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बड़ागांव धसान -जिले के बड़ागांव कस्बे में नकली डीएपी खाद की कालाबाजारी,

बड़ागांव धसान -जिले के बड़ागांव कस्बे में नकली डीएपी खाद की कालाबाजारी,

किसानों को वर्गलाकर बेचा जा रहा है नकली खाद,
टीकमगढ़ म प्र से कविन्द पटैरिया पत्रकार


एंकर-सिंगल सुपर फास्टेक दाने दार खाद इसको राख वोलते है, इसकी कीमत मात्र 400 रुपए है,आलम यह है कि डीएपी खाद की खाली नक़ली बोरियां लेकर इसी दाने दार राख को पलटीं कर मार्केट में किसानों को 1900-2000 हजार रुपए तक में डीएपी खाद कि बोरियां बेचीं जा रही है ,कृषि विभाग के आला अधिकारी चैन की नींद में सो रहे हैं,खाद माफिया धता दिखाकर खुलेआम बेंच रहें हैं,

इस पूरे मामले में जब न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ की टीम को पता चला कि किस तरह से नक़ली खाद किसानों को सप्लाई किया जा रहा है आखिरकार दो किसान मिल ही गए वह अपना नाम लक्ष्मन रैकवार बतला रहें थे,और दूसरे ने अपना नाम नहीं बताया,रबी की फसल के लिए खाद ना मिलने के चलते अन्नदाता दर दर भटक रहा है,साहब हम लोग किसान है हम लोगों को नहीं पता कौनसा खाद नक़ली हैं कौनसा खाद असली है ,लोकल के कुछ दलालों के द्वारा जानकारी लगीं कि डीएपी खाद कि बोरियां दरगुवा रोड़ पर मिल रहीं हैं,बस जानकारी लगते हैं मौके पर पहुंचे रोड़ पर डीएपी खाद की बोरी रखीं हुई थी 1900 रुपए दिए और खाद लेकर जा ही रहा था रास्ते में किसानों ने कहां यह डीएपी खाद की बोरी नक़ली हैं,उसी जगह भीड़ इकट्ठा हो गई जानकारी लगते ही मौके पर पहुंची न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ की टीम ने खाद की बोरी को खुलवा कर किसान के हाथ पर खाद के दाने रखें पानी डलवा कर देखा तो किसान के दोनों हाथ काले पड़ चुके थे,और वह खाद मिट्टी बन चुका था

नक़ली खाद की जानकारी कलेक्टर विवेक श्रोतीय को दीं उन्होंने कार्यवाही की बात कही, आज दोपहर 4:00 बजे के लगभग तहसीलदार पलक जैन एवं कृषि विभाग के कर्मचारियों के द्वारा बस स्टैंड चौराहे से दो बोरी डीएपी खाद की जप्त की गई जिसमें कृषि विभाग के कर्मचारियों द्वारा जिन किसानों ने खाद खरीदा था उन किसानों के बयान लिए गए वा पंचनामा तैयार कर खाद की बोरी में से सैंपल लेकर लैब में भेजा गया इसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह खाद नकली है या असली है जिसमें कुछ किसानों के कथन भी लिए दिए गए हैं कि यह खास कहां से उपलब्ध हुआ था किसानों के द्वारा बताया गया है कि वार्ड नंबर 4 मिथिला खेरा में राकेश रैकवार के मकान में खाद रखा हुआं था,और हामिद खान के द्वारा यह डीएपी खाद दिलवाया गया था 1900 रूपए में, जबकि हामिद खान अपनी आटो टेक्सी चलाता है,यह सवाल खड़ा होता है कि आखिरकार यह नक़ली खाद आया कहां से कौन यह काला खेल खेल रहा है
[11/4, 6:55 PM]: टेक्सी चालक हामिद खान ने बताया है कि अमरपुर निवासी अजय यादव का फोन आया मेरे पास जब मैं टीकमगढ़ से बड़ागांव कि और आ रहा था, अजय ने बताया बड़ागांव बस स्टैंड पर दो ग्राहक हैं उन्हें लेकर आओ खाद कि बोरियां ले जाओ हामिद अपनी टेक्सी लेकर के लिए बोला मैं भाड़े के चक्कर में

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