*नगवां ब्लॉक के मांची वन रेंज क्षेत्र में वन भूमि पर कब्जे का दौर बदस्तूर जारी*
*विभागीय सांठगांठ से बड़े पैमाने पर वन भूमि पर हो रहा अवैध कब्जा, विभाग मौन,*
*सोनभद्र*/सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

सोनभद्र विकास खंड नगवां के मांची वन रेंज के अंतर्गत वन भूमि पर कब्जे का बड़ा खेल चल रहा है संकुचित होते वन क्षेत्र के लिए जिम्मेदार कौन ,सरकार हर वर्ष जंगल की संपदा वन क्षेत्रों को बचाने के लिए भारी भरकम बजट देती है जिसमे वन कर्मियों द्वारा वन क्षेत्र की सुरक्षा नए पौधे लगाने सुरक्षा खाई सुरक्षा दीवार आदि कार्यों पर खर्चकर वन संपदा को बचाया जा सके लेकिन सोनभद्र के नगवां ब्लॉक के वन क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जों का दौर जारी है जिसमे विभागीय संलिप्तता प्रतीत होती है।
वन क्षेत्र हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है जिनसे हमे शुद्ध आक्सीजन सहित पर्यावरण बनाए रखने सहित हमारे दैनिक जीवन में प्रयोग में लाई जाने वाली आवश्यकताओं की पूर्ति होती है।
आप को बता दें कि खलियारी से आगे मेन रोड के बगल में अवैध रूप से कब्जा कर मकान निर्माण किया गया है सिलहट क्षेत्र में तो खेती बारी हो रहा है कर्मनाशा नदी के अगर बगल में तो काफी लोग जंगल काट कर अपना कब्जा कर खेती कर रहे हैं उसी क्षेत्र के बिहार ,चंदौली सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जंगल की भूमि पर कब्जे हुए है इधर सोनभद्र चंदौली सीमा पर कुछ भाग सोनभद्र का है जिसकी सैकड़ों बीघा भूमि पर खेती बाड़ी कर लोग काबिज है।जिसमे विभाग की उदासीनता साफ तौर पर नजर आती है।
सूत्रों की माने तो क्षेत्रीय वन कर्मियों की मिलीभगत से वन भूमि पर अवैध कब्जों का खेल चल रहा है जिसके एवज में कब्जाधारी क्षेत्रीय वन कर्मियों को सुविधा शुल्क देते है और बेखौफ होकर जंगल की भूमि पर काबिज होकर वन क्षेत्रों का दोहन कर रहे हैं।
लोगों ने जिलाधिकारी सोनभद्र को इस मामले में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर निष्पक्ष जांच पड़ताल कर काबिज वन भूमि को मुक्त कर संबंधित विभाग के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।















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