भाकपा की शताब्दी वर्ष समारोह पर कार्यकर्ताओं ने तीन किलोमीटर की दूरी तक निकाला जूलूस और किया जनसभा।
सोनभद्र /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

सोनभद्र। शुक्रवार को
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) का 100वाँ स्थापना दिवस सोनभद्र जनपद के नगवा विकास खण्ड में जोरदार तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर वैनी दूबेपुर मोड़ से पार्टी कार्यकर्ता आदिवासी, किसानों और मजदूरों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए करीब 3 किलोमीटर लंबा जुलूस निकाला, जो नगवा विकास खण्ड कार्यालय परिसर के समक्ष पहुंचकर जनसभा में तब्दील हो गया।
कार्यक्रम के दौरान नगवा बाँध से विस्थापित किसान एवं आदिवासी परिवारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही विकसित भारत विधेयक के तहत मनरेगा का नाम बदलकर “जी राम जी” किए जाने का भाकपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया। और लाल सलाम के नारे लगाए
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता कामरेड फूलचंद यादव( महासचिव उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन ) ने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूरों की जीवनरेखा और इसके स्वरूप से छेड़छाड़ गरीब विरोधी कदम है। उन्होंने विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और रोजगार की गारंटी की मांग की।
मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व विधायक एवं किसान सभा के महासचिव कामरेड राजेंद्र यादव ने भी वक्तव्य में कहा कि किसान, मजदूर और आदिवासी वर्ग को संगठित होकर अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करना होगा।आज किसान अपने उपज धान बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं विशिष्ठ अतिथि महिला फेडरेशन की नेत्री कामरेड रमा उदल ने महिलाओं से जुड़े सवालों पर अपनी बात रखी।
कार्यक्रम में भाकपा उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल सदस्य कामरेड शशिकांत कुशवाहा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला सचिव कामरेड आर.के. शर्मा ने भी सभा को सम्बोधित किया, किसान सभा और एटक से जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, जिला सह-सचिव बसावन गुप्ता, बलबीर सिंह, अमरनाथ, गुलाब, निडर, रामजनम कुशवाहा,प्रेम चंद गुप्ता,हृदय नारायण,वीरेंद्र कुमार, नागेन्द्र कुमार,लोक नाथ,राम दुलारे,
अमर नाथ (बीडीसी ) नंदूयादव,धन्नुराम,अनिल कुमार,संगीता देवी,सुमन देवी,सरस्वती,राधिका आदि व भाकपा पदाधिकारियों सहित सैकड़ों संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला मंत्री कामरेड राम रक्षा जी ने और संचालन पूर्व प्रधान चंदन प्रसाद व देव कुमार विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि आदिवासी, किसान और मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर नगवां बीडीओ को पत्रक भी दिया गया। और लाल सलाम नारा के साथ सभा समापन हुआ














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