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बीकानेर-पेट, पीठ और कंधे उम्र भर रहेगें स्वस्थ हलासन से जानिए योग एक्सपर्ट ओम कालवा के साथ!

न्यूज रिपोर्टर मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़

पेट, पीठ और कंधे उम्र भर रहेगें स्वस्थ हलासन से जानिए योग एक्सपर्ट ओम कालवा के साथ।

श्री डूंगरगढ़। कस्बे की ओम योग सेवा संस्था के डायरेक्टर योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा ने जानकारी देते हुए बताया।
अपनी दैनिक दिनचर्या में हर इंसान को योग को शामिल करना चाहिए ताकि इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में शरीर को स्वस्थ, सुंदर और मजबूत रखा जा सके। हलासन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा।

अर्थ

👉भूमिका हलासन करते समय शरीर का आकार, किसानों द्वारा जमीन जोतने के लिए उपयोग में लाये जानेवाले उपकरण ‘हल’ के समान होने के कारण इस आसन को हलासन यह नाम दिया गया हैं। अंग्रेजी में इस आसन को ‘प्लो पोज’ कहा जाता हैं।

विधि

👉हलासन करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेटकर गहरी सांस भीतर की ओर लेते हुए अपने पैरों को धीरे-धीरे उठाएं। अपने पैरों को पहले 30 डिग्री और फिर 90 डिग्री तक उठाने के बाद सिर के पीछे की ओर ले जाएं। ऐसा करते हुए अपनी पीठ को भी ऊपर उठाते हुए सांस बाहर की तरफ छोड़ें। इसके बाद अपने पैरों को सिर के पीछे जमीन पर टिका दें।

समय

👉हलासन करने से पीठ और रीढ़ की मांसपेशियां मजबूत होती है जी हाँ और यह कमर दर्द में राहत देता है अगर आप पीठ दर्द की समस्या से ग्रसित हैं तो हलासन के लिए अपने डेली रुटीन से बस कुछ मिनट का वक्त निकालें।

लाभ

👉पाचन प्रणाली और प्रजनन प्रणाली को मजबूत बनाता हैं।पेट पर जमी अतिरिक्त चर्बी को कम करता हैं।मधुमेह के मरीजो के लिए लाभदायक हैं।गर्दन, कंधे, पेट, पीठ और कमर के स्नायु मजबूत बनते हैं। मेरुदंड मजबूत और लचीला बनता हैं।

सावधानी

👉नीचे दिए हुए रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को यह आसन नहीं करना चाहिए अत्यधिक मोटापा होने पर शुरुआत में कठिनाई हो सकती हैं इसलिए क्षमतानुसार धीरे-धीरे प्रयास करे। पैर को ऊपर, पीछे और नीचे लाते समय धीरे-धीरे क्रिया करनी है और पैरो को झटका नहीं देना हैं।

नोट

👉प्रत्येक आसन का अभ्यास अनुभवी योग शिक्षक की देखरेख में ही करना चाहिए।

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