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बीकानेर-श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर और उप जिला अस्पताल भवन निर्माण के संबंध में जिला कलेक्टर और दानदाताओं की बैठक आयोजित, पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के बाद होगा एमओयू, क्षेत्र की बड़ी समस्या का होगा समाधान

न्यूज रिपोर्टर मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़

विगत दिनों श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल दौरे पर आए अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी दुलीचन्द मीणा ने भी श्रीडूंगरगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के ट्रॉमा सेंटर निर्माण प्रक्रिया को जल्द ही सुलझाकर आरम्भ करने का आश्वासन स्थानीय नागरिकों एवं भामाशाह परिवार को दिया था। इसके उपरांत गत 8 जून को श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचन्द सारस्वत और सीएमएचओ राजेश गुप्ता ने उपजिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तब विधायक सारस्वत की पहल पर भामाशाह परिवार से सीएमएचओ गुप्ता के साथ इस पर विस्तृत रूप से चर्चा हुई और सीएमएचओ राजेश गुप्ता ने बताया कि आज सोमवार 10 जून को जिला कलेक्टर महोदया नमृता वृष्णि से समय लेकर आर्किटेक्ट एस. के. बेरी, भामाशाह परिवार से हरिकिशन बाहेती, जयकिशन बाहेती, श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचन्द सारस्वत, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी दुलीचंद मीणा के साथ ट्रॉमा सेंटर निर्माण की रूपरेखा तय करने के लिए एक बैठक हो सकती है। विधायक ताराचन्द सारस्वत ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर एवं उपजिला अस्पताल निर्माण के लिए भामाशाह परिवार का हर सम्भव सहयोग किया जाएगा। श्रीडूंगरगढ़ में ट्रॉमा सेंटर निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं का विकास होगा। आपको बता देवे कि 1.61 हेक्टेयर भूमि पर करोड़ो रूपयों की लागत से भव्य ट्रॉमा सेंटर का निर्माण होगा। 100 बेड के इस अस्पताल में कनिष्ठ विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, महिला चिकित्सक, चिकित्सा अधिकारी डेंटल, नर्स श्रेणी द्वितीय, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर, लैब टेक्नीशियन, डेंटल टेक्नीशियन,नेत्र सहायक,फिजियोथेरिपिस्ट, कनिष्ठ लेखाकार, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक, महिला स्वास्थ्यकर्मी अपनी सेवाएं देंगे। श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर और उपजिला अस्पताल भवन निर्माण के संबंध में सोमवार को जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि और दानदाता संस्था की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। जिला कलेक्टर ने बताया कि राज्य सरकार की स्वीकृति अनुसार श्रीडूंगरगढ़ में उप जिला अस्पताल और ट्रोमा सेंटर का भवन निर्माण दानदाताओं द्वारा किया जाएगा और भवन निर्माण पश्चात इसका नामकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रामकिशन श्रीकिशन बाहेती जनकल्याण फाउंडेशन कोलकाता और पवन प्रकाश चांडक जनकल्याण फाउंडेशन कोलकाता द्वारा सिविल कार्य निर्माण से संबंधित संपूर्ण लागत वहन करने की सहमति दी गई है। इसके अनुसार निर्माण पश्चात ब्लॉक ए का नाम सोना बृजलाल बाहेती ट्रोमा सेंटर और ब्लॉक बी का नाम भगवती मदन लाल चांडक अस्पताल होगा। वहीं दोनों भवनों के बीच एंट्रेंस फोयर पर राजकीय बाहेती चांडक उप जिला चिकित्सालय नामकरण किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता द्वारा मंगलवार को अस्पताल के लिए चिन्हित भूमि का मुआयना करते हुए तकनीकी रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार और दानदाता संस्थाओं के बीच एमओयू के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में श्रीडूंगरगढ़ का अस्पताल शहरी क्षेत्र में चल रहा है। यह भवन पुराना है तथा बरसात के दिनों में यहां जलभराव की स्थिति रहती है। वहीं नेशनल हाईवे पर होने के कारण यहां यहां ट्रोमा सेंटर की मांग लंबे समय से थी। ऐसे में सरकार द्वारा नए स्थान पर उप जिला अस्पताल और ट्रोमा सेंटर बनाने की अनुमति दी है। यहां भवन निर्माण कार्य जल्दी शुरू हो, इसके मद्देनजर पीडब्ल्यूडी द्वारा तकनीकी रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाएगी। इस दौरान भवन निर्माण के अनुमोदित नक्शे सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक में विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) डॉ. दुलीचंद मीना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता, दानदाता हरिकिशन बाहेती, पीएमओ डॉ. एसके बिहानी,बीसीएमएचओ डॉ. ओपी स्वामी, जयकिशन बाहेती, सत्यनारायण स्वामी मौजूद रहे

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