जगतगुरु शंकराचार्य और ब्राम्हणों के साथ हुई अभद्रता दुर्भाग्यपूर्ण।
सरकार से माफी मांगने और लिप्त पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने की मांग किया।
सोनभद्र, /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

माघ मेला जैसे सनातन आस्था के महापर्व पर
परम् पूज्य जगतगुरु शंकराचार्य जी महाराज के साथ अभद्रता करना तथा वेदपाठी ब्रह्मचारी ब्राह्मणों की चुटिया पकड़कर घसीटना और उनके साथ मार-पीट करने की घटना से आहत पूर्वांचल नव निर्माण मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरीश पाण्डेय ने प्रयागराज की इस घटना को अत्यन्त निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और घोर अधार्मिकता कृत्य बताया।
गिरीश पाण्डेय ने कहा यह घटना किसी एक व्यक्ति या संप्रदाय का अपमान नहीं है…
अपितु यह सनातन धर्म, वेद परम्परा और भारत की आध्यात्मिक आत्मा पर कुठाराघात है।
परम् पूज्य शंकराचार्य जी केवल एक संत नहीं बल्कि सनातन धर्म, वेदों के जीवित प्रतिनिधि हैं, श्री शंकराचार्य धर्म के पथ प्रदर्शक और राष्ट्र की अध्यात्मिक चेतना हैं
उनके सान्निध्य में रहने वाले वेदपाठी ब्रह्मचारी हजारों वर्षों से चली आ रही गुरु ,शिष्य परम्परा के संवाहक हैं। गिरीश पाण्डेय ने कहा प्रयागराज में जगतगुरु शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी का अपमान और ब्राम्हण बटुकों के साथ मार-पीट और शिखा खींचकर मारा जाना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण तो है ही। खुद को सनातनी सरकार बताने वाली भाजपा सरकार की सनातन विरोधी मानसिकता का परिचायक भी है। शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी द्वारा सरकार से माफी मांगने की मांग का समर्थन करते हुए गिरीश पाण्डेय ने कहा सरकार को इस घृणित कृत्य के लिए माफी तो मांगना ही चाहिए बटुकों की चुटिया खींचने वाले पुलिस कर्मियों को बर्खास्त भी करना चाहिए। गिरीश पाण्डेय ने चेतावनी भी दिया कि यदि चौबीस घंटे में सरकार ने माफी नहीं मांगा और पुलिस कर्मियों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर व बनारस से पूर्वांचल नव निर्माण मंच के लोग प्रयागराज पहुंचकर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी और ब्राम्हणों के धरना-प्रदर्शन में सहभागिता सुनिश्चित करेंगे।

















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