न्यूज़ रिपोर्टर शाका नामदेव गुना
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, गीता स्वाध्याय कार्यक्रम हुआ संपन्न
खबर गुना जिला मध्य प्रदेश से
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती,साधना कभी बेकार नहीं होती; इसलिए हमें उत्साह के साथ कर्त्तव्य कर्म करते हुए मनुष्य जीवन के परम् लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। अर्जुन ने जब भगवान श्रीकृष्ण से पूछा कि साधना पथ से भटके हुए साधक का क्या होता है? कहीं वह बादलों की तरह बिखर तो नहीं जाता? तब भगवान ने कहा कि योगभ्रष्ट साधक उचित लोकों से होते हुए श्रीमान के घर में जन्म लेकर अपना साधना क्रम आगे बढ़ाता है, इसी प्रकार वैराग्यवान् भी ज्ञानियों के कुल में जन्म लेकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। हमें भी निराशा को पास नहीं फटकने देना चाहिए। मन को वश में करना वायु को रोकने के समान कठिन है परन्तु सतत् अभ्यास और वैराग्य से मन पर नियंत्रण संभव है। भगवान भाव के भूखे है बिना भाव के सब बेकार है। ध्यान के अभ्यास से साधक को सफलता अवश्य मिलती है आज नही तो कल ; निश्चित होंगे सफल। उक्त आशय के अनेक सकारात्मक संदेश श्रीमद्भगवद्गीता के आत्मसंयम योग नामक अध्याय के अंतिम श्लोकों के सन्दर्भ में पं ओमप्रकाश शर्मा ने निजनिवास दुर्गा कालोनी में आयोजित गीतास्वाध्याय में व्यक्त किए।
सुभाषित श्रीभोलाशंकर भार्गव ने सुनाया और श्री राधेश्याम मुद्गल ने अमृतवचन में मलिक मोहम्मद जायसी की कृष्णभक्ति का गुणगान किया,प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत करते हुए लखन नामदेव ने संसार की उलझनों की ओर ध्यान दिए बिना गीता-स्वाध्याय जैसे
सद्कर्म करने की प्रेरणा दी । स्वाध्याय में पंडित बद्री प्रसाद शर्मा, हरिदत्त शर्मा, रेखा पाण्डेय, हेमलता सक्सेना,राखी भार्गव, प्रेम रघुवंशी, सुधीर सक्सेना,एन के परिहार, मनोज शर्मा, रामसिंह रघुवंशी, परमाल सिंह, धर्मवीर सिंह, रविन्द्र सिंह रघुवंशी, चंद्रमोहन अग्रवाल, राम कुमार तिवारी, देवेन्द्र भार्गव सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आगामी गीता स्वाध्याय हेतु श्रीमती सुमन शर्मा ने गीता जी की गरिमामय आगवानी की।
















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