(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार)
सोनभद्र। प्रदेश के अंतिम विधानसभा क्षेत्र दुद्धी से समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह गोंड का गुरुवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से न केवल सपा बल्कि पूरे जिले की राजनीति और आदिवासी समाज को गहरा आघात पहुंचा है।
विजय सिंह गोंड ने वर्ष 2024 में हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्रवण गोंड को 3160 मतों से पराजित कर एक बार फिर दुद्धी विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की थी। इससे पहले 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने रामदुलार गोंड को 6297 मतों के बड़े अंतर से हराया था। दुद्धी विधानसभा (403) अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित और आदिवासी बहुल सीट है, जहां उन्होंने लगातार सात बार विधायक के रूप में जनता की सेवा की।
2017 के बाद दुद्धी में भाजपा का प्रतिनिधित्व रहा, लेकिन लगभग तीन वर्ष पूर्व भाजपा के तत्कालीन विधायक को दुष्कर्म के मामले में सजा होने के बाद हुए उपचुनाव में विजय सिंह गोंड ने सपा के टिकट पर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। वे सपा सरकार में मंत्री भी रह चुके थे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे।
दुद्धी और ओबरा विधानसभा क्षेत्रों को अनुसूचित जनजाति घोषित कराने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष किया। उनका राजनीतिक सफर बेहद साधारण शुरुआत से रहा। वनवासी सेवा आश्रम में मात्र 200 रुपये मासिक मानदेय पर कार्य करते हुए उन्होंने वर्ष 1979 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा।
वर्ष 1989 में उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु रामप्यारे पनिका को पराजित कर आदिवासी राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ा। विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े रहने के बावजूद वे लगातार सात बार विधानसभा पहुंचे, जबकि 2022 में आठवीं बार विधायक बने।
विजय सिंह गोंड ने सदन में आदिवासी समाज के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और भूमि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और समाज को मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई। उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक और आदिवासी समुदाय में शोक की लहर है। नेता, कार्यकर्ता और समर्थक उन्हें एक जमीनी, संघर्षशील और निडर जननेता के रूप में याद कर रहे हैं


















Leave a Reply