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बीकानेर-18 जून 2024 मंगलवार आज का पंचांग व राशिफल निर्जला एकादशी की शुभकामनाओं के साथ जाने व्रत का महत्व पंडित नरेश सारस्वत रिड़ी वाले के साथ

न्यूज रिपोर्टर नरसीराम शर्मा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है !पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त, योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं!

🙏जय श्री कृष्णा🙏

आज का पंचांग

ll जय श्री राधे llदिनाँक:- 18/06/2024, मंगलवार*
एकादशी, शुक्ल पक्ष,
ज्येष्ठ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——– एकादशी 06:24:17 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र———– स्वाति 15:55:12
योग—————शिव 21:37:36
करण——- विष्टि भद्र 06:24:18
करण————–बव 19:00:58
वार———————– मंगलवार
माह————————– ज्येष्ठ
चन्द्र राशि——————- तुला
सूर्य राशि——————- मिथुन
रितु————————- ग्रीष्म
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर——————— क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) —————कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत—————— 1946
कलि संवत—————– 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:25:15
सूर्यास्त—————- 19:15:42
दिन काल————- 13:50:26
रात्री काल————- 10:09:43
चंद्रोदय————— 15:54:44
चंद्रास्त—————- 26:49:35

लग्न—- मिथुन 3°4′ , 63°4′

सूर्य नक्षत्र—————– मृगशिरा
चन्द्र नक्षत्र—————— स्वाति
नक्षत्र पाया——————- रजत

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

रो—- स्वाति 09:27:13

ता—- स्वाति 15:55:12

ती—- विशाखा 22:20:44

तू—-विशाखा 28:43:47

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= मिथुन 03:10, मृगशिरा 3 का
चन्द्र=तुला 14:30 , स्वाति 3 रो
बुध =मिथुन 07:53′ आर्द्रा 1 कु
शु क्र= मिथुन 06°05, आर्द्रा ‘ 1 कु
मंगल=मेष 12°30 ‘ अश्विनी ‘ 4 ला
गुरु=वृषभ 11°30 रोहिणी , 1 ओ
शनि=कुम्भ 25°00 ‘ पू o भा o ,2 सो
राहू=(व) मीन 17°45 रेवती , 1 दे
केतु=(व) कन्या 17°45 हस्त , 3 ण

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 💮🚩💮*

राहू काल 15:48 – 17:32 अशुभ
यम घंटा 08:53 – 10:37 अशुभ
गुली काल 12:20 – 14:00 अशुभ
अभिजित 11:53 – 12:48 शुभ
दूर मुहूर्त 08:11 – 09:07 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:20 – 24:15* अशुभ
वर्ज्यम 21:55 – 23:38 अशुभ
प्रदोष 19:16 – 21:19 शुभ

💮चोघडिया, दिन
रोग 05:25 – 07:09 अशुभ
उद्वेग 07:09 – 08:53 अशुभ
चर 08:53 – 10:37 शुभ
लाभ 10:37 – 12:20 शुभ
अमृत 12:20 – 14:04 शुभ
काल 14:04 – 15:48 अशुभ
शुभ 15:48 – 17:32 शुभ
रोग 17:32 – 19:16 अशुभ

🚩चोघडिया, रात
काल 19:16 – 20:32 अशुभ
लाभ 20:32 – 21:48 शुभ
उद्वेग 21:48 – 23:04 अशुभ
शुभ 23:04 – 24:21* शुभ
अमृत 24:21* – 25:37* शुभ
चर 25:37* – 26:53* शुभ
रोग 26:53* – 28:09* अशुभ
काल 28:09* – 29:25* अशुभ

💮होरा, दिन
मंगल 05:25 – 06:34
सूर्य 06:34 – 07:44
शुक्र 07:44 – 08:53
बुध 08:53 – 10:02
चन्द्र 10:02 – 11:11
शनि 11:11 – 12:20
बृहस्पति 12:20 – 13:30
मंगल 13:30 – 14:39
सूर्य 14:39 – 15:48
शुक्र 15:48 – 16:57
बुध 16:57 – 18:07
चन्द्र 18:07 – 19:16

