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विजयदशमी उत्सव पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य पथ संचलन

ब्यूरो चीफ निखिल गोयल राजगढ़ मध्य प्रदेश

विजयदशमी उत्सव पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य पथ संचलन


माचलपुर:

विजयदशमी उत्सव के पावन अवसर पर नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य पथ संचलन निकाला गया। यह आयोजन केवल उत्सव तक सीमित न रहकर समाज के लिए संगठन, अनुशासन और संस्कृति का सशक्त संदेश लेकर आया। इस अवसर पर मध्य भारत प्रांत विद्या भारती के प्रांत संगठन मंत्री निखिलेश महेश्वरी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
विजयदशमी का महत्व और गौरवशाली इतिहास


अपने उद्बोधन में मुख्य वक्ता ने कहा कि विजयदशमी असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का पर्व है। भगवान श्रीराम ने इसी दिन लंका पर विजय प्राप्त कर मर्यादा, साहस और कर्तव्यपालन का आदर्श स्थापित किया। महिषासुर मर्दिनी माँ दुर्गा ने भी इसी दिन धर्म की रक्षा हेतु दुष्टों का संहार किया। इसीलिए विजयदशमी उत्सव हम सभी को अन्याय और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देता है।इस दिन हम शस्त्र और शास्त्र दोनों को पूजते हैं!
संघ स्थापना की पृष्ठभूमि और ध्येय
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयदशमी के दिन हुई थी। डॉ. हेडगेवार ने उस समय समाज में व्याप्त विभाजन, दुर्बलता और कुरीतियों को दूर कर राष्ट्रीय पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। संघ का ध्येय व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करना है।
पंच परिवर्तन और शताब्दी वर्ष की दिशा
संघ के शताब्दी वर्ष पर श्री महेश्वरी ने पंच परिवर्तन की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आगामी शताब्दी वर्ष में संघ समाज को पाँच बिंदुओं पर सजग और सक्रिय बनाने का संकल्प लेकर चल रहा है


1. सामाजिक समरसता – जाति, वर्ग और भेदभाव से मुक्त समाज।
2. कुटुंब प्रबोधन – संस्कारयुक्त, संगठित एवं सुदृढ़ परिवार।
3. पर्यावरण संरक्षण – प्रकृति का संवर्द्धन और संतुलन।
4. स्वदेशी जागरण – स्थानीय उत्पादन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।
5. नागरिक कर्तव्य पालन – जिम्मेदार और सजग नागरिक का निर्माण
अनुशासन और समरसता का परिचायक पथ संचलन


पथ संचलन में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों स्वयंसेवक शामिल हुए। गणवेश धारण कर कदमताल करते हुए स्वयंसेवक अनुशासन और संगठन का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे। पथ संचलन मार्ग पर जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर और स्वागत द्वार बनाकर कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया। जिसमें मातृ शक्ति ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया,नगर मे रंगोली व पुष्प वर्षा कर संचलन का जगह जगह स्वागत करते हुए “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष से नगर की गलियां गूंज उठीं। संचलन के दौरान छोटे-बड़े, युवा और वयोवृद्ध स्वयंसेवक एक ही धारा में चलते दिखाई दिए, जिससे समाज में समरसता और एकता का अद्भुत संदेश गया
नगरवासियों में उत्साह
विजयदशमी उत्सव के अवसर पर नगर में उत्साह का वातावरण रहा। पथ संचलन को देखने के लिए लोग घरों की छतों और मार्गों पर खड़े होकर स्वागत करते दिखाई दिए। नगर के नागरिकों ने कहा कि ऐसे आयोजन से समाज में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।

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