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बाराबंकी : रामनगर के बाद जैदपुर थाना क्षेत्र में हुई मासूम से छेड़छाड़, लोगो में जबरदस्त आक्रोश, चालक को पीटकर पुलिस को सौंपा।

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार यूपी बाराबंकी सत्यार्थ न्यूज़

रामनगर के बाद जैदपुर थाना क्षेत्र में हुई मासूम से छेड़छाड़, लोगो में जबरदस्त आक्रोश, चालक को पीटकर पुलिस को सौंपा।

• कक्षा तीन की छात्रा से वैन चालक ने की छेड़छाड़।

बाराबंकी

जैदपुर। थाना क्षेत्र में निजी स्कूल की कक्षा तीन की छात्रा स्कूल वैन से घर वापस लौट रही थी। रास्ते में वैन चालक ने उसके साथ छेड़छाड़ की। घर पहुंचने पर छात्रा ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। शुक्रवार की सुबह आक्रोशित परिजन व ग्रामीण दर्जनों की संख्या में स्कूल पहुंचे और चालक को जमकर पीटा। मौके पर पहुंची पुलिस को सौंप दिया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी चालक पर पाक्सो आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

स्कूल से लौटने के दौरान हुई घटना:

जैदपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली आठ वर्षीय बालिका भानमऊ रोड स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा है। इसी स्कूल में प्रमोद वैन चालक है। वह बच्चों को घर से स्कूल लाने ले जाने का काम करता है। गुरुवार की दोपहर जब छात्रा घर पहुंची तो रोते हुए उसने अपनी मां को बताया कि वैन के चालक ने उसे वैन में आगे बैठा कर उसके छेड़छाड़ की। बालिका से छेड़छाड़ की बात सुनकर परिजन हतप्रभ रह गए।

स्कूल में पहुंच कर चालक को पीटा:

छात्रा के साथ हुई इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने स्कूल में प्रधानाचार्य व प्रबंधक को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। इस पर प्रबंधक ने उन्हें शुक्रवार को स्कूल में बुलाया था। उधर, इस घटना को सुनकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया। शुक्रवार की सुबह बालिका के चाचा के साथ एक दर्जन ग्रामीम स्कूल पहुंचे। स्कूल में पहुंचते ही जैसे ही सभी की नजर आरोपी वैन चालक प्रमोद पर पड़ी तो लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। सभी ने दौड़ाकर प्रमोद को पकड़ा और उसकी जमकर धुनाई कर दी। सभी उसे घसीटते हुए थाने ले जाने लगे। मगर उससे पहले स्कूल प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में लिया और उसे थाने भेज दिया।

 चालक 40 फीसदी दिव्यांग, बना है लर्निंग लाइसेंस:

आरोपी प्रमोद कुमार ने खुद को 40 फीसद दिव्यांग होने की भी बात पुलिस को बताई है। इतना ही नहीं उसके पास स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस के स्थान पर लर्निंग लाइसेंस की कापी पुलिस को मिली है। दिव्यांग होने के बाद लाइसेंस बना होना भी चर्चा का विषय है। इसे लेकर एआरटीओ अंकिता शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि दिव्यांग अगर वाहन को अपने हिसाब से वाहन को माडीफाई करवा लेता है तो उसका लाइसेंस जारी हो सकता है। वहीं उन्होंने कहा कि लर्निंग लाइसेंस (फेसलेस) तो मोबाइल या फिर कामन सर्विस सेंटर से भी अब बन जाता है। स्थाई लाइसेंस के लिए जब अभ्यर्थी कार्यालय आता है तो उसकी जांच के बाद ही लाइसेंस जारी होता है। पुलिस ने कहा कि वह सारे पहलुओं को चेक कर रही है।

स्कूल प्रबंधन की भूमिका की होगी जांच:

रामनगर थाना क्षेत्र में मासूम छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने सिर्फ स्कूल वाहन चालक के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच होगी। अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी चिरंजीवीनाथ सिन्हा ने बताया कि रामनगर थाना क्षेत्र छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी स्कूल वाहन चालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस मामले में अभी स्कूल के प्रबंधन की भूमिका की जांच की जाएगी। इसमें स्कूल द्वारा चलवाए जा रहे वाहनों व चालक को सम्बद्ध किये जाने के क्या नियम है। वाहनों में स्कूल का स्टॉफ होना चाहिए या नहीं आदि बिन्दुओं की जांच की जाएगी।

चाचा की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले में छात्रा के चाचा ने पुलिस को तहरीर दी है। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी चालक प्रमोद कुमार निवासी ग्राम रेवतीपुरवा मुरलीगंज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल अमित प्रताप सिंह ने बताया कि चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। केस दर्ज कर लिया गया है।

स्कूल की ठेके पर चलवाता था वैन।

वैन को लेकर स्कूल प्रबंधन अपना पल्ला झाड़ रहा है। वैन तो ड्राइवर प्रमोद कुमार के नाम ही है। मगर बताया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन उक्त वैन को ठेके पर लेकर बच्चों को लाने-भेजने के काम के लिए लगाया था। इसके एवज में वैन मालिक व ड्राइवर प्रमोद को नौ हजार रुपए प्रबंधन देता था। स्कूल में चल रही वैन में सुरक्षा को कोई भी मानक पूरा नहीं है। वैन चालक को बच्चों को लाने ले जाने के लिए दो फेरे लगाने थे। पहला फेरा दोपहर साढ़े 12 बजे व दूसरा फेरा डेढ़ बजे लगाना था लेकिन वह बच्चों को एक से डेढ़ घंटे रोक कर एक ही फेरा लगाता था। पुलिस का कहना है कि मानकों की जांच के साथ जांच की जा रही है कि वैन का बीमा व फिटनेस आदि है कि नहीं।

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