई समस्या खड़ी होगी। घर का वातावरण लगभग सामान्य ही रहेगा फिर भी पति-पत्नी अकड़ छोड़ एक दूसरे का सहयोग करे तो व्यर्थ की बहस से बचेंगे। आरोग्य कुछ पुराने रोग को छोड़ ठीक रहेगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आप स्वयं ही अपनी परेशानी का कारण बनेंगे छोटी छोटी बातों पर क्रोध कर आस पास का वातावरण अशांत बनाएंगे आज आपके संपर्क में जो भी आएगा मन दुखी करके ही जायेगा सीधे किसी से नही लड़ेंगे कड़वे ताने अथवा किसी की कमजोरी को लेकर व्यंग्य करने पर माहौल खराब करेंगे। कार्य क्षेत्र पर पहले ही अव्यवस्था रहेगी उर से ध्यान अनर्गल विषयो में रहेगा जिससे हानि होने की संभावना अधिक बनेगी। किसी अन्य के कार्य अथवा झगड़े में पंच ना बने अपमान होगा। आर्थिक मामलों में भाई बंध, मित्रो के सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी लेकिन रूखा व्यवहार बाधक बनेगा माता का सहयोग मिलेगा लेकिन अपर्याप्त। बोल चाल में मर्यादा रखे व्यर्थ शत्रुता बढ़ेगी। रक्तचाप अथवा अल्पता के कारण परेशान होंगे।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आपके स्वभाव में दिखावा एवं ईर्ष्या अधिक रहेगी। जिस भी कार्य को करने की तैयारी करेंगे उसमे कोई न कोई टांग अढ़ायेगा लेकिन फिर भी प्रयास करना ना छोड़े आरम्भ में ही थोड़ी समस्या बनेगी लेकिन बाद में जो लोग आपके कार्यो में विघ्न डाल रहे थे वही सहयोग करने लगेंगे। पूर्व में किया परोपकार और भाग्य का साथ धन लाभ में सहायक बनेगा पर आज कार्य व्यवसाय से जितना धन मिलेगा खर्च के रास्ते पहले बना लेगा। आज परिजनों विशेषकर पिता से संबंध मधुर बनाये रखे इनसे कुछ ना कुछ फायदा हो सकता है। पैतृक कार्यो में भी रुचि रहेगी लेकिन भागदौड़ करना अखरेगा। घरेलू सुख सुविधा में कुछ कमी अनुभव होगी। सेहत में भी छोटी मोटी संमस्या लगी रहेगी फिर भी कार्य बाधक नही बनेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप असमंजस की स्थिति में रहेंगे आपका स्वभाव पल पल में बदलने से लोग आपके ऊपर विश्वास नही करेंगे एक पल में आध्यात्मिक बाते करेंगे अगले ही पल मौज शौक में रुचि दिखाने से लोगो के बीच हास्य के पात्र बनेंगे आपकी छवि भी आडम्बरी जैसी बनेगी। कार्य व्यवसाय में ले देकर लाभजनक स्थिति बना लेंगे लेकिन इसके लिये किसी की खुशामद भी करनी पड़ेगी धन लाभ जरूरत के अनुसार हो ही जायेगा। नौकरी पेशाओ को अधिकारी वर्ग की बातों को अनसुना करने पर फटकार लग सकती है। गृहस्थी में माता को छोड़ अन्य किसी से नही बनेगी पति पत्नी में धन अथवा खर्च के कारण बहस होगी। भूमि भवन वाहन सुख मिलेगा लेकिन किसी अन्य के भाग्य से। सेहत कुछ समय के लिये प्रतिकूल होगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आपका स्वभाव अटपटा रहेगा शुभ कर्मों को छोड़ वर्जित कार्यो में अधिक रुचि दिखाएंगे। काम धंधा मंदा रहेगा लेकिन आज अकस्मात लाभ होने की भी संभावना है लापरवाही से बचे अन्यथा वंचित रह जाएंगे। आज आप अपना काम निकालने के लिये जिद का सहारा लेंगे अन्य लोगो को इससे काफी परेशानी होगी क्रोध दिमाग पर रहेगा मांगे पूरी ना होने पर कलह पर उतारू हो जाएंगे विशेष कर माता से अपना काम निकल कर ही चैन आएगा। घर का वातावरण उथल पुथल रहेगा पति पत्नी अथवा अन्य परिजनों में शंकालु वृति के कारण झगड़ा हो सकता है। कामोतेजना आज अधिक रहेगी संयम रखें अन्यथा अपमानित हो सकते है। आँख एवं मस्तिष्क संबंधित संमस्या को छोड़ आरोग्य सामान्य रहेगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आपको धैर्य से काम लेने की सलाह है मानसिक संतुलन कम रहेगा स्वयं कुछ भी कहेंगे करेंगे लेकिन किसी अन्य के करने पर लड़ाई पर उतारू हो जाएंगे। दिन के