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शयन –आइए जानते हैं क्या हैं शयन के मुख्य नियम.

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आइए जानते हैं क्या हैं शयन के मुख्य नियमwww. Satyarath.com

वैसे तो व्यक्ति को जब नींद आ जाती है,तो वह कहीं भी,किसी भी अवस्था में शयन करना जरूरी समझता है।लेकिन इसके भी कुछ नियम कायदे होंगे…?इस पर कभी आपने विचार किया है…?जिस प्रकार हमारे पूजा पाठ,व्रत,अनुष्ठान के नियम होते हैं,ठीक उसी प्रकार व्यक्ति के शयन करने के भी नियम होते हैं। जैसा कि हमारे सनातन धर्म/संस्कृति में शयन करने के नियम बताए गए हैं।व्यक्ति अगर उन नियमों का पालन बखूबी करे,तो निश्चित ही सफलता प्राप्त कर सकता है।इसमें कोई संदेह नहीं हैwww. Satyarath. com

आईआईए जानते हैं शयन  के कुछ और खास नियम 

1. सूने तथा निर्जन घर में अकेले नहीं सोना चाहिए। देव मन्दिर और श्मशान में भी नहीं सोना चाहिए।  (मनुस्मृति)

2. किसी सोए हुए व्यक्ति को अचानक नहीं जगाना चाहिए। *(विष्णुस्मृति)

 3. विद्यार्थी,नौकर औऱ द्वारपाल, यदि ये अधिक समय से सोए हुए हों,तो इन्हें जगा देना चाहिए।  (चाणक्यनीति)

4. स्वस्थ मनुष्य को आयुरक्षा हेतु ब्रह्ममुहुर्त (सुबह के 3- 4 बजे के बीच) में उठना चाहिए। (देवीभागवत)

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5. बिल्कुल अँधेरे कमरे में नहीं सोना चाहिए।  (पद्मपुराण)

 6. भीगे पैर नहीं सोना चाहिए। सूखे पैर सोने से लक्ष्मी (धन) की प्राप्ति होती है। – (अत्रिस्मृति)

7. टूटी खाट पर तथा जूठे मुँह सोना वर्जित है। *- (महाभारत)* 

8. नग्न होकर/निर्वस्त्र नहीं सोना चाहिए। – (गौतम धर्म सूत्र)

www. Satyarath.com 9. पूर्व की ओर सिर करके सोने से विद्या,पश्चिम की ओर सिर करके सोने से प्रबल चिन्ता,उत्तर की ओर सिर करके सोने से हानि व मृत्यु तथा दक्षिण की ओर सिर करके सोने से धन व आयु की प्राप्ति होती है। *- (आचारमय़ूख)*

 10. दिन में कभी नहीं सोना चाहिए। परन्तु ज्येष्ठ मास में दोपहर के समय 1 मुहूर्त (48 मिनट) के लिए सोया जा सकता है। (दिन में सोने से रोग घेरते हैं तथा आयु का क्षरण होता है)

 11. दिन में तथा सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सोने वाला रोगी और दरिद्र हो जाता है। *- (ब्रह्मवैवर्तपुराण)*

12. सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घण्टे) के बाद ही शयन करना चाहिए। 

13. बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिये हितकर है।

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14. दक्षिण दिशा में पाँव करके कभी नहीं सोना चाहिए। यम और दुष्ट देवों का निवास रहता है। कान में हवा भरती है। मस्तिष्क में रक्त का संचार कम हो जाता है,स्मृति- भ्रंश,मृत्यु या असंख्य बीमारियाँ होती है। 

 

15. हृदय पर हाथ रखकर, छत के पाट या बीम के नीचे और पाँव पर पाँव चढ़ाकर निद्रा न लें। 

16. शय्या पर बैठकर खाना-पीना अशुभ है। 

17. सोते सोते पढ़ना नहीं चाहिए।ऐसा करने से नेत्र ज्योति घटती है।

18. ललाट पर तिलक लगाकर सोना अशुभ है। इसलिये सोते समय तिलक हटा दें।

इन 18 नियमों का अनुकरण करने वाला व्यक्ति यशस्वी,निरोगी तथा दीर्घायु संपन्न होता है।

www. Satyarath. com नींद रातों की उड़ा देते हैं,हम सितारों को दुआ देते हैं।

रोज़ अच्छे नहीं लगते आँसू, ख़ास मौक़ों पे मज़ा देते हैं

मोहम्मद अल्वी

नोट:- “सत्यार्थ वेब न्यूज मीडिया नेटवर्क” के पास,इसकी कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

हम इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं।आप अपने आध्यात्मिक गुरु से जानकारी लेकर इस पर विचार कर सकते हैं।

सत्यार्थ वेब न्यूज

शिवरतन कुमार गुप्ता “राज़”

Mon.9670089541.

महराजगंज. 01/04/024

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