लोकेशन मैनपुरी
नेत्रपाल श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ मैनपुरी
मिशन शक्ति फेज-5.0 का भव्य समापन, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने छात्राओं को सुरक्षा और सम्मान की शपथ दिलाई

जनपद मैनपुरी मिशन शक्ति फेज-5.0 के समापन समारोह के अवसर पर अमन इंटरनेशनल स्कूल में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने उपस्थित छात्राओं को शपथ दिलाते हुए कहा कि केंद्र-प्रदेश सरकार बालिकाओं की शिक्षा-सुरक्षा, स्वास्थ्य को लेकर बेहद संवेदनशील है, बालिकाओं-महिलाओं को स्वावलंबी, आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिलाओं को केंद्र बिंदु रख तमाम योजनाएं संचालित की हैं, जिनका लाभ पाकर आज महिलाएं अपने परिवार के साथ-साथ अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैं, प्रदेश सरकार ने बालिकाओं-महिलाओं को जागरूकता के उद्देश्य से मिशन शक्ति कार्यक्रम प्रारंभ किया, जिसके अंतर्गत अब तक पांच चरण संचालित हो चुके हैं, प्रत्येक अभियान की सफलता में जनपद की महिलाओं बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की है। उन्होंने कहा की शक्ति का मतलब किसी कार्य को कितने अच्छे ढंग से किया जा सकता है, कितना किस व्यक्ति में बल है, मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं-बालिकाओं की सुरक्षा-सम्मान और स्वावलंबन बनाना है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ही महिलाओं का सम्मान करना है, हमारे समाज में स्त्रियों को बहुत ऊंचा स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि सामन्यतः पुरुष शारीरिक रूप से अधिक बलवान होता है इसलिए उसका फायदा उठाकर वह महिला की आवाज को दवा देता है, आपनी गलत बात को भी अपनी तेज आवाज से सही सिद्ध करने की कोशिश करते हैं, महिलाओं की आवाज को सुनना, उनकी आवाज को कोई न दबायें, यही महिलाओं को सम्मान देना, मिशन शक्ति है।
श्री सिंह ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में महिलाओं-बालिकाओं से छेड़छाड़ करने वाले सामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की गई है, महिलाओं के लिए आज का वातावरण बेहद सुरक्षित है, आज महिलाएं-बालकाएं अपने आप को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्व पूरे समाज का है, पुरुषों को स्वीकार करना पड़ेगा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से काम नहीं है बल्कि कई क्षेत्रों में पुरुषों से काफी आगे हैं। उन्होंने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए मोहक कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित कार्यक्रम में बालिका ने शोहदों का मुकाबला किस प्रकार किया, बेहद सराहनी प्रस्तुति थी। उन्होंने कहा की शक्ति मांसपेशियों, मजबूत भुजाओं, लंबे कद में नहीं होती बल्कि शक्ति व्यक्ति के मस्तिष्क में होती है, मस्तिष्क ही मानव को दृढ़ संकल्पित रहने का हौसला देता है।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक-एक बालिका के दिमाग में यह बात भर देनी है कि उसे अपने पैरों पर खड़ा होना है, जब बालिका स्वावलंबी होगी, आर्थिक रूप से सशक्त होगी, तो उसे स्वयं अपनी सुरक्षा-सम्मान की समझ आएगी। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत परिवार, विद्यालय से होनी चाहिए, उसके बाद प्रशासन, पुलिस, समाज की भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि बचपन से ही बालिकाओं के ऊपर घर की जिम्मेदारी परिजनों द्वारा डाली जाती है, अधिकांश घर के काम बेटियों से कराये जाते हैं यदि हम घर से बेटा-बेटी में भेद-भाव को समाप्त कर दें तो बेटियों को समाज में सम्मान मिलेगा और मिशन शक्ति के कार्यक्रम भी सफल होंगे। उन्होंने कहा कि अधिकांश परिवारों में प्रारंभ से ही बेटे की चाहत ज्यादा होती है, बेटी के साथ पोषण से लेकर शिक्षा तक में भेदभाव किया जाता है, लड़के-लड़की की जीवन की प्राथमिकताएं परिजनों द्वारा अलग ढंग से तय की जाती हैं, इन सब कुरीतियों को मिलकर दूर करना होगा। उन्होंने उपस्थित छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा कि निर्णय लेने की क्षमता विकसित करें, गलत बात का डट कर विरोध करें।
बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा ने मिशन शक्ति-5.0 के समापन समारोह के अवसर पर उपस्थित छात्राओं को बाल विवाह के दुष्प्रभाव, बाल विवाह में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कानूनी प्राविधानों, बालिकाओं-महिलाओं की सुरक्षा हेतु केंद्र-प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरांे, बालिकाओं हेतु संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बाल सेवा योजना ,साइबर क्राइम आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विद्यालय की प्रबंधक सुमन चौहान, नितिन चौहान, प्रधानाचार्य गौरव अग्रवाल के अलावा शिक्षक, शिक्षिकाएं बड़ी संख्या में छात्राएं आदि उपस्थित रहे।
















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