पूर्वार्ध में परिजन अथवा किसी अन्य से गलतफहमी बनेगी जल्दबाजी में कोई निर्णय ना ले अन्यथा बाद में पछतावा होगा। महिलाए भी बोलने से पहले विचार करें बेतुकी बातो से अपना ही सम्मान घटेगा। कार्य क्षेत्र पर धन अथवा किसी वस्तु के कारण झगड़ा हो सकता है यहाँ भी व्यवहारिकता से काम ले नही तो व्यवहार खराब होंगे। धन लाभ पाने के लिये आज बौद्धिक के साथ शारीरिक परिश्रम भी करना पड़ेगा तब जाकर काम चलाऊ हो सकेगा। मन मे गुप्त योजनाए बनाएंगे इनसे लाभ भी उठाएंगे लेकिन ध्यान रहे इससे किसी का अहित ना हो। संध्या पश्चात का समय दिन की तुलना में आरामदायक रहेगा लेकिन पुरानी बातों को ना कुरेदे।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आप घरेलू संबंधों अथवा कार्यो को लेकर अत्यंत लापरवाह रहेंगे घरेलू कार्य या तो भूल जाएंगे या याद रहने पर भी टालने से परिजनों से गरमा गरमी हो सकती है। संताने भी आज जिद्दी व्यवहार करेंगी जिनको पूरी करने पर खर्च करना पड़ेगा इसकारण यात्रा भी हो सकती है। कार्य व्यवसाय से आशा न होने पर भी अकस्मात धन लाभ होगा जिससे थोड़ी राहत मिलेगी ज्यादा दौड़ धूप करने से बचेंगे फिर भी किसी न किसी कारण से करनी ही पड़ेगी। घर मे छोटे भाई बहन अथवा मित्रो, नौकरों से भी बहस होगी लेकिन नतीजा कुछ नही निकलेगा। संध्या का समय शांतिदायक रहेगा एकांत में रहना पसंद करेंगे दिन की तुलना में संतोषि भी रहेगें। हाथ, कान संबंधित समस्या रह सकती है।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आपको कामना पूर्ति के अवसर देगा लेकिन आलस्य और लापरवाही इसमे बाधक भी बनेगा इनसे बचने का प्रयास करे तो दिन से आशाजनक लाभ उठा सकते है। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धी सर उठाएंगे फिर भी आप अपने कार्यकुशलता और सामाजिक प्रतिष्ठा के बल पर इनका शमन कर देंगे। व्यवसाय में आरम्भिक मशक्कत के बाद दोपहर बाद से लाभ मिलने लगेगा जो रात्रि तक रुक रुक कर चलता रहेगा। सामाजिक क्षेत्र पर किसी के वैर विरोध का सामना करना पड़ेगा। सरकारी उलझनों में फंसने की भी संभावना है अनैतिक कार्यो से बचे अन्यथा फल विपरीत भी हो सकते है। गृहस्थ में भी थोड़ा विरोध का सामना करना पड़ेगा लेकिन यहाँ विजय आपकी ही होगी। दूर के व्यवसाय अथवा संबंध से आकस्मिक लाभ होगा। ठंड से बचे जुखाम बुखार की समस्या हो सकती है।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन शुभफलों की प्राप्ती कराएगा। कई दिनों से चल रही योजना अथवा मनोकामना के आज पूर्ण होने से मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे लेकिन शरीर मे ठंड के कारण छोटे मोटे विकार लगे रहेंगे फिर भी दिनचार्य को ज्यादा प्रभावित नही होने देंगे। नौकरिपेशाओ के लिये भी दिन विजय दिलाने वाला रहेगा आज सहयोग की कमी रहने के बाद भी अपने पराक्रम और भाग्य का साथ मिलने से जटिल कार्यो को हल करने पर अधिकारियों की प्रशंसा के पात्र बनेंगे। व्यवसायी एवं नौकरी पेशा दोनो को ही नियमित आय से संतोष करना पड़ेगा अतिरिक्त आय बनाने के प्रलोभन से बचे अन्यथा परेशानी होगी। घर मे पति-पत्नी अथवा किसी अन्य से थोड़ी कलह के बाद ही शांति मिलेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आपका स्वभाव शारीरिक दुर्बलता के कारण उदासीन बना रहेगा। अधिक मेहनत वाले कार्य करने में समर्थ नही रहेंगे फिर भी छोटे मोटे कार्य मे लगे रहेंगे। दिन के आरंभ से मध्यान तक कि दिनचर्या खराब रहेगी कार्य करने की हिम्मत जुटाएंगे लेकिन परिस्थिति कोई न कोई बाधा डालेगी मन मे उटपटांग विचार आएंगे। नौकरी वाले लोग भी मध्यान तक जबरदस्ती कार्य करेंगे लेकिन दोपहर के बाद सेहत में थोड़ी चुस्ती आने लगेगी फिर भी यात्रा अथवा