कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने इंटेक्स्ट एक्सपो 2026 का किया दौरा, 250 से अधिक कंपनियों ने नई तकनीक का किया प्रदर्शन
पंजाब में निवेश दोगुना, आने वाले महीनों में और अधिक निवेश की उम्मीद: संजीव अरोड़ा
मध्य प्रदेश के उद्योगपतियों ने इंटेक्स्ट एक्सपो में लिया भाग, पंजाब में निवेश करने का दिया गया निमंत्रण
(लुधियाना पंकज कुमार शर्मा ब्यूरो चीफ़)
साहनेवाल, लुधियाना | 17 जनवरी 2026

पंजाब सरकार के उद्योग, वाणिज्य एवं स्थानीय निकाय मामलों के कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने शनिवार को निदेशक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग पंजाब, श्रीमती नीरू कत्याल गुप्ता के साथ लुधियाना प्रदर्शनी केंद्र, साहनेवाल में आयोजित “इंटेक्स्ट एक्सपो 2026” का दौरा किया। इस प्रदर्शनी में 250 से अधिक नामी कंपनियों ने भाग लिया, जिन्होंने घर निर्माण और सजावट में उपयोग होने वाले नवीनतम तकनीक से तैयार उत्पादों को एक ही छत के नीचे प्रदर्शित किया।
प्रदर्शनी में भवन निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और कंपनियों द्वारा प्रदर्शित अत्याधुनिक तकनीक आधारित उत्पादों की भरपूर सराहना की। कंपनियों ने अधिक से अधिक घरेलू उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए ऑर्डर भी बुक किए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने निदेशक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग पंजाब, श्रीमती नीरू कत्याल गुप्ता के साथ ‘सांझ 2.0’ कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स पंजाब और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स पंजाब द्वारा आयोजित किया गया था।
उद्योग मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियों से पंजाब के उद्योग को बहुत बड़ा लाभ मिलता है। इससे नई तकनीकों का आदान-प्रदान होता है और पंजाब के निर्माण उद्योग को आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बड़ी संख्या में नई निवेश परियोजनाएं और उद्योग आने के लिए उत्साहित हैं, जिनके लिए पंजाब सरकार पूरा सहयोग प्रदान करेगी।

उद्योग से संबंधित विषयों पर बोलते हुए मंत्री अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में लगातार निवेश आ रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पंजाब को स्टार्टअप ईको-सिस्टम के लिए “बेस्ट अवार्ड” मिला है। इससे पहले भी “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” का पुरस्कार प्राप्त हुआ था। ये दोनों पुरस्कार भारत सरकार द्वारा प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष की तुलना में चालू वर्ष के पहले 9 महीनों में दोगुना निवेश हो चुका है और आगामी तीन महीनों में और अधिक निवेश होने की उम्मीद है।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने लुधियाना और पूरे पंजाब के लोगों से अपील की कि यह प्रदर्शनी 19 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी और सभी को इसे अवश्य देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यावसायिक प्रतिष्ठान, घर, फैक्ट्री या किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना चाहता है तो इस प्रदर्शनी में आकर आधुनिक उपकरणों और तकनीकों को अवश्य देखे।

इस दौरान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स पंजाब और स्मार्ट सिटी लिमिटेड लुधियाना के निदेशक श्री प्रीतपाल सिंह आहलूवालिया ने मांग की कि चंडीगढ़ की तर्ज पर पंजाब की समितियों में आर्किटेक्चर संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सलाहकार सदस्य बनाया जाए, ताकि वे योजना निर्माण में सरकार को बेहतर मार्गदर्शन दे सकें। इस पर मंत्री अरोड़ा ने उन्हें इस संबंध में लिखित प्रस्ताव देने को कहा।
मंत्री अरोड़ा ने आर्किटेक्ट्स से ‘सेल्फ सर्टिफिकेशन ऑफ बिल्डिंग प्लान स्कीम’ को सफल बनाने की अपील की, जिस पर श्री प्रीतपाल सिंह आहलूवालिया ने सरकार को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर पंजाब की स्थापत्य विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से “इमानत और पहचान” नामक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसकी मंत्री अरोड़ा ने सराहना की। प्रदर्शनी से प्रभावित होकर मंत्री ने अपनी ओर से प्रथम पुरस्कार 50,000 रुपए, द्वितीय पुरस्कार 30,000 रुपए और तृतीय पुरस्कार 20,000 रुपए देने की घोषणा की।

मध्य प्रदेश से उद्योग विभाग, पीएचडी चैंबर के सहयोग से लघु उद्योग निगम के साथ फर्नीचर क्षेत्र के 30 लघु उद्योगपति भारत सरकार की रैप योजना के अंतर्गत इस प्रतिनिधिमंडल के रूप में प्रदर्शनी में शामिल हुए। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्री अनिल थागले, नोडल अधिकारी रैप एवं मुख्य महाप्रबंधक, लघु उद्योग निगम मध्य प्रदेश ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा से भी भेंट की। मंत्री अरोड़ा ने कहा कि उनका मध्य प्रदेश के उद्योग से विशेष लगाव है और मध्य प्रदेश के उद्योगपतियों को पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि जालंधर बाईपास पर पंजाब एग्रो की भूमि पर नया प्रदर्शनी केंद्र विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हलवारा एयरपोर्ट पूरी तरह तैयार है, केवल कुछ तकनीकी कारणों से थोड़ी देरी हुई है। सुरक्षा कर्मियों का प्रशिक्षण भी जारी है और यह एयरपोर्ट शीघ्र ही चालू हो जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से जल्द से जल्द एनओसी प्रदान करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में पंजाब में कहीं भी बिजली की लटकती तारें नजर नहीं आएंगी। एक सब-डिवीजन में यह कार्य पूरा कर लिया गया है और शेष क्षेत्रों के लिए भी सभी टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
इस अवसर पर श्री प्रदीप काल, प्रधान, इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स, इंडिया; श्री प्रीतपाल सिंह आहलूवालिया, चेयरमैन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स पंजाब; श्री पंकज बावा, चेयरमैन, पंजाब रीजनल चैप्टर, इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स इंडिया; जी.एस. ढिल्लों, प्रोफेसर लूथरा, प्रोफेसर करमजीत, जीत गुप्ता सहित बड़ी संख्या में योजनाकार, आर्किटेक्ट और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


















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