🚩होरा, रात
शनि 19:16 – 20:07
बृहस्पति 20:07 – 20:57
मंगल 20:57 – 21:48
सूर्य 21:48 – 22:39
शुक्र 22:39 – 23:30
बुध 23:30 – 24:21
चन्द्र 24:21* – 25:11
शनि 25:11* – 26:02
बृहस्पति 26:02* – 26:53
मंगल 26:53* – 27:44
सूर्य 27:44* – 28:35
शुक्र 28:35* – 29:25

*🚩 उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

मिथुन > 04:20 से 07:00 तक
कर्क > 07:00 से 08:48 तक
सिंह > 08:48 से 11:28 तक
कन्या > 11:28 से 13:34 तक
तुला > 13:34 से 15: 36 तक
वृश्चिक > 15:36 से 18:08 तक
धनु > 18:08 से 20:00 तक
मकर > 20:00 से 22:10 तक
कुम्भ > 22:10 से 23:24 तक
मीन > 23:24 से 00:54 तक
मेष > 00:54 से 02:34 तक
वृषभ > 02:44 से 04:22 तक

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

11 + 3 + 1 = 16 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

11 + 11 + 5 = 27 ÷ 7 = 3 शेष

वृषभारूढ़ = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

प्रातः 06:24 तक समाप्त

पाताल लोक =धन लाभ कारक

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* निर्जला एकादशी व्रत

*भीमसैनी एकादशी

*श्रीजी पुष्पनौका (श्री राधावल्लभ जी)

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

एकाक्षरप्रदातारं यो गुरुं नाऽभिवन्दते ।
श्वानयोनिशतं भुक्त्वा चांडालेष्वभिजायते ।।
।। चा o नी o।।

जिस व्यक्ति ने आपको अध्यात्मिक महत्ता का एक अक्षर भी पढाया उसकी पूजा करनी चाहिए. जो ऐसे गुरु का सम्मान नहीं करता वह सौ बार कुत्ते का जन्म लेता है. और आखिर चंडाल बनता है. चांडाल वह है जो कुत्ता खाता है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: ज्ञानविज्ञानयोग अo-07

मय्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः ।,
असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु ॥,

श्री भगवान बोले- हे पार्थ! अनन्य प्रेम से मुझमें आसक्त चित तथा अनन्य भाव से मेरे परायण होकर योग में लगा हुआ तू जिस प्रकार से सम्पूर्ण विभूति, बल, ऐश्वर्यादि गुणों से युक्त, सबके आत्मरूप मुझको संशयरहित जानेगा, उसको सुन॥,1॥,

💮🚩दैनिक राशिफल🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगो

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
आज का राशिफल
🐐🐂💏💮🐅👩
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मेष🐐-(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन उठा पटक वाला रहेगा आज आप जिस कार्य से लाभ की उम्मीद लगाए रहेंगे उसे छोड़ कोई अन्य काम लाभ दिलाएगा। जल्दबाजी में कोई निर्णय ना लें वरना हाथ लगे लाभ से वंचित रह जाएंगे। व्यवसायी वर्ग कुछ समय के लिये निराशा में आकर घाटे में सौदे करने का विचार बनाएंगे लेकिन थोड़ा धैर्य रखें संध्या के समय स्थिति बदलने पर ज्यादा लाभ मिल सकता है। महिलाओं के विचार पल पल में बदलेंगे जिससे कार्य सफलता संदिग्ध रहेगी। नौकरी वाले लोगो को परिश्रम का फल किसी ना किसी रूप में अवश्य मिलेगा। सेहत कुछ समय के लिये गड़बड़ होगी।

वृष🐂-(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन व्यर्थ के कार्यो में समय नष्ट होगा जिससे अपने मूल उद्देश्य से भटक जाएंगे। आज घर के बुजुर्ग अथवा वरिष्ठ नागरिको को सलाह की अनदेखी ना करें वरना बाद में पछताना पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर व्यवसाय में उतार चढ़ाव आएगा लेकिन फिर भी भाग्य का साथ मिलने से अन्य प्रतिद्वंदियों की तुलना में ज्यादा लाभ के अवसर मिलेंगे लेकिन ध्यान रहे प्रलोभन के चक्कर मे ये हाथ से निकल भी सकते है। सहकर्मी स्वार्थ सिद्धि के लिये मीठा व्यवहार करेंगे पूर्ति होने के बाद व्यवहार बदल जायेगा देख कर ही किसी की मदद करें। परिवार के सदस्य आपकी टालमटोल वाली नीति से नाराज होंगे। सर दर्द अथवा मासपेशियो में अकड़न रहेगी।

