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महिलाओं और बालिकाओं के लिए पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान: “आत्मनिर्भरता और सुरक्षा” पर जोर

सत्यार्थ न्यूज वरिष्ठ पत्रकार हरिकृष्ण शुक्ल उन्नाव उत्तर प्रदेश

महिलाओं और बालिकाओं के लिए पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान: “आत्मनिर्भरता और सुरक्षा” पर जोर

उन्नाव, 01 अक्टूबर 2025:
ग्राम कुसुंभी में आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम ने पुलिस और प्रशासन की ओर से महिलाओं और बालिकाओं के प्रति संजीदगी और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। “मिशन शक्ति फेज 5.0” के तहत आज एक बड़ी पहल के रूप में महिलाओं को उनकी सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर पुलिस विभाग ने यह संदेश दिया कि “जागरूकता से अपराधों को कम किया जा सकता है”।

पुलिस अधीक्षक महोदय के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उप जिलाधिकारी हसनगंज, क्षेत्राधिकारी हसनगंज और प्रभारी निरीक्षक अजगैन ने महिलाओं और बालिकाओं से संवाद किया। इस आयोजन में महिलाओं को न सिर्फ अपराधों से बचने के उपाय बताए गए, बल्कि उन्हें विभिन्न हेल्पलाइन नंबर जैसे— 1090, 112, 1930, 1098, 181— के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पा सकें।

इस दौरान, महिलाओं और बालिकाओं को सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया, जो उनके जीवन को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। प्रमुख योजनाएं जिनके बारे में जानकारी दी गई, उनमें शामिल हैं:

* कन्या सुमंगला योजना
* बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
* मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
* प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
* सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) योजना
* प्रधानमंत्री फ्री सिलाई मशीन योजना

इसके साथ ही, महिलाओं को साइबर क्राइम से बचने के उपाय भी बताए गए, ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकें।

कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि “महिलाओं का जागरूक होना और अपनी सुरक्षा के बारे में जानना, समाज में अपराधों को कम करने की दिशा में सबसे अहम कदम है”। उन्होंने यह भी कहा कि “महिलाओं का सशक्तिकरण समाज की प्रगति के लिए बेहद आवश्यक है”*।

इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब महिलाएं जागरूक होती हैं, तो समाज की सुरक्षा में भी बढ़ोतरी होती है। महिलाएं अब सिर्फ अपनी सुरक्षा को लेकर नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और अवसरों को लेकर भी सजग हो रही हैं।

कार्यक्रम के समापन पर महिलाएं और बालिकाएं अपने सवालों के साथ उपस्थित थीं और अधिकारियों से योजनाओं के बारे में और जानकारी प्राप्त कर रही थीं। इस प्रकार, एक छोटे से कदम से समाज में बड़ा बदलाव लाने का यह प्रयास आगे चलकर उन्नाव जिले के अपराधों को कम करने और महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

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