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अद्योमानक, असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री किसी दशा में न हो, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेंडम तौर पर संग्रहित करें नमूने-जिलाधिकारी।

लोकेशन मैनपुरी
नेत्रपाल श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ मैनपुरी

अद्योमानक, असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री किसी दशा में न हो, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेंडम तौर पर संग्रहित करें नमूने-जिलाधिकारी।

रोस्टर बनाकर मध्यान्ह भोजन के लिए जाएं सैंपल, मध्यान्ह भोजन की खाद्य सामग्री क्रय करने पर लिया जाए बिल-अंजनी कुमार।

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जनपद मैनपुरी जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जिला स्तरीय समिति की त्रैमासिक समीक्षा के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि असुरक्षित, अद्योमानक खाद्य सामग्री की किसी भी दशा में बिक्री न हो, मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए निरंतर प्रवर्तन की कार्यवाही की जाये, नियमित रूप से सेम्पल लिये जायें, जो भी सेम्पल जॉच हेतु भेजे जायें, उनकी रिपोर्ट समय से मंगाने की व्यवस्था हो, खाद्य सुरक्षा सम्बन्धी जो भी वाद विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं उन्हें प्राथमिकता पर निबटाया जाये, खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों, अद्योमानक खाद्य सामग्री की बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाये, आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाये।
जिला अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने खाद्य एवं औषधियों में अपमिश्रण रोकने के लिए की गयी कार्यवाही की जानकारी करने पर पाया कि खाद्य अनुभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1296 निरीक्षण, 346 छापे, 346 विधिक नमूने, 313 सर्विलांस नमूने संग्रहित किये गये, लिये गये नमूनों में से 218 की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुयी, जिसमें 73 अद्योमानक एवं 35 असुरक्षित पाये गये, 146 वाद न्याय निर्णायक अधिकारी न्यायालय में एवं 34 वाद न्यायिक न्यायालय में दायर किये गये, दायर वादों के सापेक्ष न्याय निर्णायक अधिकारी द्वारा 40 लाख 69 हजार एवं न्यायिक न्यायालय में 02 हजार रू. का अर्थदण्ड आरोपित किया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि आमजन को खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से निरतंर कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं साथ ही आवासीय विद्यालयों, सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, मध्यान्ह भोजन, बाल विकास परियोजना, संचालित होटल-रेस्टरां, केन्टीन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर खाद्य सुरक्षा सम्बन्धी मानकों का पालन करने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया जा रहा है। सी.एफ.ओ. ने बताया कि जनपद के शीतगृह स्वामियों, सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भोजन उपलब्ध कराने वाले संस्थाओं ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी को तत्काल भोजन उपलब्ध कराने वाले स्वयं सहायता समूहों, शीतगृह स्वामियों का पंजीकरण खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन में कराये जाने हेतु आदेशित किया। उन्होने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को निर्देशित करते हुये कहा कि सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा से समन्वय स्थापित कर विद्यालयों में छात्रों को उपलब्ध कराये जा रहे मध्यान्ह भोजन के रेंडमतौर पर नमूने संग्रहित करायें, मध्यान्ह भोजन हेतु क्रय की जाने वाली सामग्री का बिल दुकानदार से प्रत्येक दशा में लिया जाये ताकि आवश्यकता पड़ने पर उस दुकान के भी नमूने संग्रहित कराये जा सकें।
जिलाधिकारी ने औषधि संवर्ग की समीक्षा करने पर पाया कि जनपद में संचालित 462 थोक एवं 1432 फुटकर दवा विक्रेताओं की नियमित जांच की जा रही है, अब तक 81 दवा विक्रेताओं की जांच कर 24 लाइसेंस निलंबित एवं 10 के लाइसेंस निरस्त किए गए, चालू वित्तीय वर्ष में 31 दिसम्बर 2025 तक 53 औषधि परिवाद दायर किये गये, जिसमें से 47 परिवाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम मैनपुरी एवं 06 परिवाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम आगरा में दायर किये गये। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर. सी. गुप्ता, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डा. श्वेता सैनी, उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चन्द्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला आबकारी अधिकारी हितेन्द्र शेखर, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका बुद्धि प्रकाश, बाल विकास परियोजना अधिकारी हरिओम बाजपेई आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. ए.के. पाठक ने किया।

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