किसी के अनुग्रह का मोहताज नहीं है भारत _ अम्बरीष
सोनभद्र /संतेश्वर सिंह

विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय मंत्री और राष्ट्रीय प्रवक्ता अम्बरीष ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत ‘भारत’ के बल पर शीर्ष पर है। उन्होंने कहा कि न दैन्यम न पलायनम, हम विश्व के सबसे प्राचीन देश हैं और हमारी समृद्ध विरासत और संस्कृति का गौरवपूर्ण इतिहास है।
अमेरीकी राष्ट्रपति के टैरिफ के निर्णय के संदर्भ में पूछी गई प्रतिक्रिया में अम्बरीष ने कहा, “पश्चिम जब पेड़ की छाल पहनकर जंगलों में भटक रहा था, तब हमने नक्षत्रों की दूरियां नाप ली थीं। दिल्ली का लौह स्तम्भ, ढाका का मलमल, अजंता और एलोरा की गुफाएं हमारी प्रतिभा, मेधा, श्रम और साधना के जीवित जागृत प्रमाण हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “सैकड़ों वर्ष तक परकीयों से संघर्ष कर अगणित बलिदान देकर हमने अपने कला, कौशल और जीवन मूल्यों की रक्षा की है। आज हम ‘विश्व के स्वयंभू दरोगा’ की ईर्ष्या और दुनिया के लिए आश्चर्यमिश्रित ‘कूतूहल’ के पात्र बने हैं, तो वह किसी की कृपा और अनुग्रह के बल पर नहीं, अपितु अपने देशवासियों के श्रम, समर्पण, प्रतिभा और अपने कुशल और सक्षम नेतृत्व की योग्यता के बल पर।”
अम्बरीष ने कहा, “हम खड़े हैं, खड़े रहेंगे अपने बल पर। आगे बढ़ेंगे, बढ़ते रहेंगे। भारतमाता एक बार पुनः दुनिया के सर्वोच्च सिंहासन पर विराजमान होगी और विश्व का मार्गदर्शन करेगी। किसी को भी भ्रम नहीं होना चाहिए अपने बारे में और न ही हमारे बारे में। भारत, भारत के बल पर शीर्ष पर पहुंचेगा ही, किसी ‘ऐरे गैरे नत्थू खैरे’ के अनुग्रह के हम मोहताज नहीं हैं।”















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