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महराजगंज : खुटहा क्षेत्र के लोगों के लिए,बलिया नाला का पुल बना मुसीबत।

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खुटहा क्षेत्र के लोगों के लिए,बलिया नाला का पुल बना मुसीबत

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जनता पूछती है सवाल,कब बनेगा बलिया नाला का पुल…?

नए पुल बन जाने की जागी थी उम्मीद,लेकिन उन उम्मीदों पर पानी पड़ गया

तीन वर्षों से जर्जर हो चुका है बलिया नाला का पुल

जर्जर पुल के रास्ते आवागमन करते हैं,पनियरा और सदर विधान सभा क्षेत्र के हजारों लोग

पुल कभी भी ध्वस्त हो जाने की,मन में बनी रहती है आशंका।

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महराजगंज के पकड़ी – खुटहा मुख्य मार्ग पर,रम्हौली गांव के पास ईट भट्ठे के किनारे स्थित,बलिया नाला का पुल महराजगंज जिले में काफ़ी मशहूर है।इसका निर्माण सन 1980 के दशक में हुआ था।

इसी पुल से होकर सभी छोटी – बड़ी गाड़ियां गुजरती रहती हैं।

पनियरा और सदर विधान सभा क्षेत्र के हजारों लोग, इसी पुल से होकर महराजगंज जिला मुख्यालय,

सी.एम.सिटी गोरखपुर या फिर के.एम.सी.डिजिटल हॉस्पिटल और जिला अस्पताल ईलाज कराने आते – जाते रहते हैं।सैकड़ों छात्र भी पढ़ाई करने के लिए इसी मुख्य सड़क से होकर अपने स्कूल कॉलेज आते – जाते रहते हैं।बलिया नाला का पुल आज से करीब तीन वर्ष पूर्व जर्जर हो गया,फिर भी लोग जिंदगी को दांव पर लगा कर आवागमन करते रहे।

सत्यार्थ वेब न्यूज ने,बलिया नाला पुल की खबर को समय – समय पर प्रमुखता से प्रसारित भी करता रहा है।

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फर्स्ट फेज में रूट डायवर्ट करने के लिए,

इसी मार्च महीने में जर्जर पुल के बगल में,वैकल्पिक व्यवस्था कर सड़क तो बना दिया गया।तो लोगों को एक बहुत बड़ी उम्मीद जागी।लेकिन दिन बदलने के साथ ही लोगों की उम्मीदों पर पानी पड़ता दिख रहा है।

बलिया नाला पुल के बगल में वैकल्पिक सड़क बनाया जरूर गया।लेकिन बरसात के दिनों में बलिया नाला में पानी भरेगा,तो वैकल्पिक सड़क से आवागमन कैसे होगा…? क्यों की वैकल्पिक सड़क,मुख्य सड़क से काफी नीचे बनाया गया है,यानी कि कुल मिला कर वैकल्पिक सड़क को नाले के पानी में ही बना दिया गया।जिससे राहगीरों को अभी बरसात के दिन याद आने लगे हैं।

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बलिया नाला का पुल कब टूट कर ढह जाए कोई भरोसा नहीं है,पुल की हालत नीचे से देखने पर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं।बलिया नाला के पुल का छत बीच से दीवाल को पूरी तरह छोड़ चुका है, दोनों किनारों पर जो दीवाल है,वह भी ढह रहा है।

इस वक्त नाले में तो पानी नहीं के बराबर है,लेकिन बरसात के मौसम में बलिया नाला में बाढ़ आने के बावजूद संजीवनी बनी रहती है, नहीं तो इस क्षेत्र में बाढ़ का पानी तबाही की एक नई इबारत जरूर लिखती।इसको संयोग ही कहेंगे की इस बार बारिश हुई ही नहीं,और हुई भी तो उम्मीद से कम,नहीं तो बलिया पुल हमारे – आपके सोंचने से पहले ही कब का ढह गया होता,और उसका एक – एक ईंट पानी में बह गया होता।

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आपको बताना जरूरी है कि, इसी पुल के रास्ते ही छोटी बड़ी गाड़ियां भी आती जाती रही हैं,जिससे क्षेत्र के लोगों को खाद,सीमेंट,गिट्टी, बालू,सब्जी,किराना की सामान,रसोई गैस,डीजल,पेट्रोल सहज ही उपलब्ध हो जाता रहा है,अब इनकी उपलब्धता पर भी ग्रहण लग गया।बलिया नाला पुल की हर एक खबर को देखते रहिए सत्यार्थ वेब न्यूज और आप बने रहिए हमारे साथ…

सत्यार्थ वेब न्यूज 

शिवरतन कुमार गुप्ता “राज़”

Mon.9670089541.

 

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