Advertisement

मथुरा – न्यायालय की अवमानना पर उतारू हिंदूवादी नेता, प्रशासन की ढील का नतीजा

www. Satyarath.com

गोपाल चतुर्वेदी/मथुरा

न्यायालय की अवमानना पर उतारू हिंदूवादी नेता, प्रशासन की ढील का नतीजा

www. Satyarath.com मथुरा। श्री राम जन्म भूमि पर मंदिर मामले में कोर्ट द्वारा शांति से निपटाने के बाद हिंदूवादी नेताओं के अरमानों पर पानी फेर दिया जिसका मलाल आज तक हिंदू संगठनों के चुटभैये नेताओं को हो रहा है।

मथुरा मैं श्री कृष्ण जन्म भूमि मामले मै भी अपने लगातार हाथ पैर मार रहे है पर न्यायालय सख्ती के साथ अपना काम कर रहा है। मथुरा के कुछ चुटभैए नेता अपने आप को नेतागिरी के धंधे मै सैट करने पर उतारू है जो आए दिन मथुरा मैं कोई ना कोई नया विवाद खड़ा कर मीडिया की सुर्खियां वटोरना चाहते है।

जिसका अंदाजा उनको नही है कि मथुरा की शांत फिजा में उनके द्वारा जो जहर घोला जा रहा है उसका असर कितना खतरनाक हो सकता है। मथुरा प्रशासन ऐसे लोगों के साथ सख्ती ना बरत कर उनको बढ़ावा दे रहा है। मथुरा की शाही ईदगाह पर बने कूप पर पूजन की वर्षो से प्रशासन की रोक लगी हुई है मामला न्यायालय मैं विचाराधीन है फिर भी कुछ हिंदूवादी संगठन के लोग फालतू का विवाद पैदा कर अपने आप को चमकाना चाहते है।

 जब मामला न्यायालय मैं विचाराधीन है तो ऐसी परिस्थिति मैं कोई हरकत करना सीधा न्यायालय को चुनौती देने के समान है इनकी इस हरकतों को मथुरा प्रशासन हमेशा ढील देते रहा है। आज वसौडा पूजन के नाम पार मथुरा की शांत फिजा को खराब करने और मथुरा के वर्ग विशेष को उकसाने का भरकस प्रयास किया गया । प्रशासन अगर ऐसे लोगों पर कढ़ी कार्यवाही नही करता है तो मथुरा जिले का मुस्लिम समाज का विश्वास कानून और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से उठ जाएगा ऐसे में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी जवाब देही तय करने की आवश्यकता है। 

प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो ऐसे लोग क्यों वार बार उकसाने की कार्यवाही कर माहौल को खराब करने कोशिश करते हैं। उनके साथ कानून की भाषा का प्रयोग करने की जरूरत है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!