सांसद बंटी साहू ने किया व्यापारियों से संवाद, गर्व से कहो हम स्वदेशी है का नारा किया बुलंद
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुर्णा मध्य प्रदेश

पांढुर्णा – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर सांसद बंटी साहू ने आज पांढुर्णा के लक्ष्मी स्मृति भवन में जिले के व्यापारिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि संभवतः ये देश का पहला सीधा संवाद कार्यक्रम होने जा रहा है। उन्होंने उपस्थित व्यापारी वर्ग से स्वदेशी उत्पाद ही खरीदने एवं बेचने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि आगामी 22 सितंबर से प्रारंभ हो रहे नवरात्र के पावन अवसर से जी एस टी की दरों में भारी कटौती की जा रही है , जो कि व्यापारी वर्ग के साथ ही उपभोक्ताओं के लिए भी एक बहुत बड़ी भेट है।

अपने संबोधन में आगे उन्होंने कहा कि ये आत्म निर्भर भारत और स्वदेशी की ही ताकत है जो आज भारत सुई से लेकर ब्रह्मोस मिसाइल तक बना रहा है और इसका निर्यात भी कर रहा है। जिसकी ताकत हमने हाल ही में पाकिस्तान से युद्ध में भी देखी। स्वदेशी और आत्म निर्भर भारत की दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण ही कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में भी देश के सभी नागरिकों को स्वदेशी वैक्सीन ने ही बचाए रखा। और पूरे विश्व में इस वैक्सीन के निर्यात किया गया। कुल टैक्स संग्रह और कुल टैक्स प्रदाताओं के आंकड़ों पर भी प्रकाश डाला, और कहा कि इस राशि का उपयोग देश के विकास और सुरक्षा पर होता है।
देश के विशाल मार्केट का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा देश कंज्यूम करने वाले उपभोक्ताओं का देश है, जितनी वस्तुएं यहां बनती है उनकी खपत भी यही हो जाती है इसलिए हमारे देश में मंदी जैसी कोई बात नहीं होती।
अमेरिकी टैरिफ पर कहा कि किसानों के हित से समझौता नहीं करने के कारण ही टैरिफ लगाया गया है। मोदीजी ने भी कहा है कि इससे हमे थोड़ा बहुत नुकसान तो होगा पर किसानों के हित के विरुद्ध कोई समझौता नहीं होगा। इस अवसर पर उपस्थित जनों को “गर्व से कहो हम स्वदेशी है” के स्टिकर भी वितरित किए गए।

इस अवसर पर ट्रांसपोर्ट यूनियन और सराफा एसोसिएशन ने अपनी अपनी समस्याओं से सांसद को अवगत कराया गया जिस पर सांसद ने जल्दी ही निराकरण की बात कही।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजू परमार, नपा अध्यक्ष संदीप घाटोड़े,नगर मंडल अध्यक्ष बंटी छंगाणी, उज्ज्वल सिंह चौहान, महेंद्र घोड़े , लोचन खवसे एवं अनेक कार्यकर्ता एवं व्यापारी उपस्थित थे।
















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