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विदिशा- बेतवा पुल क्षतिग्रस्त,वाहनों का आवागमन रोका*

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विदिशा लोकेशन गंजबासौदा
जिला ब्यूरो संजीव शर्मा

 बेतवा पुल क्षतिग्रस्त,वाहनों का आवागमन रोका*

 

गंजबासौदा// जब शासन का समूचा सिस्टम लचीला ओर नकारा हो तो कितना भी आवश्यक कार्य हो वह अटक ही जाता है। ऐसा ही बासौदा से सिरोंज रोड बनने वाला बेतवा पुल का हाल है। इससे बनते हुए करीब 2 से 3 बर्ष हो गए और बासौदा से सिरोंज रोड को बने हुए करीब 10 बर्ष से ऊपर हो गए पर बेतवा पर बनने वाला पुल आज तक नही बन सका। ऐसा भी नही है कि इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों ओर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को नही है, कि ये बर्षो पुराना पुल काफी क्षतिग्रस्त हालत में बना हुआ और जब जब बारिश से पुल पर पानी बढ़ता है तभी ये पुल बीच में से प्रतिवर्ष क्षतिग्रस्त हो जाता है। लगता है शासन-प्रशासन को इंतजार है तो बस किसी बड़ी दुर्घटना का! जब कोई घटना घटेंगी तो आनन फानन में कुछ अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरेगी घटना में प्रभावित लोगों को मुआवजा देकर इतिश्री कर ली जायेगी। शासन को पता है कि बासौदा से सिरोंज को जोड़ने वाली ये प्रमुख सड़क मार्ग इसके बाबजूद भी इस पुल को समय रहते नही बनाया गया। यदि बाढ़ के पानी से ये पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त होता है तो यहां से पूरी बारिश होने तक यहां से वाहनों का आवागमन पूर्णता प्रतिबंधित हो जायेगा। लेकिन सरकार का नकारा ओर लचर सिस्टम इस पुल को 2 से 3 बर्षो में भी समय पर नही बना सका। वैसे तो ये पुल सड़क निर्माण के समय ही 10 बर्ष पूर्व बन जाना था। लेकिन लापरवाह अधिकारियों की मनमर्जी से समय पर नही बन सका और इसका खमियाजा आसपास के लोगो को उठाना पड़ रहा।
ज्ञात हो कि बारिश के पानी से ये पुल एक बार फिर क्षतिग्रस्त हो गया है ओर इस पुल से बड़े वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। वही इस बासौदा-सिरोंज सीसी सड़क मार्ग बने हुए 10 बर्ष बीत गए पर नकारा सिस्टम की बदौलत इस पुल के दोनों ओर न तो सीसी डाली गई थी न ही इसे बनाया गया था। जिससे ये सीसी पूरी तरह उधड़ गई। अर्थात ये आज तक ज्यो की त्यों हालात में बनी है जहां से छोटे बड़े वाहनों को काफी धीमी गति से अपने वाहनों को निकालना पड़ रहा है। वही वाहनों की धीमी गति से सबसे ज्यादा नुकसान टेक्टर ट्राली वाले किसानों को उठाना पड़ रहा है इस उबड़ खाबड़ सड़क पर धीमी गति होने पर चोर उच्चके उनकी ट्रालियों में से अनाज की बोरिया उतार लेते वही वाहनों की बेरिंग इत्यादि भी खराब हो जाती है। इसकी शिकायत हमने शासन द्वारा सड़को के सुधार के लिए बनाए गए लोकपथ एप्लिकेशन पर की लेकिन महीने भर बाद भी इस एप्रोच कार्य को नही किया गया इसकी शिकायत ही बंद कर दी थी फिर इसकी शिकायत पुन: कि तो एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने सिर्फ बड़े गड्डो पर रेत गिट्टी डालने की बात कही और आज आधे अधूरे बड़े गड्डो पर सीमेंट गिट्टी से भरवाते नजर आए।
वही प्रशासन के लापरवाह अधिकारियों और सरकार के लचर सिस्टम के चलते इस पुल में बड़ा सुराग हो जाने से एक बार फिर बड़े वाहनों का आवागमन इस पुल से प्रतिबंधित कर दिया है जिससे अब बड़े वाहनों को गुरोद मार्ग से होते हुए अम्बानगर आना पड़ रहा है।

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