Advertisement

बस्ती।महाराणा प्रताप का अदम्य साहस हमेशा समाज के लिये प्रेरणास्रोत

भारत के इतिहास में अमर हैं महाराणा प्रताप
महाराणा प्रताप को जयंती पर याद किया गया
महाराणा प्रताप का अदम्य साहस हमेशा समाज के लिये प्रेरणास्रोत

रिपोर्टर-शिवेश शुक्ला बस्ती उत्तर प्रदेश

बस्ती। वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति की ओर से कलेट्रेट परिसर में प्रख्यात चिकित्सक डा. वी.के. वर्मा की अध्यक्षता में महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई।र् वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा एडवोकेट के संयोजन में आयोजि कार्यक्रम में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के लीवन वृत्त पर विस्तार से चर्चा किया। डा. वर्मा ने कहा भारत का इतिहास महाराणा प्रताप के त्याग व बलिदान को कभी भूल नही पायेगा। उनकी कहानियां सुनने मात्र से देशभक्ति का जज्बा जाग उठता है। ऐसे महापुरूषों के त्याग व बलिदान हजारों साल तक समाज को दिशा देते रहेंगे।

समिति के अध्यक्ष डा. बीएन शुक्ल ने कहा महाराणा प्रताप का नाम जुबान पर आते ही अदम्य साहस उत्पन्न होने लगता है। कार्यक्रम का संचालन करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कथित तौर पर, प्रताप की 56 वर्ष की आयु में 19 जनवरी 1597 को चावंड में एक शिकार दुर्घटना में लगी चोटों के कारण मृत्यु हो गई। उनका सबसे बड़ा बेटा अमर सिंह प्रथम उत्तराधिकारी बना। इतिहास की माने तो मृत्यु शैया पर पड़े प्रताप ने बेटे से कहा कि वे कभी मुगलों के सामने झुके नहीं। उनके अंतिम वाक्य ये बताते हैं कि स्वाभिमान बचाने के लिये हमे आखिरी सांस तक संघर्षशील रहना चाहिये। बैठक में गनेश, बीएन सिंह, मो. सामइन फारूकी, डा. रामकृष्ण लाल जगमग, सरोज देवी, दीनबन्धु उपाध्याय, प्रदीप श्रीवास्तव, ओमप्रकाश धर द्विवेदी, दीनानाथ यादव, अजमत अली सिद्धीकी, मेहीलाल यादव, कृरूणचंद पाण्डेय, नेबूलाल आदि उपस्थित रहे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!