मिथुन👫-(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आपको परिश्रम का फल ना मिलने से गुस्सा आएगा। दिन का प्रथम हिस्सा तो शांति से व्यतीत करेंगे लेकिन इसके बाद कि दिनचार्य व्यर्थ की भागदौड़ वाली रहेगी। अनचाहे कार्यो में समय खराब होगा। आज मन मे अहम की भावना रहने के कारण किसी का मार्गदर्शन भी नही लेंगे। कार्य व्यवसाय से जब भी धन लाभ की संभावना बनेगी तभी कुछ ना कुछ व्यवधान आएगा। उधार के व्यावहार आज सीमित रखें अन्यथा धन संबंधित उलझनों में पढ़ेंगे। परिवार में भी किसी से आर्थिक कारणों को लेकर खींच तान संभव है महिलाए आवश्यकता पड़ने पर ही बोलें। रक्त पित्त दोष सेहत को प्रभावित करेगा।

कर्क🦀-(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आपका उद्दंड व्यवहार हस्ते हुए इंसान को रुला देगा। स्वभाव में कठोरता एवं रूखापन आपसी संबंधों को तो खराब करेगा ही साथ मे धन संबंधित उलझने भी बढ़ाएगा। जो व्यक्ति आपकी सहायता के लिये पहले तैयार था वह अचानक पीठ दिखायेगा। कार्य क्षेत्र अपर भी धन का अभाव महत्त्वपूर्ण कर्यो को अधूरा रखेगा। उधारी वालो से अतिरिक्त परेशानी होगी। आज आपका मन सरल एवं सात्विक कार्यो को छोड़ अनर्गल प्रवृतियों की तरफ जल्दी आकर्षित हो जाएगा। नौकरी वाले लोग छोटी सी बात पर सहकर्मी अथवा अन्य व्यक्ति से भिड़ेंगे व्यवहार में नरमी लाये अन्यथा मान हानि के प्रबल योग बन रहे है। स्वास्थ्य में कुछ ना कुछ विकार लगा रहेगा।

सिंह🦁-(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आप अपने असंतोषी आचरण से खराब करेंगे। परिस्थितियां अधिकांश समय आपके निर्णय के विपरीत रहेंगी। अपने काम निकालने की कला से आवश्यकता अनुसार लाभ बना लेंगे लेकिन आज किसी भी प्रकार का सुख आपको संतोष नही दे सकेगा। कार्य व्यवसाय की उलझनों के कारण मानसिक रूप से चिड़चिड़े रहेंगे किसी की गलती का गुस्सा अन्य के ऊपर उठाने पर सम्मान में कमी आएगी। आज आपकी प्रवृति बैठकर कार्य करने की रहेगी लेकिन धन लाभ चाहते हैं तो अधिक परिश्रम करना ही पड़ेगा तभी कल से इसका लाभ उठा सकेंगे। पुरानी बात याद आने पर मानसिक रूप से अशान्त और ग्लानि अनुभव करेंगे।

कन्या👩-(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन अधिकांश समय लापरवाही करेंगे। प्रातः काल यात्रा की योजना बनेगी लेकिन अकस्मात अन्य कार्य आने से निरस्त हो सकती है। आज आप अपनी कामनाओ को त्याग परिजनों की आवश्यकता पूर्ति पर अधिक ध्यान दें अन्यथा क्लेश हो सकता है। मेहनत इच्छाओं की तुलना में कम करेंगे ध्यान रहे आज की मेहनत कल किसी ना किसी प्रकार से वृद्धि कारक बनेगी। कार्य क्षेत्र पर ज्यादातर कार्य बिना बौद्विक श्रम किये सम्पन्न होंगे। जल्दबाजी में किसी से धन संबंधित वादे ना करें उधार आज भूल कर भी ना दें अन्यथा निश्चित ही डूबेगा सेहत में ताजगी बनी रहेगी। लोभ से बचें समय स्वतः ही लाभदायक बना है।

