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सोनभद्र – *सोनभद्र: “समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन” में बगावत, जिला महासचिव अमान खान ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी*

 

*सोनभद्र: “समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन” में बगावत, जिला महासचिव अमान खान ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी*

 

 

सोनभद्र ब्यूरो रिपोर्ट ही संतेश्वर सिंह

सोनभद्र, 20/12/2025 : ‘समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन’ की सोनभद्र जिला इकाई में आंतरिक कलह और नेतृत्व के प्रति असंतोष गहरा गया है। जिला महासचिव अमान खान ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष को एक कड़ा पत्र भेजकर जिले के दो शीर्ष पदाधिकारियों को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे अन्य सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक इस्तीफा दे देंगे।

*मुख्य आरोप और समस्याएं:*
जिला महासचिव अमान खान ने जिला प्रभारी इस्तियाक अली अंसारी और जिला अध्यक्ष मुमताज अली पर संगठन की छवि खराब करने और तानाशाही रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में उल्लेखित मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

*पद का दुरुपयोग:* आरोप है कि दोनों पदाधिकारी संगठन के नाम का उपयोग केवल अपने व्यक्तिगत संबंधों को साधने और रसूख दिखाने के लिए कर रहे हैं।

*अकर्मण्यता:* पिछले कई महीनों से जिले में संगठन की कोई आधिकारिक बैठक या जनसेवा का कार्य नहीं हुआ है। जनहित के प्रस्तावों को जिला प्रभारी द्वारा ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

*जनता की अनदेखी:* मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे जनता का विश्वास संगठन से उठ रहा है।

*तानाशाही व्यवहार:* कार्यकर्ताओं के प्रति अपमानजनक और तानाशाही पूर्ण व्यवहार के कारण संगठन में नई ऊर्जा और विचारों का रास्ता बंद हो गया है।

*अंतिम चेतावनी:*
अमन खान ने अपने पत्र में भावुक होते हुए लिखा है कि वे संगठन के सच्चे सिपाही हैं, लेकिन वर्तमान “दमघोंटू और अपमानजनक” माहौल में काम करना उनके लिए असंभव है। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व से मांग की है कि सोनभद्र जिला इकाई का तत्काल पुनर्गठन किया जाए।

“यदि इन पदाधिकारियों को पद से नहीं हटाया गया या स्थानांतरित नहीं किया गया, तो मैं भारी मन से अपने पद से त्यागपत्र दे दूंगा। मेरे साथ जिले के अन्य सक्रिय पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संगठन के शीर्ष नेतृत्व की होगी।” — अमान खान, जिला महासचिव, सोनभद्र।

इस चेतावनी के बाद अब सबकी नजरें संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व पर टिकी हैं कि वे सोनभद्र इकाई को बचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।

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