Advertisement

टी.बी. स्क्रीनिंग में #पांढुर्णा जिला प्रथम कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में उल्लेखनीय सफलता

टी.बी. स्क्रीनिंग में #पांढुर्णा जिला प्रथम
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में उल्लेखनीय सफलता


डॉट्स पद्धति से उपचार एवं सतत निगरानी से 90% मरीज हुए रोगमुक्त

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक टी.बी. मुक्त भारत अभियान है। इस अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2027 तक टी.बी. मुक्त मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प लिया गया है। शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने, उन्हें जन-जन तक पहुँचाने तथा टी.बी. जैसी गंभीर बीमारी से नागरिकों को मुक्त करने का सतत प्रयास जिला पांढुर्णा द्वारा किया जा रहा है।

इसी क्रम में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन, डॉ. दीपेन्द्र सलामे मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी सिविल अस्पताल पांढुर्णा के सतत प्रयास तथा श्री तुषार सिंगारे एस.टी.एस. की जुझारू कार्यशैली के परिणामस्वरूप जिला पांढुर्णा को टी.बी. स्क्रीनिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने में सफलता मिली है।

राष्ट्रीय टी.बी. उन्मूलन के अंतर्गत निश्चय शिविर अभियान दिनांक 07 दिसम्बर 2024 से प्रारंभ किया गया, जिसे 100 दिवसीय निश्चय शिविर के रूप में संचालित किया गया। प्रथम चरण में वर्ष 2024 में 8020 लक्ष्य के विरुद्ध 8600 टू-नॉट जाँचें की गईं, वहीं वर्ष 2025 में 8200 लक्ष्य के विरुद्ध 9753 माइकोस्कोपी जाँचें की गईं। जाँच उपरांत वर्ष 2024 में 185 पॉजिटिव केस तथा वर्ष 2025 में 206 पॉजिटिव केस पाए गए।

पॉजिटिव मामलों को डॉट्स पद्धति से दवाइयाँ प्रदान की गईं। दवाइयों के सतत सेवन तथा सीएचओ एवं आशा कार्यकर्ताओं की निरंतर निगरानी के परिणामस्वरूप 90 प्रतिशत पॉजिटिव मरीज रोगमुक्त हुए, जो कि पूरे जिलों में सर्वाधिक है। अभियान के दौरान हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से 13,500 एक्स-रे किए गए। साथ ही पॉजिटिव मरीजों को अधिकारी/कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा 650 फूड बास्केट वितरित किए गए।

निश्चय अभियान के अंतर्गत जहाँ वर्ष 2023 में मात्र 07 ग्राम पंचायतें टी.बी. मुक्त थीं, वहीं वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 28 हो गई। वर्ष 2025 में 35 ग्राम पंचायतों को टी.बी. मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जिला क्षय अधिकारी डॉ. अर्चना कैथवास, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गोन्नाडे तथा श्री अंकित विश्वकर्मा पी.एम.डी.टी. कोऑर्डिनेटर द्वारा चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग ऑफिसर, सेक्टर सुपरवाइजर, सीएचओ, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, आशा पर्यवेक्षक एवं आशा कार्यकर्ताओं को समय-समय पर मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

यह सफलता जिला पांढुर्णा के स्वास्थ्य अमले की प्रतिबद्धता, समर्पण एवं टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो टी.बी. मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!