तुला⚖️-(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन शुभ प्रसंग बनने से उत्साहित रहेंगे लेकिन आज अपने काम से काम रखें कही सुनी बातो पर ध्यान दिया तो किसी ना किसी से गरमा गरमी अवश्य होगी। आज पुरुषार्थ में कमी रहने पर भी धन लाभ के अवसर सुलभ होंगे लेकिन आपके प्रयास अनैतिक रूप से धन कमाने के अधिक रहेंगे मार्ग चाहे कोई भी हो लाभ अवश्य देकर जायेगा भले बाद में समस्या ही लाये। नौकरी वाले लोग अधिकारी वर्ग से सतर्क रहें छोटी भूल भी माफी के लायक नही रहेगी। मध्यान के बाद भाग दौड़ करनी पड़ेगी लेकिन परिणाम विपरीत ही रहेंगे। संध्या का समय आनंद मनोरंजन में बिताना पसंद करेंगे। घर में थोड़ी बहुत कहा सुनी होगी।

वृश्चिक🦂-(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज भी परिस्थितिया संध्या तक विषम रहेंगी इसके बाद ही थोड़ी राहत अनुभव करेंगे। दिन का आरंभ बेचैनी भरा रहेगा हानि का भय रहने से जल्दी किसी कार्य को करने का मन नही करेगा। घर मे भी कुछ ना कुछ समस्या बनी रहेगी। कार्य व्यवसाय में आज जोखिम लेने से बचें संतोषी वृति अपनाए बड़ी हानि से बचेंगे। सहकर्मी सामने से हितैषी बनेंगे लेकिन पीछे से गड़बड़ कर सकते है। धन की आमाद सामान्य रहेगी फिर भी उधारी के कारण हाथ मे रुकेगा नही। ज्यादा भगदौड़ करने से बचें कल से परिस्थिति अनुकूल बनने लगेगी। परिवार रिश्तेदारी में अकस्मात दुखद घटना घटित होने की सम्भवना है। सेहत में नरमी रहेगी।

धनु🏹-(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन मिला-जुला फल देगा कभी प्रसन्न तो कभी उत्साहहीनता बनेगी। व्यवसायी वर्ग आज प्रातः काल से ही धन की उगाही को लेकर चिंतित रहेंगे जोर जबरदस्ती से बचें अन्यथा नई समस्या बन सकती है। कार्य व्यवसाय में आज मंदी का सामना करना पड़ेगा पूर्व नियोजित कार्योंसे ही अल्प धन लाभ होगा। कार्य विस्तार की योजना फिलहाल स्थगित करें निवेश करने से भी बचें आगे हानि के योग बन रहे है। परिवार में किसी के उद्दंड व्यवहार के कारण शांत वातावरण अचानक खराब होगा परिजनों में धर्य की कमी रहेगी विवेकी व्यवहार अपनाए। सेहत संध्या बाद खराब हो सकती है।

मकर🐊-(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन संभावनाओं पर केंद्रित रहेगा जो लोग आपसे नजदीकी बनाये हुए है वो आपकी बेतुकी बातो से दूरी बना सकते है। आज दिनचर्या को सामान्य रखने के लिये विवेकी व्यवहार की अधिक आवश्यकता है विशेष कर विपरीत लिंगीय से बात करते समय अधिक सावधान रहें लोग आपकी गलतियां पकड़ेंगे जिनका प्रयोग समय आने पर कर आपकी परेशानि में डालेंगे। धन लाभ की संभावना दिन भर लगी रहेगी परन्तु प्राप्ति के समय अचानक कुछ ना कुछ बाधा आएगी। खर्च की तुलना में धन की आमद कम ही रहेगी। परिजनों से सलाह लेकर ही कोई बड़ा काम करें। शारीरिक कमजोरी अनुभव होगी।

कुंभ🍯-(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आपमे धार्मिक भावनाओं का उदय होगा। दैनिक कार्यो से समय निकाल पूजा पाठ धार्मिक यात्रा के लिये उपस्थित रहेंगे। परोपकार की भावना भी रहेगी लेकिन जहां स्वार्थ दिखेगा वही दिखावे के लिये दान पुण्य करेंगे। कार्य क्षेत्र पर आज ज्यादा व्यवसाय नही रहेगा लेदेकर लाभ कमाने की नीति अपनाएंगे इससे लाभ तो तुरंत हो जाएगा लेकिन बाद में अफसोस भी होगा। सहकर्मियों अथवा किसी बाहरी व्यक्ति से नोक झोंक होगी व्यर्थ के विवादों से बचें अन्यथा अपने हित साधने भारी पड़ेंगे। घर मे आंशिक शांति रहेगी कुछ काम बताने पर परिजन उग्र होंगे। सेहत में आज स्थिरता रहेगी।

