Advertisement

कैलाश गुफा शिव मंदिर बंद रहने से बढ़ा जन आक्रोश, 5 फरवरी से अनिश्चितकालीन जनआंदोलन की चेतावनी,श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से लगाई गुहार

कैलाश गुफा शिव मंदिर बंद रहने से बढ़ा जन आक्रोश, 5 फरवरी से अनिश्चितकालीन जनआंदोलन की चेतावनी,श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से लगाई गुहार

रिर्पोटर,गुलाब यादव
स्थान, बगीचा / जशपुर (छ.ग )

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैलाश गुफा शिव मंदिर को लंबे समय से बंद रखे जाने को लेकर क्षेत्र में असंतोष गहराता जा रहा है। स्थानीय श्रद्धालुओं और सनातन समाज के लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मंदिर खुलवाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर 5 फरवरी 2026 से विशाल जनआंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

कलेक्टर व एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर, जिसे पूज्य गहिरा गुरु के द्वारा कठोर साधना कर स्थापित किया गया था।सनातन परंपरा से जुड़े संतों और भक्तों का जहां अथक परिश्रम,अंश एवं सहयोग लगा है जो कोरोना काल से बंद है। आरोप है कि मंदिर संस्था के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह के द्वारा अब तक मंदिर के कपाट नहीं खोले गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है।

आश्वासन देकर टालते रहे

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि 6 अक्टूबर 2025 को इस संबंध में अध्यक्ष को ज्ञापन दिया गया था। उस समय संत समाज के एक पदाधिकारी द्वारा 45 दिन के भीतर मंदिर खोलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय गुजरने के बाद भी मंदिर नहीं खोला गया।

इसके बाद 31 दिसंबर 2025 को ग्राम चुन्दापाठ में आयोजित आमसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। सभा में मौजूद प्रतिनिधियों के अनुसार, वहां 14 जनवरी मकर संक्रांति तक मंदिर खुलवाने की लिखित घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि इस आश्वासन के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

मारपीट का आरोप

ज्ञापन में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि मंदिर खुलवाने की मांग को लेकर कैलाश गुफा गए श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। 21 सितंबर 2025 को 81 वर्षीय एक बुजुर्ग श्रद्धालु सियाराम यादव के साथ कथित रूप से मारपीट की घटना हुई, जिससे समाज में भय और आक्रोश का माहौल है। इस मामले में अध्यक्ष पक्ष से जुड़े एक व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है। हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

समिति गठन की मांग

श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्तमान में मंदिर प्रबंधन के लिए सार्वजनिक ट्रस्ट संगठित समिति का गठन नहीं है, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से नए ट्रस्ट के गठन की मांग भी की है ताकि मंदिर का संचालन पारदर्शी तरीके से हो सके।

प्रशासन को अल्टीमेटम

ज्ञापन में जिला प्रशासन से मांग की गई है कि 2 फरवरी 2026 तक मंदिर के कपाट खुलवाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जा ए। अन्यथा 5 फरवरी से कैलाश गुफा परिसर में अनिश्चित कालीन जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की बताई गई है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!