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वीरता को नमन, बाल बलिदान को स्मरण” वीर बाल दिवस पर पांढुरना संदीपनी स्कूल में श्रद्धा का संगम

“वीरता को नमन, बाल बलिदान को स्मरण”
वीर बाल दिवस पर पांढुरना संदीपनी स्कूल में श्रद्धा का संगम

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – संदीपनी स्कूल में वीर बाल दिवस का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, गौरव एवं देशभक्ति के भाव के साथ किया गया। यह दिवस सिख धर्म के संस्थापक, दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—साहिबजादा जोरावर सिंह जी एवं साहिबजादा फतेह सिंह जी—की अमर शहादत को समर्पित रहा।
इस अवसर पर जिला संयोजक श्री हर्षाजी बत्रा ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए बताया कि वीर बाल दिवस गुरु गोबिंद सिंह जी के उन वीर पुत्रों की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने अत्यंत अल्प आयु में भी धर्म, स्वाभिमान और राष्ट्रधर्म की रक्षा हेतु अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
दिसंबर 1704 में मुगलों के साथ युद्ध के दौरान गुरु गोबिंद सिंह जी का परिवार बिछुड़ गया था। दोनों छोटे साहिबजादे अपनी दादी माता गुजरी जी के साथ थे, जिन्हें मुगल सूबेदार वजीर खान ने धोखे से बंदी बनाकर सरहिंद ले जाया गया। कड़कड़ाती ठंड में उन्हें ठंडे बुर्ज में कैद रखा गया।
वजीर खान द्वारा धर्म परिवर्तन या मृत्यु का विकल्प दिए जाने पर, मात्र 9 वर्ष के साहिबजादा जोरावर सिंह जी एवं 6–7 वर्ष के साहिबजादा फतेह सिंह जी ने निर्भीकता के साथ शहादत को स्वीकार किया।


26 दिसंबर 1705 को दोनों साहिबजादों को जिंदा दीवारों में चुनवा दिया गया। इस हृदयविदारक घटना का समाचार सुनते ही माता गुजरी जी ने भी अपने प्राण त्याग दिए।
उन्होंने बताया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 9 जनवरी 2022 को यह घोषणा की गई कि प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां साहिबजादों के अदम्य साहस, बलिदान और धर्मनिष्ठा से प्रेरणा ले सकें। इस दिन देशभर में विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं गुरुद्वारों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इसी क्रम में नगर मंडल पांढुरना द्वारा साहिबजादों को नमन करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंजाब सेवा समिति द्वारा वीर बहादुर शहीदी दिवस भी श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
गरिमामयी उपस्थिति


कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष श्री संदीपभाऊ मोहोड़ जी, संयोजक हर्षाजी बत्रा, सह-संयोजक श्री दिलीपजी बत्रा, श्री गोविंद अग्रवाल जी, श्री राजेंद्रजी बत्रा, श्रीमती पवनदेवी रावल जी, श्रीमती रीटा मल्होत्रा जी, नगरपालिका अध्यक्ष श्री संदीप घाटोंडे जी, मंडल अध्यक्ष श्री बंटी छागानी जी, श्री श्याम बत्रा जी, विद्यालय के प्राचार्य महोदय, शिक्षकगण, होनहार छात्र-छात्राएं एवं अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वीर बाल दिवस यह संदेश देता है कि वीरता उम्र की मोहताज नहीं होती।
साहिबजादों का बलिदान भारतीय संस्कृति और धर्म की अमर धरोहर है।

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