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संकट में गोवंश:औबेदुल्लागंज टोल नाके के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से तीन और मंडीदीप में एक गाय की मौत

संकट में गोवंश:औबेदुल्लागंज टोल नाके के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से तीन और मंडीदीप में एक गाय की मौत

पिछले साल 77, इस साल 50 दिन में ही 40 गोवंश कुचले


संवाददाता गोविन्द दुबे रायसेन

रायसेन/बारिश के सीजन में सड़कें ही गायों का अस्थायी आसरा और मौत के स्थान बन गए हैं। इस सीजन के महज 50 दिनों में वाहनों की टक्कर से 40 से अधिक गोवंश मारे जा चुके हैं। जबकि पिछले साल जुलाई से अक्टूबर के बीच 120 दिनों में 77 गोवंश मारे गए थे। 143 गोवंश घायल हुए थे।

ये हालात इसलिए भी बन रहे हैं कि जिले में 15500 गोवंश गोशालाओं में और करीब 10 हजार गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। इसी बीच औबेदुल्लागंज में टोल नाके से महज 200 मीटर दूर विशनखेड़ा गांव के पास गुरुवार सुबह करीब 4 बजे अज्ञात वाहन ने फिर 3 गोवंश को कुचल दिया। वही मंडीदीप में भी एक गोवंश की मौत हुई है। इस घटना से नाराज लोगों ने जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग 46 स्थित विशनखेड़ी गांव के पास सुबह एक घंटे चक्काजाम कर दिया। पुलिस प्रशासन ने मशक्कत कर चक्काजाम समाप्त करवाया।

गोशाला-गो अभयारण्य के ये दो प्रोजेक्ट फाइलों में, यहां रखे जा सकते थे 6 हजार गोवंश

पठारी (रायसेन) गोशाला: न तार फेंसिंग हो पाई, नशेड बनेः जिला मुख्यालय से महज 8 किमी की दूरी पर सांची विधानसभा के पाठारी गांव के पास पशु चिकित्सा विभाग के लिए 45 एकड़ चिह्नित की गई है। यहां 25 एकड़ रकबे में 1000 हजार गोवंश की क्षमता वाली गोशाला बनाई जाना है। इसके लिए पशु चिकित्सा विभाग द्वारा साढ़े 12 लाख की राशि आरईएस को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इससे तार फेंसिंग और टीनशेड लगाया जाना है। इसकी प्रक्रिया तीन साल से चल रही है। लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं हो पाया है। आईएस के कार्यपालन यंत्री शरद तंतुवाय के मुताबिक हम जल्द ही वर्कआर्डर जारी करने वाले हैं।

सांची और भोजपुर के विधायक बोले

जल्द ही काम शुरू कराने का करेंगे प्रयास

हमने पठारी में बड़ी गोशाला के लिए गो संवर्धन बोर्ड से राशि स्वीकृत कराई थी। इसके काम की प्रोग्रेस की जानकारी लेंगे, जहां भी दिक्कत है, उसे दूर कराकर जल्द ही काम शुरू कराने का प्रयास करेंगे। डॉ. प्रभुराम चौधरी, विधायक, सांची

हमने गोवंश की सुरक्षा का मुद्दा दिशा की बैठक में भी उठाया था। बाड़ी से लेकर मंडीदीप तक करीब 100 किमी की दूरी में गोशालाओं में गोवंश शिफ्ट कराने के लिए कहा है। एमपीआरडीसी के अधिकारियों को भी कहा है। चिकलोद के गो अभयारण्य का भूमिपूजन भी जल्द होगा। सभी लोगों से आव्हान करता हूं, अपने गोवंश सड़कों पर न छोड़ें, सभी लोग अपने स्तर पर भी प्रयास करें। सुरेंद्र पटवा, विधायक, भोजपुर

इनका कहना है:-

नेशनल हाइवे से गोवंश हटवाने के लिए ये हैं जिम्मेदार
करा रहे हैं पेट्रोलिंग

औबेदुल्लागंज टोल नाके के पास तीन गोवंश मरने की जानकारी नहीं है। हमने सड़क से गोवंश हटाने के लिए पेट्रोलिंग के निर्देश दिए हैं। इस पर और सख्ती की जाएगी। गोशाला की कमी से भी गोवंश शिफ्ट नहीं कर पा रहे हैं। -सोनल सिंहा, संभागीय मैनेजर, एमपीआरडीसी, भोपाल

जल्द बुला रहे हैं टेंडर

एनएचएआई के अधीन आने वाले एनएच 46 पर सेहतगंज के पास टोल नाका है। हम काऊ कैचर वाहन के लिए टेंडर बुला रहे हैं। जल्दी ही नेशनल हाइवे के इस हिस्से से गोवंश हटाने का काम शुरू करवाएंगे।-देवांश नोवल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

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