मीन🐳-(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन भी आपको स्वास्थ्य एवं अन्य घरेलू समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। दिन के आरंभिक और अंतिम भाग को छोड़ शेष में मानसिक उलझने लगी रहेंगी। नौकरी अथवा व्यवसाय में भी सफलता हाथ आते आते निकल जायेगी। आज जिस कार्य को करने से दूर भागेंगे परिस्थितिवश उसी को करना पडेगा। धन प्राप्ति के लिये किसी की खुशामद भी करनी पड़ेगी उसके बाद भी परिणाम आशाजनक नही मिलेंगे। संध्या बाद से उलझनों में कमी आने लगेगी महत्त्वपूर्ण कार्य कल तक कि लिये टालने के प्रयास करें। परिवार में एक दूसरे का सहयोग करने से ही तालमेल बन सकता है। कठोर वाणी एवं यात्रा से भी बचें।
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जीवन मंत्र डेस्क निर्जला एकादशी का व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत का मात्र धार्मिक महत्त्व ही नहीं है। ये व्रत मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के नज़रिए से भी बहुत महत्त्वपूर्ण है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की आराधना को समर्पित होता है। इस एकादशी का व्रत करके श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दान करना चाहिए। इस दिन विधिपूर्वक जल कलश का दान करने वालों को पूरे साल की एकादशियों का फल मिलता है। इस प्रकार जो इस पवित्र एकादशी का व्रत करता है, वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है।

एकादशी व्रत का इतिहास

एक बार बहुभोजी भीमसेन ने व्यासजीके मुख से प्रत्येक एकादशी को निराहार रहने का नियम सुनकर विनम्र भाव से निवेदन किया कि ‘महाराज! मुझसे कोई व्रत नही किया जाता। दिन भर बड़ी तीव्र क्षुधा बनी ही रहती है। अतः आप कोई ऐसा उपाय बतला दीजिये जिसके प्रभाव से स्वत: सद्गति हो जाय।‘ तब व्यासजी ने कहा कि ‘तुमसे वर्षभर की सम्पूर्ण एकादशी नहीं हो सकती तो केवल एक निर्जला कर लो, इसीसे सालभर की एकादशी करने के समान फल हो जायगा।’ तब भीम ने वैसा ही किया और स्वर्ग को गये। इसलिए यह एकादशी ‘ भीमसेनी एकादशी’ के नाम से भी जानी जाती है।

निर्जला एकादशी का महत्व

निर्जला यानि यह व्रत बिना जल ग्रहण किए और उपवास रखकर किया जाता है। इसलिए यह व्रत कठिन तप और साधना के समान महत्त्व रखता है। हिन्दू पंचाग अनुसार वृषभ और मिथुन संक्रांति के बीच शुक्ल पक्ष की एकादशी निर्जला एकादशी कहलाती है। इस व्रत को भीमसेन एकादशी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि पाँच पाण्डवों में एक भीमसेन ने इस व्रत का पालन किया था और वैकुंठ को गए थे।इसलिए इसका नाम भीमसेनी एकादशी भी हुआ सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत कर लेने से अधिकमास की दो एकादशियों सहित साल की 25 एकादशी व्रत का फल मिलता है। जहाँ साल भर की अन्य एकादशी व्रत में आहार संयम का महत्त्व है। वहीं निर्जला एकादशी के दिन आहार के साथ ही जल का संयम भी ज़रूरी है। इस व्रत में जल ग्रहण नहीं किया जाता है यानि निर्जल रहकर व्रत का पालन किया जाता है। यह व्रत मन को संयम सिखाता है और शरीर को नई ऊर्जा देता है। यह व्रत पुरुष और महिलाओं दोनों द्वारा किया जा सकता है। व्रत का विधान है।

दिनभर इन बातों का ध्यान रखें

1. पवित्रीकरण के समय जल आचमन के अलावा अगले दिन सूर्योदय तक पानी नहीं पीएं।

2.दिनभर कम बोलें और हो सके तो मौन रहने की कोशिश करें।

3. दिनभर न सोएं।

4. ब्रह्मचर्य का पालन करें।

5. झूठ न बोलें, गुस्सा और विवाद न करें।

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