अन्य जोखिम वाले कार्यो से बच कर ही रहे दुर्घटना हो सकती है। कार्य व्यवसाय में आज सफलता कम ही मिलेगी जोड़ तोड़ कर थोड़ा बहुत धन मिलेगा परन्तु तुरंत खर्च हो जाएगा। घर मे शांति रहने के बाद भी मन मे उच्चाटन बनेगा। सामाजिक सम्मान में कमी आएगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आपका मुख्य लक्ष्य अपने व्यावसायिक क्षेत्र में वृद्धि कर लाभ उठाने का रहेगा इसके लिये सार्वजनिक क्षेत्र पर नए लोगो से जान पहचान बनाएंगे छोटी बड़ी यात्रा एवं परिश्रम आज अधिक करना पड़ेगा लेकिन धन संबंधित कामनाये पूरी होने में फिर भी संशय बना रहेगा। नौकरी पेशाओ को भी कार्य के सिलसिले से यात्रा करनी पड़ सकती है यात्रा शुभ ही रहेगी नए मित्रो से संपर्क, मेल मिलाप बढ़ेगा मशीनरी अथवा अन्य संसाधनों का लाभ होगा लेकिन यात्रा को सीधे धन लाभ से ना जोड़े अन्यथा उदासी ही मिलेगी। लाटरी सट्टे में निवेश का मन बनेगा लेकिन ज्यादा लाभ नही मिलेगा। घर के सदस्य आज एकमत रहने से शांति रहेगी।
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
घर के चारों कोनों में बड़े मत्थे की बड़ी कीलें लगी होने का क्या मतलब होता है? हमने जो मकान लिया था, उसमें लगी हुई थीं। उन्हें हमने उखाड़ कर फेंक दिया। क्या हमने गलत किया?
घर के चारों कोनों में बड़े मत्थे की कीलें लगाने का परंपरागत अर्थ और उनके उखाड़े जाने पर उसके प्रभाव को समझना महत्वपूर्ण हो सकता है। ये कीलें प्राचीन भारतीय वास्तुशास्त्र और सांस्कृतिक विश्वासों का हिस्सा हैं,जो नकारात्मक ऊर्जा और बुरी आत्माओं से सुरक्षा के उद्देश्य से लगाई जाती थीं। इस विस्तृत विश्लेषण में हम इस प्रथा के ऐतिहासिक संदर्भ,इसके आधुनिक महत्व और उखाड़ने के संभावित प्रभावों पर चर्चा करेंगे।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ
प्राचीन भारतीय वास्तुशास्त्र में घर के निर्माण और डिज़ाइन से संबंधित कई परंपरागत विधियाँ और मान्यताएँ हैं। इनमें से एक मान्यता यह है कि घर के चारों कोनों में बड़ी कीलें लगाकर नकारात्मक ऊर्जा और बुरी आत्माओं से सुरक्षा प्रदान की जाती है। यह प्रथा प्राचीन काल से चली आ रही है और इसमें विश्वास किया जाता था कि ये कीलें घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने और नकारात्मक तत्वों से बचाने में सहायक होती हैं। इन कीलों को अक्सर बड़े धातु के टुकड़ों के रूप में रखा जाता था।जिन्हें ‘मत्थे कील’ कहा जाता है। इनका आकार और स्थान बहुत ही सोचा-समझा होता था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घर में बुरी शक्तियाँ प्रवेश न कर सकें। इन कीलों को विशेष रूप से घर के कोनों में लगाया जाता था। जहां से नकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह की संभावना अधिक होती थी।
आधुनिक संदर्भ में
समकालीन समय में लोगों की सोच और वास्तुशास्त्र की परंपराएँ बदल गई हैं। आजकल की इमारतों और घरों में आधुनिक डिज़ाइन और निर्माण तकनीकों का उपयोग किया जाता है।और प्राचीन प्रथाओं को आधुनिक मानकों से परखा जाता है। हालांकि, कुछ लोग अब भी इन पारंपरिक मान्यताओं को मानते हैं और अपने घरों में इन प्रथाओं को अपनाने की कोशिश करते हैं। घर के चारों कोनों में कीलें लगाने का प्रचलन अब कम हो गया है।और इसके स्थान पर लोग अन्य वास्तु उपायों को अपनाने लगे हैं। इसमें ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करने के लिए विभिन्न वास्तु शास्त्र के उपाय जैसे कि शुभ रंगों का उपयोग फेंग शुई के तत्व और ऊर्जा प्रवाह को नियंत्रित करने वाले साधन शामिल हैं।
कीलें उखाड़ने के प्रभाव
यदि आपने अपने घर के कोनों से इन कीलों को उखाड़ दिया है। तो यह महत्वपूर्ण है कि आप इसके संभावित प्रभावों को समझें। जबकि इन कीलों के उखाड़े जाने का सीधा नकारात्मक प्रभाव नहीं होता, इसका कुछ सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक महत्व हो सकता है।
1.सांस्कृतिक प्रभाव
इन कीलों के उखाड़ने से सांस्कृतिक मान्यताओं पर प्रभाव पड़ सकता है। कुछ लोग इन मान्यताओं को एक प्रकार की सुरक्षा या शांति के रूप में देखते हैं। अगर आपने इन्हें उखाड़ दिया है।तो आप सांस्कृतिक परंपराओं से हटा सकते हैं।जो कुछ लोगों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
2.मानसिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव
अक्सर इन परंपराओं को अपनाने से मनोवैज्ञानिक शांति और सुरक्षा का अहसास होता है। जब आप इन कीलों को हटाते हैं।तो यह आपके लिए मानसिक शांति का आभाव पैदा कर सकता है। इसलिए, अगर आप इन परंपराओं को मानते हैं, तो आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि आप इसे मनोवैज्ञानिक रूप से ठीक तरीके से संभाल सकें।
3.वास्तु के दृष्टिकोण से
वास्तु शास्त्र के दृष्टिकोण से, अगर आप मानते हैं कि इन कीलों का हटाना घर के ऊर्जा संतुलन को प्रभावित कर सकता है।तो आप अन्य उपाय अपना सकते हैं। आप घर में सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए हवन पूजा या अन्य वास्तु उपाय कर सकते हैं। इससे घर की ऊर्जा में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं और आप पुरानी परंपराओं को आधुनिक तरीके से संतुलित कर सकते हैं।
विकल्प और समाधान
अगर आपने कीलों को उखाड़ने का निर्णय लिया है और इसके प्रभावों को कम करने के लिए कुछ कदम उठाना चाहते हैं।तो यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं।
1.वास्तु शांति या हवन:
घर में वास्तु शांति या हवन करने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाया जा सकता है और नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। यह एक पारंपरिक तरीका है जो आपके घर के ऊर्जा संतुलन को बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
2.सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाले उपाय:
घर में रंगों सजावट और पौधों का उपयोग करके सकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकते हैं। अच्छे रंग हवादार स्थान और प्राकृतिक तत्व आपके घर की ऊर्जा को बढ़ावा दे सकते हैं।
3.वास्तु विशेषज्ञ की सलाह:
अगर आप वास्तु के प्रति संवेदनशील हैं और परंपरागत मान्यताओं का पालन करना चाहते हैं।तो एक वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लेना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। वे आपके घर के लिए उचित उपाय सुझा सकते हैं जो आपके विश्वासों के अनुरूप हों।
4.आध्यात्मिक गतिविधियाँ:
ध्यान,योग और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियाँ घर की सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। यह मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान कर सकती हैं।
निष्कर्ष
घर के चारों कोनों में बड़े मत्थे कीलें लगाना एक प्राचीन प्रथा है जो नकारात्मक ऊर्जा और बुरी आत्माओं से सुरक्षा के लिए अपनाई जाती थी। हालांकि, आधुनिक समय में इस परंपरा का प्रचलन कम हो गया है और लोग अन्य वास्तु उपायों को अपनाते हैं। अगर आपने इन कीलों को उखाड़ दिया है।तो इसका कोई सीधा नकारात्मक प्रभाव नहीं होता, लेकिन आप कुछ अन्य उपाय करके घर की सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रख सकते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि आप अपनी सांस्कृतिक मान्यताओं और मानसिक शांति को ध्यान में रखते हुए उचित उपाय करें।


















Leave a Reply